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हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के घर और एनसीआर समेत 30 जगहों पर सीबीआई का छापा

-जींद उपचुनाव और प्रियंका के कांग्रेस में आधिकारिक एंट्री से भाजपा के बदले की भावना पर कार्यवाई का आरोप

जींद उपचुनाव के ठीक पहले और प्रियंका गांधी की राजनीति में एंट्री होने के बाद ऐसी उम्मीद की जा रही थी कि अब उन केसो में तेज़ी आएगी जिसका सीधा संबंध रोबर्ट वाड्रा से लेकर हो। ऐसा ही आज हरियाणा में देखने को मिला जब पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा के रोहतक स्थित आवास पर सीबीआई ने शुक्रवार सुबह छापा मारा है।
अपनी इस कार्यवाई के दौरान सीबीआई अधिकारी ने भूपेंद्र हुडा के साथ किसी को भी घर के अंदर या वहां से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी। सीबीआई की टीमों ने हुड्डा के दिल्ली-एनसीआर में एक साथ 30 से अधिक जगहों पर छापा मारा। सीबीआई  टीम ने पूरे परिसर को सील कर दिया। दो गाड़ियों में सवार होकर पहुंची सीबीआई टीम के सदस्‍यों ने घर के अंदर न तो किसी को जाने दिया और न ही किसी को निकलने दिया।
इससे पहले भी सीबीआई की टीम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के मकान पर जांच कर चुकी है। इसके अलावा, कथित भूमि घोटाले से जुड़े केस में सीबीआई दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में 30 से ज़्यादा ठिकानों पर छापे मार चुकी है।सीबाआइ की छापेमारी से राेहतक शहर में सनसनी फैल गई। इस बारे में सूचना मिलने के बाद हुड्डा और कांग्रेस समर्थक पूर्व सीएम के घर के पास जुटने लगे। 
बताया जा रहा है कि सीबीआई ने यह छापा साल 2005 में असोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को गलत तरीके से जमीन आवंटित करने के मामले में मारा है। इस बीच एक समाचार न्यूज चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक सीबीआई ने हुड्डा के खिलाफ एक नया मामला भी दर्ज किया है।
बता दें कि सीबीआई ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और एजेएल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। यही नहीं हाल ही में हरियाणा के राज्यपाल नारायण आर्य ने बहुचर्चित एजेएल मामले में सीबीआई को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ अभियोग चलाने की मंजूरी दी थी।
पूर्व मुख्यमंत्री पर एजेएल को उसके अखबार नैशनल हेरल्ड के लिए पंचकूला में नियमों के खिलाफ जमीन अलॉट करने का आरोप है। मौजूदा बीजेपी सरकार ने साल 2016 में यह मामला सीबीआई के सुपुर्द कर दिया था।
पूर्व स्‍पीकर कुलदीप शर्मा का आरोप, जींद उपचुनाव के कारण हुई सीबीआई की कार्रवाई
वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता और विधानसभा अध्‍यक्ष कुलदीप शर्मा ने कहा है कि यह कार्रवाई जींद के उपचुनाव को प्रभावित करने के लिए किया गया है। भाजपा किसी भी तरीके से जींद का उपचुनाव जीतना चाहती है और इसी कारण ये कार्रवाई की गई है। उन्होंने आगे कहा कि जींद में भूपेद्र सिंह हुड्डा की रैली है और यह कार्रवाई हुड्डा को इस रैली में रोकने के लिए ही की गई है। हुड्डा के खिलाफ कार्रवाई  राजनीतिक द्वेष की भावना से की गई है। हुड्डा के आवास पर पूर्व मंत्री गीता भुक्‍कल और विधायक करण सिंह दलाल भी पहुंचे।
दीपेंद्र हुड्डा बोले, जीेंद रैली में जाने से रोकने के लिए सीबीआई से छापा डलवाया गया
बता दें कि जिस दिन रेड पड़ी उसी दिन भूपेंद्र सिंह हुड्डा को जींद में उपचुनाव के दौरान एक रैली को संबो‍धित करना था, लेकिन सीबीआई की कार्रवाई के कारण उन्हें काफी देर तक घर पर ही रुकना पड़ा। उन्होंने भाजपा सरकार पर राजनीतिक साजिश के तहत सीबीआई द्वारा छापे डलवाने की बात कही। उन्होंने कहा कि सीबीआई चार साल से छापेमारी कर रही है लेकिन उनको कुछ नहीं मिला है। सीबीआई ने हुड्डा को जींद रैली में जाने से रोकने के लिए यह छापा मारा है। सांसद दीपेंद्र हुड्डा आवास से बाहर निकल कर जींद रैली के लिए जैसे ही रवाना हुए, मीडिया ने उन्हें घेर लिया उन्होंने कहा कि , भाजपा ने यह द्वेष पूर्ण कार्रवाई की है। यह भूपेंद्र हुड्डा को जींद के लिए रोकने की साजिश है। मैं जींद रैली में हुड्डा का संदेश पहुंचाऊंगा। भाजपा कितना ही जोर लगा ले  हम न तो डरने वाले हैं और न ही चुप होने वाले। हम ऐसे ही आवाज उठाते रहेंगे।
सीबीआई ने ताले खुलवाने के लिए दो कारीगर बुलाए, करीब 10 अलमारियों को खुलवाया
हुड्डा के घर के अंदर ताला खुलवाने के लिए एक कारीगर को ले जाया गया।  हुड्डा के मकान में सीबीआई ने ताले न खुलने पर कारीगर को बुलाया। वहां ताला खोलने वाले दो कारीगरों को बुलाया गया। कारीगर कुलदीप और दारा सिंह को मकान के अंदर ले जाया गया। दोनों ने मकान से बाहर आने के बाद बताया कि सीबीआई टीम ने उनसे करीब 10 अलमारियों के ताले खुलवाए।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
भूपेंद्र सिंह हुड्डा के घर पर सीबीआई द्वारा छापे मारने की सूचना के बाद काफी संख्‍या में कांग्रेस और हुड्डा समर्थक जमा हो गए। उन्‍होंने घर के बाहर नारेबाजी करनी शुरू कर दी। वहां पहुंचे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना था कि यह कार्रवाई भाजपा सरकार के इशारे पर राजनीति बदले के लिए की गई है। कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार विरोधी नारेबाजी की और इस कार्रवाई को साजिश बताया।
ऐसे किया गया जमीन आवंटन में ‘खेल’  
आरोप है कि पूर्व मुख्यमंत्री ने 28 अगस्त 2005 को पद का दुरुपयोग करते हुए एजेएल को पंचकूला में जमीन का आवंटन बहाल किया। यह जमीन एजेएल को 30 अगस्त 1982 में आवंटित की गई थी। शर्त यह थी कि कंपनी छह महीने में जमीन पर कंस्ट्रक्‍शन करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो 30 अक्टूबर 1992 को पंचकूला के संपदा अधिकारी ने जमीन रिज्यूम कर ली। साथ ही 10 फीसदी राशि में कटौती कर बाकि राशि 10 नवंबर 1995 को लौटा दी गई। इसका एजेएल ने विरोध किया और राजस्व विभाग के पास अपील की। यहां भी एजेएल को राहत नहीं मिली।
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