टुडे न्यूज़युवा प्रतिभा

धरती के कण कण में 

धरती के कण कण में  जिसका आभास है

हिसार टुडे ।संध्या चतुर्वेदी
धरती के कण कण में
जिसका आभास है
ये ही महारास है।
अंतर्मन में जिसका
वास है मिलन उस से
ये ही महारास है।
दो दिल का एक
जान हो जाना
प्यार का अहसास है।
ये ही महारास हैं।
धरती से अम्बर तक
देखो हो रही हैं
अमृत की बरसात
ये ही महारास है।
राधे का श्याम से
श्याम का राधा से
मिलन ये कुछ खास है
ये ही महारास है।
जब भींग जाये मन
प्रभु के संग तब
होता जो अहसास
वो कुछ खास है
ये ही महारास हैं।
हाँ ये ही असली
रास है, महारास हैं।।
Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close