युवा प्रतिभा

कल और आज

Hisar Today’

आशुतोष
पटना, बिहार

एक होता था राजा
पूरे व्रह्माण्ड पर भारी
उनसे डरते थे दुष्ट दुराचारी।
त्रस्त होते लोग
भ्रष्ट होते लोग
आधुनिकता की चादर में
असभ्य होते लोग।
पथ न मंजिल
इधर-उधर भटकते लोग
मान मर्यादा इज्जत प्रतिष्ठा से
वेफिक्र होते लोग।
वेहिसाब नफरतो का
एक दूसरे पर
तोहमतो का
पग-पग लगा डेरा
गलतफहमियों के शिकार होते लोग।
झूठ फरेब के श्रृंगार से
सुन्दरता का वखान
करते लोग
पीठ पीछे शिकायतों का
भरमार करते लोग।
भय जन अनमोल है
भय बिन न संस्कार
भय बिन दंड के
दुराचारी सजे दिन-रात।

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