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दुष्यंत रेस में सबसे आगे (Youtube Video)

दुष्यंत के 5 साल के बेहतरीन ट्रैक रेकॉर्ड के सामने बौनी नजर आई भाजपा

महेश मेहता | हिसार टुडे
हिसार लोकसभा चुनाव में जब एक प्रत्याशी की टक्कर में 2 दिग्गज पार्टी के उम्मीदवार हों तो यह अंदाजा लगाना लाजमी है कि दिग्गज पार्टियों में डर किस कदर घर कर गया है। हम बात कर रहे हैं माजूदा सांसद दुष्यंत चौटाला वर्सेज भाजपा और कांग्रेस की जंग।
यह पहली बार है कि ग्राउंड रिपोर्ट में जननायक जनता पार्टी के नेता और मौजूद सांसद दुष्यंत चौटाला के पक्ष में जाती हवा और लोगों की राय ने भाजपा और कांगेस पार्टी के खेमे में हलचल सी मचा दी है। इन 5 सालों का रिकॉर्ड ही है कि दुष्यंत हिसार लोकसभा की रेस में अपनी साफ ईमानदार छवि के साथ सबसे अव्वल चल रहे हैं।
यही कारण है कि चिंता में व्यथित अन्य पार्टियों के उम्मीदवार अपने माता-पिता के सहारे इस चुनाव में लोगों के वोट पाने के लिए पसीने बहा रहे हैं। आज के सियासी गणित में दो दिग्गज पार्टियों कांग्रेस और भाजपा के मुकाबले जननायक जनता पार्टी हिसार लोकसभा चुनाव में लोगों की पहली पसंद बन गई है। अपने अच्छे ट्रैक रेकॉर्ड के साथ दुष्यंत रेस में आगे चल रहे हैं, वहीं भाजपा को चुनाव में नए चेहरेे के कारण लोगों के बीच इसका खामियाजा उठाना पड़ रहा है।

दुष्यंत ने छुड़ाएं प्रतिद्वंद्वियों के पसीने, मोदी लहर भी नहीं कर पाएगी बाल भी बांका

हिसार लोकसभा चुनाव में असली जंग भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी बृजेन्द्र सिंह और जननायक जनता पार्टी के प्रत्याशी दुष्यंत चौटाला के बीच मानी जा रही है। इस बार यह जंग 2 उम्मीदवारों के बीच नहीं बल्कि मोदी लहर और दुष्यंत चौटाला बीच मानी जा रही है।

जैसा की सभी को पता है कि 2014 में जो मोदी की लहर चली थी उसमें सभी पार्टियों के दिग्गज हवा में तिनके के सामान उड़ गए थे, मगर मात्र दुष्यंत चौटाला थे जिन्होंने हिसार लोकसभा क्षेत्र में जनता के प्यार और विश्वास के बलबूते न केवल जीत दर्ज करवाई बल्कि यह भी दिखा दिया कि हिसार की जनता मोदी लहर नहीं उम्मीदवार को देखकर वोट करती है।
वैसे इस बार 2014 की तरह थोड़ी कम लहर मानी जा रही है। मगर बावजूद इसके दुष्यंत ने अपने 5 सालों के कार्यों और ट्रैक रेकॉर्ड जनता के सामने रख कर दिखा दिया है कि इस बार भी मोदी लहर उनका बाल भी बांका नहीं कर सकती है। वहीं बात करंे कांग्रेस की 5 साल में कम सक्रियता और गुटबाजी का शिकार होने के कारण उनके ट्रैक रेकॉर्ड ने उन्हें तीसरे नम्बर पर ला खड़ा किया है।

