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मोदी को जीत पर सेना का तोहफा: ऐसे ढेर हुआ कश्मीर का सबसे कुख्यात आतंकी जाकिर मूसा

जाकिर मूसा की मौत के बाद घाटी में हिंसा की आशंका को देखते हुए इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है और त्राल के ददसरा गांव समेत पूरे इलाके में सुरक्षाबलों की भारी तैनाती की गई है. मूसा त्राल के ददसरा गांव में ही एक घर में छिपा हुआ था.

एक तरफ जहां देश में चुनाव परिणाम और सत्ता में मोदी की मैजिकल वापसी की धूम थी गुरुवार शाम दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों को जाकिर मूसा जैसे खूंखार आतंकी को मारने में बड़ी सफलता मिली. पुलवामा जिले के त्राल क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ और भीषण गोलीबारी के बाद हिज्बुल मुजाहिद्दीन के पूर्व कमांडर और अब जम्मू-कश्मीर आईएस के कमांडर आतंकी जाकिर मूसा को मार गिराया. 11 घंटे तक चले ऑपरेशन में मूसा को आखिरकार रात के करीब 2 बजे मार गिराया.

इस एनकाउंटर को 42 राष्ट्रीय रायफल, एसओजी और सीआरपीएफ की टीम ने अंजाम दिया. जाकिर मूसा की मौत के बाद घाटी में हिंसा की आशंका को देखते हुए इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है और त्राल के ददसरा गांव समेत पूरे इलाके में सुरक्षाबलों की भारी तैनाती की गई है. मूसा त्राल के ददसरा गांव में ही एक घर में छिपा हुआ था.

कैसे मारा गया जाकिर मूसा

गुरुवार की शाम को जैसे ही सुरक्षाबलों और एसओजी की टीम को खबर मिली कि त्राल के ददसरा गांव में मूसा एक दवाई बेचने वाले दुकानदार के घर में छिपा हुआ है वैसे ही पूरे इलाके को घेर लिया गया. सेना ने ऑपरेशन के बीच जाकिर मूसा से सरेंडेर कराने की भी कोशिश की. इसके लिए घर के मालिक को बात के लिए अंदर भी भेजा गया लेकिन जाकिर मूसा ने सरेंडर से इनकार कर दिया. इसके बाद सुरक्षाबलों ने उस पूरे घर को उड़ा दिया.

सरेंडर कराने की कोशिशों के बीच मूसा घर में छिपकर ही सुरक्षाबलों को निशाना बनाकर फायरिंग करने लगा. एसओजी की टीम ने भी जवाबी फायरिंग शुरू कर दी और कई घंटों तक दोनों तरफ से गोलीबारी होती रही. शाम से जब रात हो गई और दोनों तरफ से गोलीबारी होती रही तो एसओजी अधिकारियों को लगा कि रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मूसा भाग सकता है.

फिर रात को सेना और एसओजी के अधिकारियों ने उस घर को बम से उड़ाने का फैसला कर लिया जिसमें जाकिर मूसा छिपकर गोलियां चला रहा था. सेना ने तैयारी की और उस घर को धमाके से उड़ा दिया. घर के साथ ही जाकिर मूसा का भी अंत हो गया.

सरेंडर कराना चाहते थे अधिकारी

जाकिर मूसा की मौत के बाद शुक्रवार की सुबह 6 बजे सुरक्षाबलों ने उसके शव की पहचान कर ली. मूसा का शव ब्लास्ट किए गए घर के मलबे के नीचे मिला.

जाकिर मूसा के खात्मे को लेकर एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हम जाकिर मूसा पर दबाव बनाकर सरेंडर करवाना चाहते थे लेकिन उसने सुरक्षाबलों पर यूबीजीएल जैसे भारी हथियार से फायरिंग शुरू कर दी जिसके बाद हमने भी जवाबी कार्रवाई की और वह मारा गया’.  वहीं एनकाउंटर को लेकर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा कि सुरक्षाबलों को त्राल में आतंकी जाकिर मूसा के छुपे होने की खबर मिली थी जिसके बाद की गई कार्रवाई में वो मारा गया.

जाकिर मूसा कब बना था आतंकी

जाकिर मूसा का पूरा नाम जाकिर रसीद भट्ट इलियास मूसा था, वो दक्षिण कश्मीर में आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिद्दीन का कमांडर था और अवंतीपुरा के नूरपुरा का रहने वाला था. मूसा साल 2013 के जुलाई महीने में हिज्बुल मुजाहिद्दीन से जुड़ा था. हालांकि, बुरहान वानी के मारे जाने के बाद उसने अंसार गजवात उल हिंद नाम से अलग आतंकी संगठन बना लिया था जिसे कश्मीर में आईएस से जुड़ा संगठन बताया जा रहा था.

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