टुडे न्यूज़ताजा खबरराजनीतिराष्ट्रीयशिक्षासिरसाहरियाणाहिसार

मान्यता रिन्यू कराने के लिए फार्म नंबर 2 की आड़ में क्या सरकार भर रही है खुद की तिजोरी!

हाई कोर्ट ने सरकार को लगाई “फटकार” कहा 17 दिसम्बर तक फर्जी स्कूलों की जांच रिपोर्ट सौंपे

हिसार में चल रहे 500 से अधिक फर्जी स्कुल

अर्चना त्रिपाठी | चंडीगढ़/हिसार
प्रदेशभर में चल रहे हजारों फर्जी स्कूलों के मामले में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने सख्त भूमिका अख्तियार करते हुए हरियाणा सरकार को जोरदार फटकार लगाते हुए 17 दिसम्बर तक फर्जी स्कूलों की पहचान कर जांच रिपोर्ट सौंपेने के आदेश दिए है। न्यायालय द्वारा जल्द से जल्द सरकार से जांच रिपोर्ट तलब किए जाने के आदेशों के बाद प्रदेशभर में फर्जी स्कूल संचालकों में भी हड़कंप मच गया है। सबसे खास बात यह है कि इनमें से सबसे अधिक फर्जी स्कूलों की संख्या हिसार में पाए जाने कि खबर हैं।
हिसार के सभी ब्लॉकों से आरटीआइ में मांगी गई सूचना में खुलासा हुआ है कि 500 से अधिक फर्जी स्कूलों का संचालन हो रहा है। इन सभी फर्जी स्कूलों की हाल ही में शिक्षा विभाग द्वारा पहचान कराई गई है। सरकार की गले की फांस बन चुके फर्जी स्कूलों की पहचान भी अब एक माह के अंदर ही पूरी कर जांच रिपोर्ट हाई कोर्ट को सौंपी जाएगी। ऐसे में शिक्षा विभाग के अधिकारी भी इन स्कूलों की पड़ताल में जी जान से जुटे हैं। जांच में सामने आएंगे पांच हजार गैर मान्यता प्राप्त स्कूल प्रदेशभर के फर्जी स्कूलों को हाई कोर्ट में चुनौती देने वाले याचिकाकर्ता स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार की तरफ से इसी सन्दर्भ में 12 सितंबर को उच्च न्यायालय में 175 पेज का शपथ पत्र देकर करीबन पांच हजार फर्जी स्कूलों की संख्या बताई गई। जबकि हरियाणा सरकार की तरफ से गत 25 जुलाई को हुई सुनवाई में शपथ पत्र देकर प्रदेश भर में गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की संख्या 1087 बताई थी। इस पर याचिकाकर्ता परमार ने आपत्ति जताते हुए न्यायालय में सरकार द्वारा पेश आंकड़ों को भ्रमित किए जाने वाला करार देते हुए कहा कि अगर जांच कराई जाए तो प्रदेशभर में गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की करीबन पांच हजार पाई जाएगी।
मगर ऐसा आरोप लगाया जा रहा है मान्यता रिन्यू कराने के लिए फार्म नंबर 2 भरने को लेकर शिक्षा विभाग और निजी स्कूल आज आमने-सामने आ गए हैं। प्राइवेट स्कूल संघ संचालकों ने स्पष्ट कहा कि वे किसी भी सूरत में फार्म नंबर 2 दोबारा नहीं भरेंगे। अगर सरकार ने उनसे जबरदस्ती करती है तो स्कूल संचालक शिक्षा सदन का घेराव करेंगे। फार्म नंबर 2 से शिक्षा विभाग को करीब 100 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय होनी है।

मान्यता रिन्यू करने से होगी 100 करोड़ के राजस्व की प्राप्ति


स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार ने बताया कि शिक्षा नियमावली 2003 के नियम 39 में 10 वर्ष के बाद निजी स्कूलों को दोबारा मान्यता के लिए मान्यता रिन्यू कराना अनिवार्य होता है। लेकिन आज तक शिक्षा विभाग ने इस दिशा में अब तक कोई कदम नहीं उठाया था। अब पहली बार शिक्षा विभाग ने मान्यता रिन्यू के लिए निजी स्कूलों को फार्म दो व दस्तावेज निदेशालय भेजने के आदेश दिए हैं। मान्यता रिन्यू होने से प्रदेश सरकार को करीब 100 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। प्रदेशभर में चल रहे मान्यता प्राप्त निजी स्कूल सालाना करोड़ों रुपये कमा रहे हैं और सरकार को राजस्व देने में आनाकानी कर रहे हैं।

-बृजपाल परमा, प्रदेश अध्यक्ष(स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन)

फर्जी स्कूल मामला : स्थानीय नेता और प्रशासन को आनी चाहिए शर्म

नवीन जयहिंद

बिना सरकार और प्रशासन के मिलीभगत के यह मुमकिन नहीं हैं। यह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा हैं। इस तरफ का मामला सामने आना इसका साफ मतलब है कि प्रशासन पूरी तरह फेल है। इतनी बड़ी तादात में फर्जी स्कुल होना वाकई शर्मनाक है। स्थानीय नेता और प्रशासन को शर्म आनी चाहिए।

नवीन जयहिंद (प्रदेशाध्यक्ष, आम आदमी पार्टी

फार्म 2 भरवा के सरकार अपना खजाना भरने की कर रही कोशिश :कुलदीप बिश्नोई (विधायक)
हरियाणा सरकार प्राइवेट स्कूल जो पहले से ही मान्यता ले चुके हैं उनको दोबारा से फार्म नंबर 2 भरवा के सरकार एक तरह से परेशान कर रही है और अपना खजाना भरने की कोशिश की जा रही है । यह स्कूल हर साल हरियाणा शिक्षा बोर्ड को 2000 सम्बन्धता फीस देते हैं और अब फार्म 2 के द्वारा इनसे और पैसे वसूलने की कोशिश की जा रही है। सभी प्राइवेट स्कूल अलग अलग समय में अलग-अलग नियमों के तहत मान्यता लिए हुए हैं और इसमें यह भी स्पष्ट नहीं है कि इन स्कूलों के लिए फार्म टू में कौन से नियम लागू होंगे। पिछले 4 वर्षों में भाजपा सरकार के कुप्रबंधन के कारण राज्य के सरकारी स्कूलों की हालत निरंतर खस्ता हुई है। राज्य की बदहाल शिक्षा प्रणाली को दुरूस्त करने की बजाय भाजपा सरकार उन प्राइवेट स्कूल संचालकों को बार-बार प्रताडि़त कर रही है, जो मान्यता प्राप्त हैं और शिक्षा विभाग के नियमों की पालना कर रहे हैं। जो नियमों की पालना नहीं कर रहे हैं सरकार को उनकी जांच करवानी चाहिए और ये ध्यान रखना चाहिए कि इसमें वो लोग न पीसें जो नियम, कायदों की पालना करते हुए आम, गरीब आदमी के बच्चों को अच्छी शिक्षा दे रहे हैं।

इसलिए फंसा पेंच

शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश में पिछले 10 साल से चल रहे निजी स्कूलों को फार्म-2 भरने व स्कूली दस्तावेज जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। फार्म व दस्तावेज के आधार पर इन स्कूलों की मान्यता को अप्रूवल दी जाएगी। प्राइवेट स्कूल संघों के विरोध के बाद इस फैसले को बदलने की संभावना थी, मगर शिक्षा विभाग ने अपना फैसला नहीं बदला।

 

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close