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मुंबई म्यूजियम हादसा: लिफ्ट में होता ऑपरेटर तो बच सकती थी डेंटिस्ट की जान

Hisar Today

  • 28 अप्रैल को साउथ बॉम्बे के भाऊ दाजी लाड म्यूजियम में लिफ्ट क्रैश करने से डेंटिस्ट की मौत हो गई थी

  • हादसे के कारणों की जांच में पता चला है कि उस लिफ्ट का इस्तेमाल बिना ऑपरेटर के नहीं होना चाहिए था

  • प्रशासन को इस बारे में सूचना दी गई थी कि लिफ्ट में प्रशिक्षित लिफ्ट ऑपरेटर हर वक्त मौजूद होना चाहिए

 मुंबई
पिछले महीने 28 अप्रैल को साउथ बॉम्बे के भाऊ दाजी लाड म्यूजियम में लिफ्ट क्रैश करने से एक डेंटिस्ट की मौत हो गई और उनकी बेटी घायल हो गईं। हादसे के कारणों की जांच में पता चला है कि उस लिफ्ट का इस्तेमाल बिना ऑपरेटर के नहीं होना चाहिए था। लिफ्ट इंस्टॉल करने वाली कंपनी एक्सपर्ट इक्विपमेंट प्रा. लि. के मुताबिक उसने साल 2014 में ही म्यूजियम प्रशासन को इस बारे में सूचना दी थी कि लिफ्ट में एक प्रशिक्षित लिफ्ट ऑपरेटर हर वक्त मौजूद होना चाहिए।                                                                                                                                  
लिफ्ट क्रैश में गई जान                                                                                                                                 
वहीं, म्यूजियम प्रशासन ने ऐसी कोई सूचना मिलने की बात से इनकार किया है। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देता है कि लिफ्ट बीच में ही कुछ वक्त के लिए अटक गई थी। उस वक्त उसमें डॉ. अर्नवाज हवेवाला और उनकी बेटी हीरा मौजूद थीं। लिफ्ट फंसने पर उन्हें समझ नहीं आया कि क्या करना है और सभी बटन दबाने लगीं। म्यूजियम का स्टाफ भी दरवाजा खोलने की कोशिश करने लगा। कुछ ही पलों में लिफ्ट का दरवाजा टूट गया और एलिवेटर टेढ़ा हो गया और लिफ्ट क्रैश हो गई।                                                                                                                       
कम मंजिलों के लिए होता है इस्तेमाल                                                                                                              
पुलिस का कहना है कि जांच में यह साफ होता है कि अगर कोई लिफ्टमैन होता तो दोनों महिलाओं को एलिवेटर से बाहर निकालने के लिए काफी समय मिल जाता। और किसी को पता नहीं था कि ऐसी स्थिति में क्या करना है। यह लिफ्ट हाइड्रॉलिक सिस्टम से चल रही थी।
ऐसी लिफ्ट्स अमूमन घरों और बंगलों में होती हैं जहां केवल दो मंजिलों में इनका काम होता है। इनका इस्तेमाल वही लोग करते हैं जो सही से इस्तेमाल करना जानते हैं।

लापरवाही के कारण मौत का केस दर्ज                                                                                                                  
भायखला पुलिस ने लिफ्ट की मरम्मत के लिए लगाई गई एजेंसी के खिलाफ लापरवाही के कारण मौत का केस दर्ज दिया है। म्यूजियम स्टाफ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। म्यूजियम के मैनेजिंग ट्रस्टी तसनीम मेहता ने बताया है कि लिफ्ट की मरम्मत करने के लिए लोग आते रहे लेकिन किसी ने इस बारे में सूचना नहीं दी। उन्होंने कहा कि आखिरी बार पैसे देने के बाद भी लिफ्ट की सर्विसिंग को कोई नहीं आया था।

लिफ्टमैन होता तो बच सकती थी जान                                                                                                             
^ एक्सपर्ट इक्विपमेंट के एक अधिकारी का कहना है कि भाऊ दाजी लाड एक पब्लिक बिल्डिंग है। यहां एक लिफ्ट ऑपरेटर को जरूर रखा जाना चाहिए था, क्योंकि लोग किसी भी तरह से बटन प्रेस करते हैं जिससे खराबी आती है। लिफ्ट में ऑपरेटर होता तो इमर्जेंसी ब्रेक्स लगाकर लिफ्ट को ग्राउंड फ्लोर पर ले आता। कंपनी के मालिक विवेक मेनन ने बताया है कि उनकी कंपनी इसी तरह की दुर्घटना से बचने के लिए लिफ्ट ऑपरेटर रखना चाहती थी।

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