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दुष्यंत की लोकप्रियता से चिंतित विपक्ष को “प्रियंका और अमित शाह” का सहारा (Video)

मोदी की रैली हिसार में न होने से बृजेन्द्र को नुकसान

महेश मेहता | हिसार टुडे
हिसार लोकसभा चुनाव को अब महज गिनती के ही दिन बचे हैं इसलिए अब हरियाणा में दिग्गजों की एंट्री होने वाली है और इस बार यह दिग्गज अपने-अपने उम्मीदवारों को जिताने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ने वाले हैं। वैसे हिसार सीट भी काफी प्रतिष्ठा का सवाल सभी पार्टियों के लिए मानी जा रही है।
एक तरफ भाजपा यहां बृजेन्द्र सिंह के सहारे पहली बार हिसार की धरती से अपना कमल खिलाने की कोशिश करेगी, वहीं कांग्रेस पुरानी हार का बदला लेकर भव्य के सहारे युवाओं की राजनीति में एंट्री करेगी, वहीं जननायक जनता पार्टी दुष्यंत चौटाला के सहारे पार्टी की जनता के बीच स्वीकारिता की भी परीक्षा मानी जायेगी।
ऐसे में जब टक्कर जोरदार और घमासान ज्यादा हो तो जाहिर है सभी पार्टी श्रेष्ठ की नजर इस सबसे हॉट सीट पर होगी। इस बार जहां चुनावी घमासान की उम्मीद जताई जा रही है तो वहीं दुष्यंत की लोकप्रियता और मोदी लहर की बात करके इस चुनाव को और रोचक बनाया जा रहा है। वहीं ठीक दूसरी तरफ गरीबों को 72000 के न्याय योजना के सहारे कांग्रेस अपने उम्मीदवार के जीत का ख्वाब देख रही है।
मगर क्या यह सब समीकरण ही जीत तय करेंगे? या यहां पर दिग्गज को भी उतरना पड़ेगा? इस सवाल का जवाब देने अब हरियाणा और खास कर हिसार में दिग्गज दस्तक देने वाले हैं। एक तरफ जहां भाजपा हिसार लोकसभा में बरवाला में अमित शाह की रैली करवा कर नॉन जाट वोट को खींचने का काम करने जा रही है, वहीं मोदी की एक भी रैली न होने से बृजेन्द्र सिंह के लिए अच्छी खबर नहीं मानी जा रही।
ठीक दूसरी तरफ राहुल गांधी से ज्यादा चर्चित प्रियंका गांधी को हिसार लाकर कांग्रेस एक बड़ा दांव और लोगों की नाराजगी दूर करने की कोशिश करने का दांव खेलेगी, वहीं दुष्यंत चौटाला बिना किसी स्टार प्रचारक खुद के 5 साल के कार्य और लोकप्रियता के सहारे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के सहारे हिसार का गढ़ जितने की कोशिश करेंगे। अब देखना है कि कौन किस चीज में पड़ सकता है भारी।

कुलदीप के उतरने से भाजपा को अपने गैरजाट वोट खिसकने का डर, खेला दांव

बता दें कि कांग्रेस ने इस लोकसभा सीट से युवा प्रत्याशी भव्य बिश्नोई को चुनावी मैदान में उतारा है। ऐसे में भाजपा को यह डर सता रहा है कि कहीं उनके गैरजाट वोट न छटक जाएं, इसलिए भाजपा ने बरवाला में भाजपा राष्ट्रीयाध्यक्ष अमित शाह की 10 मई को सभा का आयोजन करवाया है।
बता दें कि मतदान के आखिरी दौर में भाजपा की हवा हिसार लोकसभा में छाई रहे, इसलिए भाजपा ने आखिरी दौर में अमित शाह की रैली का आयोजन किया है। ताकि इस बहाने वोटों पर सेंध लगाई जा सके और अन्य पार्टियों के खिलाफ हवा चलाई जा सके।

