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बीरेंद्र सिंह ने वंशवाद की नयी परिभाषा देकर बीजेपी की नीति को ही मारा चांटा : दुष्यंत

दुष्यंत 1 लाख वोट से जीतेगा: जयहिंद

बृजेन्द्र की नौकरी भी गयी और बीजेपी भी : नवीन जयहिंद
जनभावना केंद्र में बदलाव चाहती है, खुद को पुरानी पार्टी कहने वालो को ही उम्मीदवार ढूंढने में आ रही दिक्कत
टुडे न्यूज | हिसार
हिसार लोकसभा क्षेत्र के चुनावी मैदान में उतरे जननायक जनता पार्टी के प्रत्याशी व नेता दुष्यंत चौटाला अपने पिता डा. अजय सिंह चौटाला और मां नैना चौटाला के साथ अपना नामांकन पर्चा भरने पहुंचे। यह दूसरा मौका है जब दुष्यंत चौटाला हिसार लोकसभा क्षेत्र से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
इससे पहले दुष्यंत चौटाला 2014 में इंडियन नेशनल लोकदल की टिकट पर चुनाव लड़ कर सांसद बने थे। चार माह पूर्व अस्तित्व में आई जननायक जनता पार्टी की टिकट पर इस बार दुष्यंत प्रत्याशी बने हैं।
शनिवार को दो बजे दुष्यंत चौटाला ने लघु सचिवालय में हिसार लोकसभा क्षेत्र के रिटर्निंग आफिसर कार्यालय में अपना नामाकंन दाखिल किया। दुष्यंत चौटाला के साथ नामांकन भरवाने के लिए पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सरदार निशान सिंह, आप पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद भी मौजूद रहे।
 
इस दौरान दुष्यंत चौटाला ने कहा कि इस बार जनता केंद्र में बदलाव चाहती है और राज्य में भी भाजपा के खिलाफ हवा चल यही है। उन्होंने इस दौरान भाजपा के प्रत्याशी बृजेन्द्र सिंह के पिता पर सीधा कटाक्ष करते हुए कहा कि बीरेंद्र सिंह ने वंशवाद की नयी परिभाषा लिखकर भाजपा के ही नीतियों की खिल्ली उड़ाई है।
मोदी ने कहा कि मेरा सपना है कि 2022 तक देश के हर बेघर को उसका पक्का घर मिलेगा। गरीबों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन कैसे मिले, हमने इसके लिए मेहनत की। भारत में दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ केयर स्कीम चल रही है। गरीब के लिए की गई राजनीति में और सत्ता के लिए की गई झूठ की राजनीति में फर्क होता है।
दुष्यंत 1 लाख वोट से जीतेगा: जयहिंद
आप पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद ने भाजपा के प्रत्याशी बृजेन्द्र सिंह की खिल्ली उठाते हुए कहा कि हिसार लोकसभा क्षेत्र से उतारे भाजपा प्रत्याशी की “नौकरी भी गई और भाजपा भी गई”। उन्होंने दुष्यंत की तारीफ करते हुए कहा कि इस बार दुष्यंत 1 लाख वोट से जीतेंगे।
वहीं उन्होंने कांग्रेस ने नेता कुलदीप बिश्नोई की खिल्ली उड़ाते हुए कहा कि वह अपने बेटे को प्रैक्टिस करवाने के लिए चुनाव में भव्य को लड़ा रहे हैं। कांग्रेस में कोई भी नेता चुनाव ही नहीं लडऩा चाहता चाहे कुलदीप बिश्नोई हो यह नवीन जिंदल हों या कोई और कांग्रेसी नेता। उन्होंने कहा कि जेेजेपी-आप गठबंधन भाजपा का खूंटा पाड़कर ही दम लेगा।
बीरेंद्र सिंह ने वंशवाद को बढ़वा देकर भाजपा की नीतियों की ही उड़ाई धज्जियां
दुष्यंत चौटाला ने भाजपा पर सीधा कटाक्ष करते हुए कहा कि सबसे पुरानी पार्टी कहने वालो को इस बार उम्मीदवार ही नहीं मिला कि नौकरी छुड़ाकर प्रत्याशी को ले आये।
इतना ही नहीं चौधरी बीरेंद्र सिंह पर सीधा हमला करते हुए बृजेन्द्र सिंह ने कहा कि खुद तो राजयसभा के सांसद हैं उनकी धर्मपत्नी विधानसभा में हैं और बेटे के लिए लोकसभा का टिकट लेके आये। इन लोगों ने वंशवाद की नयी परिभाषा लिख कर भाजपा के नीतियों को ही करारा चांटा मारा है।

