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पहली बार मेवात के चुनाव की मुख्य धारा में दिख रही भाजपा

वर्ष 2014 के चुनाव में भाजपा केवल सोहना सीट ही जीत सकी थी। हथीन नूंह व फिरोजपुर झिरका इनेलो के खाते में गई थी तो पुन्हाना से निर्दलीय ने जीत हासिल की थी।

हिसार टुडे

प्रदेश की राजनीति में मेव (मुस्लिम) बहुल मेवात क्षेत्र का काफी दखल रहा है। जिस तरह से मेवात में युवा पीढ़ी नेतृत्व के रूप में उभरकर आ रही है, उससे न केवल राजनीति की सोच बदल रही है, बल्कि पुराने राजनीतिक घरानों की साख भी दांव पर लगती दिख रही है।

नूंह जिले की सभी विधानसभा सीटों के साथ पलवल जिले की हथीन और गुरुग्राम जिले की सोहना विधानसभा सीट का कुछ हिस्सा मेवात में आता है। नूंह, पुन्हाना, फिरोजपुर झिरका विधानसभा सीट पर मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। इसके अलावा सोहना और हथीन सीट पर किंगमेकर की भूमिका में हैं।

बदल गया राजनीतिक परिदृश्य 

वर्ष 2014 के चुनाव में भाजपा केवल सोहना सीट ही जीत सकी थी। हथीन, नूंह व फिरोजपुर  झिरका इनेलो के खाते में गई थी तो पुन्हाना से निर्दलीय ने जीत हासिल की थी। इस बार राजनीतिक परिदृश्य बदल चुका है। अब तक भाजपा के लिए बंजर बनी यहां की सियासी खेती उपजाऊ नजर आने लगी है। पिछली बार नूंह सीट से इनेलो के टिकट पर जीतकर विधायक बने जाकिर हुसैन और फिरोजपुर झिरका से विधायक बनने वाले नसीम अहमद इस पर भाजपा के निशान पर चुनाव मैदान में हैं

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