दुष्यंत की लोकप्रियता से घबराये कांग्रेस और भाजपा “शाह और प्रियंका” के सहारे

सबसे बड़ी हैरत की बात यह है कि इस बार हिसार लोकसभा चुनाव इतना हॉट इसलिए माना जा रहा है क्योंकि मौजूदा सांसद दुष्यंत चौटाला के खिलाफ हिसार में कोई विरोधी लहर नहीं है और लोकप्रियता अधिक है। यही कारण है कि अप्रत्यक्ष तौर पर कांग्रेस और भाजपा एक दूसरे से भीड़ कर दुष्यंत के खिलाफ लड़ रही है।
बता दें कि दुष्यंत की लोकप्रियता से यह दोनों पार्टी इतनी घबराई हुई हैं कि उन्हें अमित शाह और प्रियंका वाड्रा का सहारा लेना पड़ रहा हैं। ऐसे में दुष्यंत ठीक दूसरी तरफ साधारण तरीके से अपने कार्यों के बलबूते जनता से वोट मांग रहे हैं।
मोदी की रैली हिसार में न होने से बृजेन्द्र को नुकसान
जातिगत समीकरणों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने बृजेन्द्र सिंह को हिसार लोकसभा सीट से उतारने का काम किया है। मगर पहली बार राजनीति में डेब्यू करने वाले बृजेन्द्र के प्रचार में अमित शाह सिर्फ एक रैली करने जा रहे हैं और वह भी बरवाला में। माना जा रहा है कि बृजेन्द्र के पक्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक भी रैली हिसार लोकसभा में नहीं होगी।
हिसार की जिम्मेदारी अमित शाह संभालेंगे। वैसे खास बात यह है कि भाजपा ने अमित शाह की रैली के लिए बरवाला का स्थान चुना है। बता दें कि हिसार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लाने में हिसार भाजपा की टीम विफल रही। जबकि भाजपा कब से यह कह रही थी कि हिसार सबसे हॉट सीट है और उन्हें यहां किसी भी कीमत में भाजपा का कमल खिलाना है ऐसे में मोदी की कोई रैली न होने से भाजपा प्रत्याशी बृजेन्द्र सिंह को नुक्सान होने की उम्मीद जताई जा रही है।

राहुल की घटती लोकप्रियता के चलते कांग्रेस प्रियंका को लाने में रही कामयाब

बता दें कि हाल में “चौकीदार चोर है” के मामले में सुप्रीम कोर्ट में लिखित माफी मांगने के चलते कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ अन्य पार्टियों को बोलने और बयान बाजी करने का मौका मिल गया है, यही कारण है कि राहुल गांधी की छवि थोड़ी धूमिल जरूर हुयी है।
वहीं ठीक दूसरी तरफ राहुल गांधी से भी ज्यादा लोकप्रिय प्रियंका वाड्रा की लोकप्रियता को इस बार चुनाव में भुनाने के लिए कांग्रेस की टीम हिसार लोकसभा में उन्हें लाने में कामयाब हो चुकी है। 7 तारिख को उनका हिसार में आगमन होगा। ऐसे में अब यह देखने योग्य बात होगी कि क्या जो प्रियंका ने हिसार की सरजमीं में कदम नहीं रखा उनके आने से कांग्रेस को कितना फायदा होता है।

दुष्यंत का नहीं कोई स्टार प्रचारक, काम को दिखा कर कर रहे प्रचार

बता दें कि 7 तारीख को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के सहारे मौजूदा सांसद और जननायक जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के सांझा उम्मीदवार दुष्यंत चौटाला काम के नाम पर वोट मांग रहे हैं। वह साधारण तरीके से नामांकन भरने आये थे, उसी प्रकार सधारण तरीके से वह अरविन्द केजरीवाल के सहारे हिसार में रैली निकालकर जनता के बीच जाएंगे।
इन रैलियों और दिग्गज पार्टी के स्टार प्रचारक क्या जनता का काम करवा पाएंगे। क्या यह स्टार प्रचारक जनता के बीच दुबारा शक्ल दिखाने या काम करवाने के लिए मौजूद रह पाएंगे यह तो ऊपर वाला जाने। बतौर वोटर यह रैलियां हवा तो बना सकती हैं मगर समझदार मतदाता की दिशा भूल नहीं कर सकती।

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