दुष्यंत चौटाला के पास एक ही गाड़ी
दुष्यंत चौटाला के पास एक ही अपनी गाड़ी टोयटा की फारच्यूनर गाड़ी है। यह गाड़ी दुष्यंत चौटाला के नाम है। पिछले चुनावों में दुष्यंत ने इसी गाड़ी से चुनाव प्रचार किया था। पिछले पांच सालों में दुष्यंत एक भी नई गाड़ी नहीं खरीद पाए हैं। दुष्यत ने कहा कि वह खुद अरविन्द केजरीवाल से यह सिफारिश करेंगे कि इस बार नवीन को फरीदाबाद या करनाल से चुनाव में उतारे।

कांग्रेस से महागठबंधन की चर्चा गलत, कभी नहीं करेंगे गठबंधन

सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि मैंने हिसार लोकसभा की जनता के लिए पांच वर्ष तक इमानदारी, मेहनत व नए विजन के साथ काम किया है। यदि मेरा काम जनता को पंसद आया तो हिसार की जनता मुझे दोबारा आशीर्वाद देगी। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि गठबंधन ने अभी तक घोषित सभी सीटों पर युवा प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है।
कांग्रेस के महागठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में दुष्यंत ने एक बार स्पष्ट कर दिया है कि हमने चार सीटों पर अपने प्रत्याशी तय कर दिए हैं और जेजेपी कांग्रेस के साथ नहीं जाएगी। बल्कि बाकी सभी लोकसभा सीटों पर आगामी 22 व 23 अप्रैल को सभी सीटों पर नामांकन पत्र भरेगी।
पांच साल में एक इंच जमीन भी नहीं खरीद पाए दुष्यंत
खेती से जुड़े दुष्यंत पिछले पांच वर्ष की अवधि के दौरान एक इंच जमीन या प्लॉट का टुकड़ा भी नहीं खरीद पाए। उनके पास पांच वर्ष पहले जमीन थी आज भी वे उतनी ही जमीन के मालिक हैं। उन्होंने अपने नामांकन के साथ जमा करवाए प्रोपर्टी डिटेल में यह जानकारी दी है।
इतना ही नहीं उन्होंने पिछले पांच सालों में नया मकान भी नहीं खरीदा है। हालांकि पिछले लोकसभा चुनाव में दाखिल किए गए शपथ पत्र के मुकाबले इस बार दुष्यंत की अचल संपत्ति की कीमत बढ़ी है।
पिछले नामांकन पत्र में दुष्यंत ने जो कृषि भूमि व अन्य अचल संपत्ति दर्शाई थी, उस संपत्ति में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। इस अचल संपत्ति की कीमत वर्ष 2014 में 26 करोड़ 68 लाख रूपये थी अब ज्यों-ज्यों मार्केट वैल्यू बढ़ी है त्यों-त्यों इस अचल संपत्ति की कीमत अब बढ़ कर लगभग 32 करोड़, दो लाख रूपये हो गई है।
दुष्यंत के पास बैंक बैलेंस, एफडीआर, एलआईसी, मोटर व्हीकल, शेयरों में निवेश, ज्वैलरी व लेनदेन पिछली बार लगभग 9 करोड़ 45 लाख था जोकि अब लगभग 15 करोड़ 19 लाख हो गया है। पिछली बार के मुकाबले इस बार चल संपत्ति बढने का मुख्य कारण सांसद को मिलने वाले वेतन, भत्ते, कृषि आय, शेयरों की कीमत तथा ब्याज के रूप में होने वाली आय शामिल है।
सांसद को सालाना करीब 25 लाख रूपये वेतन व भत्तों के पांच सालों में करीबन सवा करोड़ रूप में मिले हैंै। वहीं दुष्यंत को अपनी कृषि भूमि से करीब हर वर्ष 30 लाख रूपये की आमदनी के हिसाब से डेढ़ करोड़ रूपये हुई।
इसके अलावा पांच साल में सांसद दुष्यंत को उसकी एफडी व जमा राशि से 60 लाख रूपये से ज्यादा ब्याज के रूप में आमदनी हुई है। वर्तमान समय में दुष्यंत के पास करीब 3 लाख 55 हजार रूपये की नकदी है। सांसद दुष्यंत चौटाला पर किसी प्रकार का कोई आपराधिक मुकद्दमा दर्ज नहीं है यह विवरण उन्होंने अपनी शपथ पत्र में दिया है।
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