युवा प्रतिभा

माँग लिया है झोली भरकर…

Hisar Today

रीना गोयल
कवयित्री

माँग लिया है झोली भरकर,
साजन मैंने प्यार तुम्हारा ।
नयन झरोखें तुम्हे बिठाकर,
दिवस रैन बस तुम्हें निहारा ।
तुम ही रब जैसे लगते हो,
कैसी तुमसे प्रीत लगाई,
बाँधा तुमको हृदय डोर से,
दुनिया से मैं हुई पराई ।
कभी तिक्त है कभी
शहद सा,
अधर धरूँ जब प्यार तुम्हारा।
नयन झरोखें तुम्हे बिठाकर,
दिवस रैन बस तुम्हें निहारा..
लगन लगी ऐसी प्रियतम पर,
तन क्या मन भी वार चुकी हूं।
बेचैनी यह कैसी पाली,
चैन सुकूँ ही हार चुकी हूं ।
मखमल सम है कभी नरम तो,
कभी खुरदुरा प्यार तुम्हारा ।।
नयन झरोखें तुम्हे बिठाकर ,दिवस रैन बस तुम्हें निहारा ……
प्रेम दिवानी बनी राधिका,
श्याम रंग में मन मतवाला।
भजती निशदिन मीरा रानी,
मूरत ले गिरधर गोपाला।
दिव्य प्रेम वश
वन-वन डोलें,
दोनों ही तजकर घर-द्वारा।
नयन झरोखें तुम्हे बिठाकर,
दिवस रैन बस
तुम्हें निहारा ………

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