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वेद नारंग हो सकते है भाजपामय, जिताऊ उम्मीदवार पर दांव लगाएंगे खट्‌टर

आदमपुर में मजबूत दावेदार की भाजपा को तलाश, दावेदार न मिलने पर नलवा से गंगवा को किया जा सकता है शिफ्ट | जिताऊ उम्मदवारों पर ही भाजपा खेलगी दांव | आदमपुर और उकलाना में टक्कर की उम्मीद | महिलाओं को भी टिकट मिलने की उम्मीद

अर्चना त्रिपाठी| हिसार टुडे
हरियाणा में इनेलो का कुनबा धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। विधायकों की संख्या 19 से कम होकर मात्र सात रह गई है। जींद उपचुनाव से ठीक पहले टूटी पार्टी और चौटाला परिवार को आए दिन एक के बाद एक विधायक छोड़ कर दूसरी पार्टी में जाते जा रहे हैं। इनेलो के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला के करीबी नेताओं ने भी उनका साथ धीरे-धीर छोड़ना शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार इनेलो के और बड़े नेता अभी भी भाजपा नेतृत्व के संपर्क में बने हुए हैं। इन नेताओं का पेंच सिर्फ आगामी विधानसभा चुनाव में मनमाफिक सीटों से टिकट को लेकर फंसा हुआ है। सूटेबल एडजेस्टमेंट होते ही इनेलो को और बड़े झटके लग सकते हैं।

बता दें कि पार्टी के बचे हुए सात विधायकों में से भी कुछ भाजपा नेताओं से बीते दिनों मुलाकात कर चुके हैं। जिसे देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्दी कुछ और इनेलो विधायक भाजपा में जाने की तैयारी में हैं। पार्टी अध्यक्ष अशोक अरोड़ा के इस्तीफा देने के बाद अब हाल में उनके और माजरा द्वारा मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात के बाद इन इनेलो विधायकों का भगवा धारण करने के आसार अधिक हो गए हैं। वहीं बात करे बरवाला विधानसभा क्षेत्र में इनेलो विधायक वेद नारंग की, माना जा रहा है कि उन्हें भी भाजपा भगवामय करने में लगी है, मगर पेंच फंसा है बरवाला सीट पर टिकट को लेकर। अगर पार्टी नारंग को बरवाला से भाजपा की टिकट से चुनाव लड़वाती है तो उनका उनका भगवामय बनना तय माना जा रहा है। बता दें पिछली बार भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ने वाले भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पुनिया इसी टिकट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, ऐसे में भाजपा के लिए यहां सरदर्द बनकर साबित होगा। इतना ही नहीं पूर्व विधायक रामबीर सिंह ने भी इनेलो से इस्तीफा दे दिया है मना जा रहा है कि वह भी भाजपा में अपनी निष्ठा जताएंगे।  हालांकि माना जा रह रहा है कि इस बार भाजपा मिशन 75 को पूरा कर 85 पार पहुंचने के लिए जिताऊ उम्मदवारों को ही टिकट देने की तैयारी में है।

बरवाला, नारनौंद, आदमपुर और हांसी में भाजपा का फोकस

हिसार संसदीय क्षेत्र में आने वाले 9 विधानसभा क्षेत्र में से भारतीय जनता पार्टी की झोली में 2014 में हिसार, नारनौंद, उचाना, भवानीखेड़ा में जीत हासिल हुयी थी । जबकि इनेलो को 2 नलवा और बरवाला और जनहित कांग्रेस पार्टी जो अब कांग्रेस में विलीन हो चुकी है उसने 2 सीट हांसी और आदमपुर को भाजपा को शिकस्त दी थी। मगर इस बार भाजपा की टीम ने हिसार के अंतर्गत आने वाले सभी विधानसभा सीटों को भाजपामय करने की कोशिशें तेज कर दी, जिसका परिणाम ही था कि नलवा से जहां मजबूत नेता रणबीर गंगवा को पार्टी में शामिल कर दिया। इतना ही नहीं हांसी में कुलदीप बिश्नोई के समर्थक पूर्व सीपीएस विनोद भयाना को भाजपा ने 2018 को अपनी पार्टी में शामिल कर एक बड़ा गेम खेला। अब चर्चा में है वेद नारंग को भी भाजपा बरवाला से टिकट का लालच देकर खड़ा कर दें, यानि नलवा, हांसी और अब बरवाला में सेंध लगाने की कोशिश। भाजपा उकलाना में भी अपनी जीत सीमा गैबीपुर को लेकर सुनिश्चित कर रही है, क्योंकि यहां के इनेलो विधायक अनूप धानक इन दिनों जननायक जनता पार्टी पर अपनी आस्था जता चुके हैं, बस पेंच आदमपुर पर फंसा है।

