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बसपा को रास नहीं आया चश्मा

  • जाट उम्मीदवारों को अपनी पार्टी से सीटों के सवाल पर सैनी ने कहा कि हमारी पार्टी सर्व समाज के हित में हैं। किसी से कोई भेदभाव नहीं होगा।

हिसार
लोकसभा चुनाव के पहले हरियाणा की राजनीति में अब एक नया पन्ना जुड़ गया है। अपने भाई – बहन के चर्चे को लेकर सुर्खियों में रहे अभय चौटाला और मायावती का गठबंधन आखिरकार टूट ही गया। इस गठबंधन के टूटने की वजह जींद उपचुनाव में इनेलो की जमानत जब्त परफॉरमेंस कहा जा रहा है। बसपा ने शनिवार को इंडियन नेशनल लोकदल से गठबंधन तोड़ने और जींद उपचुनाव में चौथे पायदान में रही भाजपा के बागी सांसद राजकुमार सैनी की लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी से गठजोड़ करने का ऐलान आखिरकार कर ही दिया है। हरियाणा में सत्ता के शीर्ष तक पहुंचने के लिए बीते वर्ष अप्रैल महीने में ही इनेलो और बसपा का गठबंधन हुआ था जिसे एक साल के भीतर ही ग्रहण लग गया । सरकार बनाने का सपना देख रहे गठबंधन में जींद उपचुनाव के नतीजों के बाद ऐसा असर पड़ा गया हाथी ने चश्मा उतार कर अब ऑटो की सवारी कर ली है। बहन के इस फैसले से इनेलो में उनके भाई अभय चौटाला को बहुत तगड़ा झटका लगा है। इससे पहले बसपा के दुष्‍यंत चौटाला की पार्टी जननायक जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर महागठबंधन बनने की चर्चाएं चल रही थीं।
बसपा के प्रांतीय प्रभारी मेघराज, प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश भारती और लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के अध्यक्ष राजकुमार सैनी संयुक्त रूप से आज गठबंधन का ऐलान किया। इस गठबंधन से प्रदेश में दलित और पिछड़ा वर्ग के नए समीकरण बनने की संभावना है। दोनों पार्टियों के नेताओं ने शनिवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में संयुक्त रूप से प्रेस कांफ्रेंस की। इससे पहले सांसद राजकुमार सैनी की बसपा नेताओं के साथ बातचीत चल रही थी। उनकी बातचीत देर रात तक चलीं और गठबंधन के स्‍वरूप व सीटों के बंटवारे को लेकर सहमति बन गई। इसके बाद दोनों दलों के नेताओं ने शनिवार की प्रेस कांफ्रेंस में गठबंधन का ऐलान कर दिया।

नई लोकसभा और विधानसभा में सीटों का बटवारा भी हुआ तय

बता दे कि बसपा और लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी ने शनिवार को यहां हरियाणा में आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में गठबंधन का ऐलान किया। दाे दलों ने हरियाणा से लोकसभा की सभी 10 सीटों और विधानसभा की सभी 90 सीटों पर मिलकर चुनाव लड़ने की घोषणा की। दाेनों दलों ने इसके लिए सीटों का भी बंटवारा कर लिया है। बहुजन समाज पार्टी लोकसभा चुनावों में आठ सीटों और लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी दो सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इसी तरह विधानसभा की 90 सीटों में से 35 पर बसपा और 55 पर लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी चुनाव लड़ेगी।

बसपा सुप्रीमो मायावती को प्रधानमंत्री बनाने के लिए किया गठबंधन : सैनी

मीडिया से बातचीत करते हुए सांसद राजकुमार सैनी ने कहा कि बसपा सुप्रीमो मायावती को प्रधानमंत्री बनाने के लिए दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन हुआ है और उन्हें विश्वास है कि उनका गठबंधन 2019 विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत से जीत हासिल करेगा साथ ही लोकसभा की भी सभी सीटें गठबंधन ही जीतेगा। सैनी ने बताया कि 17 फरवरी को गठबंधन द्वारा पानीपत में एक कार्यकर्ता सम्मेलन भी किया जाएगा जिसमें 50 हजार कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे। डॉ. मेघराज ने सीएम उम्मीदवार के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी सीएम पद का उम्मीदवार तय नहीं है। हालांकि उन्होंने इशारों इशारों में सांसद सैनी की पार्टी की तरफ इशारा कर दिया। उन्होंने कहा कि 90 सीटों में से बसपा 35 सीट पर और एलएसपी 55 सीट पर चुनाव लड़ रही है। ऐसे में समझ सकते हैं कि सीएम किस पार्टी का बनेगा।

गठबंधन तोड़ने पर बोले अभय “भाई-बहन का रिश्ता टूटा नहीं करता”


बसपा ने इनेलो के साथ गंठबंधन को तोड़कर लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी से हाथ थाम लिया है और इनेलो से गठबंधन तोड़ने का मुख्य कारण इनेलो में हुए पारिवारिक मतभेद बताया है। जिसके बाद नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला का बड़ा बयान सामने आया है। अभय चौटाला ने कहा है कि भाई-बहन का रिश्ता टूटा नहीं करता। लेकिन जो गठबंधन तोड़ता है, नुकसान भी उसी को ज्यादा होता है। चौटाला ने साफ कह दिया है कि गठबंधन टूटने से इनेलो को कोई भी नुकसान नहीं हुआ है।अभय चौटाला ने यह भी कहा है कि हमने गठबंधन को लेकर हमेशा अपना धर्म निभाया है और अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं से ज्यादा बसपा के कार्यकर्ताओं का सम्मान किया है। उन्होंने गठबंधन क्यूं तोड़ा, उन्हीं से पूछिए।

अवसरवादी गठबंधन लम्बे समय तक नहीं चलते :सुभाष बराला


इनेलो के साथ बसपा द्वारा गठबंधन तोड़ने पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला, ने कहा की अवसरवादी गठबंधन लम्बे समय तक नहीं चलते। इनेलो से बसपा के गठबंधन तोड़कर लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी से गठबंधन होने पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने अपने बयान के माध्यम से इस गठबंधन का उद्देश्य कभी सकारात्मक नहीं होता। सुभाष बराला ने कहा है कि देशहित का गठबंधन महज एनडीए गठबंधन है, जिसमें केंद्र सरकार नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कार्य कर रही है।

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