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प्रियंका के चार्म के आगे मोदी की दहाड़ फेल

Hisar Today

हरियाणा की धरती ने यह साबित कर दिया है कि वह किस पर अपना दुलार कर रही है। बात तो बड़ी-बड़ी सुनी थी कि मोदी की आंधी है, देश में सुनामी है। मगर मोदी की लोकप्रियता पर ब्रेक लगाने के लिए और किसी को सामने नही आना पड़ा, बल्कि बस एक महिला ने ही मोदी की लोकप्रियता को हरियाणा में ब्रेक लगा दिया। वो महिला और कोई नही वो महिला है पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पोती और कांग्रेस की सबसे लोकप्रिय नेता प्रियंका गांधी।
एक तरफ दहाड़ और दूसरी तरफ बस नरम लहजे और शांत स्वभाव में लोगों से बात। यह दो फर्क इन दोनों पार्टी के दिग्गज नेताओं में दिखाई देता है। एक तरफ मोदी की रैली में कार्यकर्ताओं का टोटा, तो दूसरी दीपेंद्र हुड्डा के रोड शो की रौनक ने भी इस बात को साफ कर दिया है कि “किस नेता में है दम और किस में है पानी कम।”
हिसार से बड़े जोशोखरोश के साथ गाड़ियां भर-भर कर भाजपा कार्यकर्ता जिस प्रकार से प्रधानमंत्री मोदी की फतेहाबाद रैली को रौनक करने गए थे, उस रैली की रौनक तब दिखाई दी जब मंच पर दिग्गज पधारे और कुर्सियां खाली पड़ी दिख रही थी। वैसे मैने सुना है कि बार-बार एक ही बात सुनकर इंसान भी पक जाता है, ऐसे में अब तो इन भाजपा के नेताओं के भाषण भी मुझे याद हो गए हैं। वह क्या बोलेंगे, किस टॉपिक पर बोलेंगे सब को पता है, इसलिए सच कहुं असली श्रोता होगा वो तो पक जाएगा। यही हाल यहां भी आये लोगों का दिखाई दिया। पीएम मोदी भाषण दे रहे थे और लोग गोलाई में कुर्सी बिछाए बैठ कर बतिया रहे थे। मानो एक दूसरे से पूछ रहे हों कब खत्म होगा!
खैर बात करना चाहूंगा प्रियंका की। प्रियंका की लोकप्रियता का हर कोई कायल तब हुआ जब प्रियंका रोहतक की सड़कों पर आई तो गुलाबी रिक्शा में बैठकर न केवल वह जानता से जुड़ी नेता नजर आयी, बल्कि सारे प्रोटोकॉल को दरकिनार करके कई बार वह रथ से उतर कर महिलाओं से मिलने उनके बीच पहुंची। भाई सच बता दुं, जिस प्रकार से जमाना बदल रहा है उसी प्रकार आजकल के soooo called नेताओं को भी अपना बर्ताव बदलना पड़ेगा। z सिक्योरिटी नही, बल्कि जनता के बीच उन्हें उतरना पड़ेगा। आजकल की जनता और युवाओं को ऐसे नेता नही पसंद जो जनता के बीच नहीं, बल्कि घमंड में चूर रहे। यही कारण है कि जब प्रियंका लोगों के बीच पहुंची तो उन्होंने बड़े ही सादकी से मोदी पर तीखे वार किए और जिस रोहतक की सीट जीतने का मोदी के मंत्री दावा कर रहे थे, उस सीट के प्रचार में उतरे लाखों समर्थकों की भीड़ ने यह दिखा दिया कि मोदी के मंत्रियों के मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे। इतना ही नही हिसार में प्रियंका ने कांग्रेस प्रत्याशी भव्य बिश्नोई को सांसद पुकार कर भव्य को बल देने का काम किया। बता दंे कि प्रियंका के बच्चे और भव्य बिश्नोई एक साथ पढ़ेे हैं। यही कारण है कि वह भव्य को अपने बेटे जैसा मानती है। उनका अथाह स्नेह भी भव्य के प्रति इस चुनाव प्रचार के दौरान नजर आया। इतना ही नही कुलदीप बिश्नोई ने जहाँ उन्हें अनमोल हीरा करार दिया तो प्रियंका ने भी स्नेह बरसाने में कोई कमी नही छोड़ी। इतना ही नही सावित्री जिंदल का वह आशीर्वाद भी लेते नजर आयी और जब आयी दीपेंद्र के रोड शो की तो फूलों की बरसात के बीच उनकी घंटो चली रैली से पूरा रोहतक घंटो मानो ठप्प रहा। जिसने इस ओर इशारा कर दिया कि हरियाणा में कांग्रेस की वापसी को कोई हिला नही सकता।
हालांकि वहीं दूसरी तरफ बात करूंगा फतेहाबाद रैली की तो यह रैली हरियाणा में प्रियंका के हाजिरी के बाद पूरी तरह से फ्लॉप साबित रही। सुना है जिला महामंत्री, जिला अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री भी फतेहाबाद रैली की कुर्सियां भी नहीं भर पाए। जब पीएम के सामने डींगे हांकते मंत्रियों की किरकिरी हुई जब 2 लोकसभा के भाजपाई भी मिलकर कुर्सियां नही भर पाए, तब होना क्या था आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। इस रैली का हश्र देख पीएम ने अपने संबोधन में सिरसा लोकसभा की उनकी चहेती प्रत्याशी दुग्गल की तारीफ करना भी भूल गए। इतना ही नही उन्होंने उनका नाम तक नहीं लिया। इससे मोदी भी समझ गए कि हरियाणा की राजनीती आसान नहीं। बात हरियाणा की है जहाँ मोदी लहर की बुरी तरह से “ वाट” लगेगी। यानी प्रियंका के मुकाबले मोदी पूरी तरह से फेल साबित हुए।

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