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“भ्रष्टाचार” गली का रास्ता या तालाब? बिना निकासी बनी सड़क

Hisar Today 

  • पार्षदों ने नगर निगम के अधिकारियों और ठेकेदारों पर मिलीभगत का लगाया आरोप

  • जल निकासी नहीं फिर भी बना रोड़, नियमों की खुलेआम अवहेलना

अर्चना त्रिपाठी | हिसार
वार्ड नं. 6 में स्थित हिसार जहाजपुल के समीप स्थित सीनियर सेकंडरी स्कूल की तरफ जाने वाले मार्ग की हालत आज ऐसी हो गई है कि थोड़ी बरसात में यहां ऐसे जलभराव की स्थिती हो जाती है कि बच्चों के साथ आम नागरिकों को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि आज इस स्कूल में तकरीबन 1500 छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और अक्सर उनका इसी मार्ग में आना जाना रहता है। मगर आज आरोप लगाया जा रहा है कि नगर निगम के अधिकारियों और ठेकेदारों के आपसी मिलीभगत से इस मार्ग में बिना जल निकासी और सीवेरज के निकासी की व्यवस्था के सीधे गलियों में सड़के बना दी। जिसका नतीजा आज यह है कि आज यह “गली गली नहीं बल्कि तालाब में तब्दील” हो गई है। हैरत की बात है कि इस पुरे मुद्दे से निगम अधिकारी अनभिज्ञ नजर आये। पार्षदों ने इसकी शिकायत नगर निगम के कॉउंसलर ग्रुप में डाल दी थी, मगर बावजूद इसके डिप्टी म्युनिसिपल कमिशनर प्रदीप हुड्डा का कहना था कि वह इस बात से अनभिज्ञ हैं। मगर अगर उनके डिपार्टमेंट या किसी ठेकेदार की गलती पाई गयी तो वह उस पर कठोर से कठोर कार्यवाई की जायेगी।
ऐसा माना जा रहा है कि पार्षद चुनाव के बहुत पहले ही सड़क का कार्य करवा दिया गया था। मगर तब किसी ने भी यह मुद्दा नहीं उठाया कि आखिर जिस मार्ग में जल निकासी और सीवेरज निकासी की कोई व्यवस्था नहीं तो आखिर किसके आदेशों से गली में पेवर ब्लॉक से सड़क बनाने के कार्यों की अनुमति दी गई? किसके इशारों और कहने पर इस कार्य को करवाया गया? इस अनियोजित कार्यों को ठेकेदार ने किसके इशारे पर अंजाम दिया? और क्या निगम के अधिकारियों को यह बात समझ नहीं आई कि जहां जल निकासी नहीं तो इस प्रकार का पक्का काम क्यों? क्या इसमें कहीं ठेकेदार और अधिकारियों की मिली भगत तो नहीं? यह महत्वपूर्ण सवाल जिसके जवाब का जनता आज भी इंतजार कर रही है।

ठेकेदार और अधिकारियों के मिलीभगत का आरोप
बता दें कि यह नियम है कि अगर नगर निगम को किसी इलाके का कोई कार्य करवाना हो तो पहले उस स्पॉट पर निगरानी करने के बाद, वहां के कार्यों की जरुरत के आधार पर कार्य करवाया जाता है और काम का ठेका दिया जाता है। मगर जहाजपुल के सीनियर सेकण्डरी स्कूल के करीब का यह रास्ता और इस रास्ते में करवाया गया काम इस बात की तरफ इशारा करता है कि नगर निगम के अधिकारियों ने किसी के कहने पर इस गली के कार्यों को अंजाम दिया। इस गली को देखने के बाद ठेकेदारों और निगम अधिकारियों की मिलीभगत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां जब जलनिकासी और सीवेरज सिस्टम नहीं था, मगर बावजूद इसके यहां सड़क बनाने का कार्य को अंजाम देकर न केवल करदाताओं के पैसों को पानी में बहा दिया गया, बल्कि करीबी स्कूल के साथ आसपास के निवासियों को भी हमेशा के लिए परेशानियों में डाल दिया।

इस अनियोजित कार्य के लिए जिम्मेदार लोगों पर निगम सख्त से सख्त कार्यवाई करे: उमेद खन्ना

वार्ड क्रमांक 6 के पार्षद उम्मीद खन्ना ने हिसार टुडे से इस समस्या पर अपना रोष व्यक्त करते हुए कहा कि 16 दिसंबर 2018 को चुनाव के पहले ही इस सड़क का कार्य करवाया गया था। मगर जिस प्रकार से सडकों का निर्माण करवाया गया है उसे देखकर कहीं न कहीं भ्रष्टाचार की बू आ रही है। क्योंकि यह सड़क जिसने भी बनायी उसने यहां पर पानी और सीवरेज निकासी की व्यवस्था की जांच नहीं की और बिना कोई निकासी के इस मार्ग का निर्माण करवा दिया। जिससे कहीं न कहीं ठेकेदारी से मिलीभगत का संदेह हो रहा है। उन्होंने आगे यह भी कहा कि आगे शिक्षा का मंदिर अर्थात सीनियर सेकंडरी स्कूल है, जहां बच्चे स्कूल पढ़ने जातें है मगर अक्सर जलभराव के चलते बच्चों का स्कूल जाना भी काफी परेशानियों से कम नहीं। उम्मीद खन्ना को यह डर सताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले थोड़ी सी बरसात में अगर यह हाल है तो बरसात में तो हालात और भी बद्द से बद्दतर हो सकते हैं। इसलिए उन्होंने निगम अधिकारियों को इस कोताही की शिकायत कर मांग की है कि इस कार्य के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाता है उसके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाए।

जहां जल और सीवर निकासी नहीं, वह रोड बनाना नियम की अवहेलना : महाजन
^पूर्व डिप्टी मेयर भीम महाजन ने इस मामले की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस रोड़ में बसे सीनियर सेकंडरी स्कूल में 1500 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं, मगर एक गलती के कारण आज यहां पानी से रास्ता ब्लॉक रहता है और बच्चे बड़े ही मुश्किल से स्कुल जा पातें है। उन्होंने आगे कहा कि यह नियम है कि अगर जहां पानी और सीवर की निकासी नहीं वहां रोड़ का काम नहीं किया जा सकता, मगर न जाने किसकी कारस्तानी और मिलीभगत से यह काम करवाया गया। यह बेहद निंदनीय है कि निगम को भी इसकी कोई खबर नहीं। हालांकि उन्होंने बताया कि इस मामले में उन्होंने निगम में 2 दिन से शिकायत कर रखी है, मगर निगम के अधिकारियों ने कोई सुध नहीं ली। उन्होंने मांग की कि नियम के तहत यहां कार्य करवा कर आने वाले बरसात में होने वाली विकट समस्या से यहां के बच्चों के साथ रहिवासियों को शीघ्र से शीघ्र समय रहते बचाया जाए।

मेरे विभाग में पाई गई गलती, तो होगी सख्त कार्रवाई
नगर निगम के डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्नर प्रदीप हुड्डा का कहना था कि वह अब तक इस खबर से अनजान हैं। जब हिसार टुडे ने उन्हें इस समस्या से अवगत करवाया तो उन्होंने कहा कि अगर उनके विभाग की इसमें गलती पाई गई तो वह सख्त से सख्त कार्रवाई करेंगे।
प्रदीप हुड्डा (डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्नर)

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