भाजपा ने इनेलो को कहां-कहां से किया क्लीन बोल्ड

इनेलो के विघटन का फायदा उठाकर भाजपा भी पूरी सेंधमारी में जुटी है। इनेलो के खिलाड़ियों को भाजपा ने सबसे अधिक क्लीन बोल्ड मेवात, पलवल, रोहतक, नलवा, जींद, फतेहाबाद में किया है। वैसे इनेलो के ये विधायक हो चुके भाजपाई जिसमें शामिल है नलवा से रणवीर गंगवा, पलवल के हथीन से केहर सिंह रावत, फतेहाबाद से बलवान सिंह दौलतपुरिया, मेवात के नूंह से जाकिर हुसैन व जींद के जुलाना से परमिंद्र ढुल। बता दें कि इनेलो नेता अभय चौटाला, माखन लाल सिंगला, ओमप्रकाश बरवा, रामचंद्र कंबोज, प्रो. रविंद्र बलियाला व वेद नारंग अब तक इनेलो में बचे हुए हैं। नगेंद्र भड़ाना ने इनेलो नहीं छोड़ी है, लेकिन वह पार्टी की किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होते। उनका झुकाव भाजपा की ओर है। बीते दिनों रतिया से विधायक रविंद्र बलियाला की भाजपा प्रदेशाध्यक्ष से चंडीगढ़ में मुलाकात हुई है जिसके चलते भाजपा का कुनबा बढ़ता जा रहा है।

पूर्व विधायक रामबीर सिंह ने दिया इनेलो से इस्तीफा, भाजपा में जाने की अटकलें

वहीं पटौदी विधानसभा के पूर्व विधायक रामबीर सिंह ने भी इनेलो से इस्तीफा दे दिया और अब उम्मीद की जा रही है कि वह जल्द ही भाजपा में शामिल हो सकते हैं। बता दें कि पटौदी के पूर्व विधायक रामबीर सिंह शिक्षा बोर्ड हरियाणा के पूर्व चेयरमैन भी रहे हैं। वे कांग्रेस में भी रहे हैं। इतना ही नहीं इससे पहले इनेलो के वरिष्ठ नेता गोपीचंद गहलोत, इनेलो के फरीदाबाद जिला में महामंत्री रहे पवन रावत भी भाजपा में शामिल हो चुके हैं। गोपीचंद गहलोत को मुख्यमंत्री ने खुद पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। इतना ही नहीं अभी हाल में वरिष्ठ इनेलो नेता अशोक अरोड़ा और रामपाल माजरा ने भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की थी। हालांकि अशोक अरोड़ा ने ऐसी कोई भी मुलाकात होने से इनकार किया था। सीआइडी के सूत्रों का कहना है कि चंडीगढ़ में सीएम निवास पर मंगलवार रात को सवा दस बजे से दस बजकर 45 मिनट तक अरोड़ा और माजरा मुख्यमंत्री के साथ रहे। इसके बाद अटकलें लगने लगी कि वे भी भाजपा में शामिल हो सकते हैं। बता दें कि इनेलो के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक अरोड़ा और पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा पार्टी की जान समझे जाते हैं।

आदमपुर में भाजपा को मजबूत दावेदारों की तलाश

कांग्रेस नेता कुलदीप बिश्नोई का नाम जब भी लिया जाए तो आदमपुर का नाम सामने आ जाता है। कुलदीप बिश्नोई से टक्कर लेने के लिए भाजपा को किसी मजबूत उम्मीदवार को चुनाव में उतारना पड़ेगा। यही कारण है इस बार भाजपा आदमपुर से मजबूत उम्मीदवार की तलाश खत्म नहीं कर पायी है। सूत्र यह भी बताते हैं कि भाजपा को कोई मजबूत प्रत्याशी नहीं मिला तो तो वह नलवा से गंगवा को आदमपुर में लड़ा सकती है और नलवा की टिकट किसी और को दे सकती है।

जिताऊ उम्मीदवार को टिकट देने के निर्णय से हिसार संसदीय क्षेत्र में आने वाले इन नेताओं के टिकट फाइनल

हिसार विधानसभा क्षेत्र डॉ कमल गुप्ता, नलवा से रणबीर गंगवा, उचाना से प्रेमलता, उकलाना सीमा गैबीपुर, हांसी विनोद भयाना और गायत्री देवी के बीच टक्कर, नारनौंद कैप्टन अभिमन्यु, बरवाला में वेद नारंग अगर भाजपा में शामिल होते हैं तो उनकी टिकट पक्की, वहीं उनके पार्टी में शामिल न होने पर सुरेंद्र पूनिया की टिकट तय मानी जा रही है।

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