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नौनिहालों के भविष्य के लिए महिलाओं ने संभाली कमान

बोली, दो माह में बच्चों को नई ईमारत बना कर दे प्रशासन

टुडे न्यूज | हिसार

चेतावनी दे बोली, नींद से नहीं जागे अधिकारी तो करेंगे हर प्रकार का विरोध

तालाबंदी से होगी शुरुआत, भूख हड़ताल से लेकर अधिकारियों का करेंगे धेराव

हिसार। निकटवर्ती गांव घिराय में वर्षों पुरानी खस्ताहाल प्राईमरी स्कूल की ईमारत में शिक्षा ग्रहण करने वाले नौनिहालों के उज्जवल भविष्य के लिए अब कई गांवों की दर्जनों महिलाओं ने मोर्चा संभाल लिया है।

इन महिलाओं ने स्पष्ट तौर पर जिला प्रशासन को दो माह में नई ईमारत बनाने का अल्टीमेटम दे दिया है। राह क्लब बरवाला की उप-प्रधान समाज सेविका रिया सुलखनी की अगवाई में इन महिलाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जिला प्रशासन उनकी इस समस्या का समाधान नहीं कर पाया तो वे स्कूल के गेट पर तालांबदी से लेकर भूख हड़ताल व उसके बाद अधिकारियों का घेराव करने से गुरेज नहीं करेगी। इससे पहले रिया सुलखनी की अगवाई में महिलाओं ने रोष प्रदर्शित किया। गुस्साई महिलाओं ने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में स्कूल के इंचार्ज के आश्वासन के बाद महिलाओं ने अल्टीमेटम देकर जल्द कार्यवाही करवाने की बात कहीं है।

किस कक्षा में कितने विद्यार्थी

इस स्कूल में कुल 86 बच्चे पढ़ते हंै। जिसमें पहली कक्षा में 15, दूसरी कक्षा में 20, तीसरी कक्षा में 15, कक्षा चौथी में 20 तथा कक्षा पांचवी में 16 विद्यार्थी यहां पर शिक्षा ग्रहण करते हैं। साथ ही बड़ी बात यह है कि यहां ईमारत खस्ताहाल होने के कारण भी बच्चों के दाखिले कम हुए हैं।

बारिश में टपकती हैं छत

ग्रामीणों के अनुसार घिराय के प्राईमरी स्कूल में रसोई घर सहिेत 5 कमरे हैं, सभी कमरे खस्ताहाल हैं। इसकी छतों का प्लास्टर टूटकर नीचे गिर रहा है। जब भी बरसात आती है तो छत टपकने लगती है। वैसे भी गांव में सेम की समस्या है। यह ईमारत भी पूर्णरुप से सेमग्रस्त हो गई है और अंदर जाने से डर लगता है।

क्या कहते हैं सरपंच

गांव के सरपंच राजेश बूरा के अनुसार इस खस्ताहलात स्कूल के संबंध में विभाग को पहले भी कई बार अवगत करवा चुके हैं, मगर इस दिशा में शिक्षा विभाग या जिला प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। वे कहते हैं कि यहां कोई हादसा होता है तो उसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारी ही दोषी होंगे।

अभिभावकों ने जताया रोष

चमेली, छबीली, दरिया,रिटायर मिस्टर जयपाल सिंह, नीलम, मंगल, रामकिशन, सतपाल, मास्टर बन्नी सिंह सहित अनेक ग्रामीण महिलाएं ने बताया कि जर्जर बिल्डिंग को लेकर बच्चों के परिजनों में गहरा रोष है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इस संंबंध में जानबुझ कर लापरवाही बरत रहा है।

इंक्वायरी करवाई जाएगी: बीईओ

इस संबंध मेंं हांसी खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. सुभाष से बात की गई तो उन्होंने कहा कि घिराय गांव की पुरानी बिल्डिंग किस हालत में है मुझे जानकारी नहीं है। यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। मामले की इंक्वायरी करवाई जाएगी।

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