दुष्यंत के 5 साल के बेहतरीन ट्रैक रेकॉर्ड के सामने बौनी नजर आई भाजपा

हिसार से चुन कर गए देश के सबसे युवा सांसद दुष्यंत चौटाला 16 वीं लोकसभा में सबसे अव्वल सांसद हुए। जिनके सामने कांग्रेस और भाजपा सांसद भी बौने नजर आये। उनका प्रदर्शन बतौर सांसद प्रदेश के अन्य सांसदों की तुलना में न केवल सर्वश्रेष्ठ रहा, बल्कि हर क्षेत्र में वे सब पर भारी पड़े। उन्होंने अपने हिसार लोकसभा क्षेत्र की जनता से जुड़ी समस्याओं के लिए आवाज बुलंद तो की ही, साथ ही प्रदेश के हर मुद्दे को सिलसिलेवार व जोरदार ढंग से लोकसभा के पटल पर रखा।
5 साल के दौरान लोकसभा के विभिन्न सत्रों में सांसद दुष्यंत चौटाला ने सर्वाधिक पौने सात सौ प्रश्न पूछे। जबकि प्रदेश के भाजपा व कांग्रेस का अन्य कोई सांसद इस आंकड़े के आसपास भी नजर नहीं आया। दुष्यंत चौटाला ने 21 प्राइवेट मैंबर बिल लोकसभा में पेश किए।
आंकड़ों की बात करें तो दुष्यंत चौटाला ने सर्वाधिक 239 डिबेट्स में हिस्सा लिया। जबकि प्रदेश से चुन कर गया भाजपा का कोई भी सांसद दुष्यंत के मुकाबले आधी संख्या में भी डिबेट्स में नहीं बोला। यही बात भाजपा की स्थिती हिसार में कमजोर कर रही है, जबकि दुष्यंत की स्थिती इससे मजबूत हुयी है।
भाजपा प्रत्याशी बृजेन्द्र सिंह को कोई नहीं पहचानता
बता दें कि इस बार भाजपा के प्रत्याशी बृजेन्द्र सिंह के खिलाफ एक बात प्रमुख रूप से कही जा रही है कि भाजपा ने ऐसे उम्मीदवार को पार्टी ने मैदान में उतारा है जिसकी 5 सालों में किसी ने हिसार में शक्ल ही नहीं देखी। यही चीज इस बार भाजपा के सामने सबसे बड़ी अड़चन डाल रही है। आज गांव-गांव घूमकर, कार्यकर्ताओं से मिलकर उन्हें अपनी पहचान बतानी पड़ रही है। वैसे भाजपा इस आत्मविश्वास के साथ है कि पीएम नरेंद्र मोदी के नाम पर उनके प्रत्याशी को वोट मिल जाएगा। मगर ग्रामीणों का मानना है कि 5 साल हमारे सुख-दुःख में जो हमारे साथ रहा हमारे लिए वह ठीक है, वैसे उन्होंने मोदी लहर और उनके कार्यों की भी प्रशंसा की।
केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र की कोई उपलब्धि नहीं और मां उचाना तक रही सीमित!
बता दंे कि माना जाता है कि यह टिकट लाने में केंद्रीय इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह को काफी मशक्कत और मान मुनव्वल के बाद अपने बेटे के लिए टिकट मिली। मगर आज वह हिसार लोकसभा सीट से बेटे के लिए टिकट तो ले आये, मगर वह किन कार्यों को लेकर जनता से वोट मांग रहे हैं यह भी एक ब्रह्म की स्थिती बानी हुयी है।
क्योंकि आरोप लगाया जा रहा है कि बीरेंद्र सिंह ने इस्पात मंत्री रहते हुए कोई खास कार्य करके नहीं दिखाया। इतना ही नहीं मां प्रेमलता जो अपने बेटे के प्रचार में गांव गांव घूम रही है वह भी कभी उचाना से बाहर नहीं आयी। उनके कार्य सिर्फ वहीं तक ही सीमित रहे हैं।
वहीं बात करें जजपा प्रत्याशी दुष्यंत चौटाला की तो वह हमेशा लोगों के बीच रहे हैं ऐसे में भाजपा प्रत्याशी बृजेन्द्र सिंह के सामने समस्या यह है कि किन कार्यों के आधार पर वोट मिलेंगे ? क्या सिर्फ पीएम मोदी के नाम से ही वह वोट मांगेंगे ?

मां-बाप व बीवी संभाल रहे भाजपा प्रत्याशी के प्रचार का जिम्मा!

बता दें कि बृजेन्द्र सिंह को कोई जनता नहीं, इसीलिए अब जनता से बृजेन्द्र सिंह के लिए वोट मांगने के लिए उनके माता-पिता और पत्नी को प्रचार में उतरना पड़ रहा है। जो भाजपा प्रत्याशी की अस्वीकारिता को बयान करता है अर्थात बृजेन्द्र की हिसार में खुद की कोई पहचान न होने के कारण एक मंत्री के बेटे के रूप में पहचान होने की वजह से अब उनके पिता बीरेंद्र सिंह ने प्रचार की जिम्मेदारी उठायी है। ऐसे में दुसरों के प्रचार के सहारे मैदान में उतरे बृजेन्द्र के सामने दुष्यंत से टक्कर लेना मुश्किल लग रहा है।

बेदाग छवि के कारण भाजपा को नहीं मिल रहा दुष्यंत के खिलाफ कोई मुद्दा

बता दें कि दुष्यंत की बेदाग और ईमानदार छवि के कारण भाजपा के पास उनके खिलाफ कोई मुद्दा नहीं मिल रहा है। वह उनको काम पर नहीं घेर पा रहे हैं, वह उनके हलके में सक्रियता को लेकर नहीं घेर पा रहे हैं, वह उनको संसद में उनके कार्यकाल को लेकर नहीं घेर पा रहे हैं, वह उनको किसानों के सवालों को लेकर नहीं घेर पा रहे हैं, वह उनको युवाओं के प्रश्न पर नहीं घेर पा रहे हैं, वह उनको किसी घोटाले को लेकर नहीं घेर पा रहे हैं, यही कारण है कि भाजपा के पसीने छूट रहे हैं। उनके पास दुष्यंत के खिलाफ आरोप लगाने का एक भी मुद्दा नहीं बचा। जबकि दुष्यंत ने पिछले 3 सांसदों के फंड खर्च न होने का मुद्दा बनाया, दवा घोटाले का मुद्दा उठाकर भाजपा को मुद्दाविहीन कर दिया।
विपक्ष में होते हुए भी करवाए जनता के काम
दुष्यंत के पक्ष में यह बात जाती है कि वह सत्ता में कभी नहीं रहे मगर एक विपक्ष पार्टी में होते हुए भी उन्होंने संसद में अपने बेहतरीन काम से हिसार की जनता का दिल जीता। बता दे कि उन्होने हिसार की जनता के लिए न केवल अपने संसदीय फंड का सही इस्तेमाल किया बल्कि पूर्व के 3 सांसदों का भी फंड उन्होंने जनता के हितकारी में खर्चा करवाया।
एक तरफ खेल के लिए सुविधाएं , जिम , पानी के टैंकर , फोगिंग मशीन, रोजगार का प्रश्न, किसानो का प्रश्न, रेलवे स्टेशन का विकास, एक्सीलेटर, रोजगार के साधन न जाने ऐसे कई अनगिनत काम करवाए। ग्रामीणों का मानना है कि उन्होंने कई कार्य किये और जितना काम है वह करवा रहे है। जिसने इस बात को साबित कर दिया है कि जरुरी नहीं केंद्र में उनकी सत्ता नहीं मगर हिसार में उनकी सत्ता रहे।

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