युवा प्रतिभा

उमड़ -घुमड़ व्याकुलता लाते – रीना गोयल

युवा प्रतिभा

हिसार टुडे । 

उमड़ -घुमड़ व्याकुलता लाते,
मन विचलित कर जाते हैं।
मुझ बेकल का मन तड़पाने,
बादल घिर कर आते हैं ।।

मेरे सपनों का मुख- मंडल
ढक जाये आँचल बनकर
कंपित मन को यूँ कर जाते
शीत वायु निष्ठुर बनकर।
किन्तु स्नेह से भी भर जाते,
अद्भुत इनसे नाते हैं ।।

बादल घिरकर आतें हैं …..
कभी अचानक
कर्कश ध्वनि से,
विषद विरह का गान करे।
सहानुभूति न तनिक दिखाते
जी मेरा हलकान करें ।
पैने घातक तीर चलाकर
घाव जिया कर जातें हैं।।

बादल घिरकर आतें हैं …..
आँसू की इक अविरल धारा ,
मेघों के सँग बरस रही।
पंथ न सूझे, भाव न बूझे,
एक झलक को तरस रही।
बिसर गयी सारी ऋतुओं पर
बादल आस जगातें हैं ।।
बादल घिरकर आतें हैं …

रीना गोयल

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