टुडे न्यूज़युवा प्रतिभा

भ्रष्ट आचरण बन बीमारी….

  रीना गोयल युवा कवयित्री

Hisar Today

मेरे मन में रह- रह कर यह ,
उठता रहा सवाल ।
भ्रष्ट आचरण बन बीमारी,
जग में करे बवाल ।।
रिश्वत खोरी कहीं,
कहीं पर, महंगाई की मार।
नैतिकता भी आज बिकी है,
देखो बीच बजार।
धनिक अधिक अब धनी हो गए,
निर्धन अति कंगाल ।।
भ्रष्ट आचरण बन बीमारी,
जग में करे बवाल ।।
शिक्षा ट्यूशन लेकर मिलती,
व्यर्थ हुए स्कूल।
शिक्षा को पैसों में तोलें,
करते क्यों ये भूल ।
निर्धन शिक्षा से वंचित है,
दिल मे यही मलाल ।।
भ्रष्ट आचरण बन बीमारी,
जग में करे बवाल ।।
बड़े-बड़े गड्ढ़े सड़कों पर,
भृष्ट हुए सब काम।
नेता खाते पैसा सारा,
फिर भी मिले इनाम।
मुश्किल में आवाम हुई है,
जीना हुआ मुहाल ।।
भ्रष्ट आचरण बन बीमारी,
जग में करे बवाल ।।
नेताओं के घोटालों का,
खूब हो रहा शोर।
बड़े शान से लूट रहे हैं,
नही किसी का ज़ोर।
ऊँचे पद आसीन सभी हैं,
ये भी बड़ा कमाल ।।
भ्रष्ट आचरण बन बीमारी,
जग में करे बवाल ।।
काले धन से भरी तिजोरी,
लेकिन भरे न पेट ।
सस्ती चीजें महँगी बेचें ,
लगा चौगुना रेट।
धरती माँ का सौदा करके,
बनते मालामाल ।।

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