टुडे न्यूज़राजनीतिसंपादकीयहरियाणा

तकदीर का फैसला करेगा “पंजाब से पश्चिम बंगाल”

अर्चना त्रिपाठी | टुडे न्यूज
पूर्वी यूपी की वाराणासी, गोरखपुर और गाजीपुर जैसी हाई प्रोफाइल सीटों पर रोचक जंग देने को मिल रही है, दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी का गढ़ कहे जाने वाले इलाके की 9 लोकसभा सीटों पर मतदान होना है।
इसीलिए आखिरी चरण में हुए इस चुनाव में जहां पूर्वी यूपी की वाराणासी, गोरखपुर और गाजीपुर जैसी हाई प्रोफाइल सीटों पर रोचक जंग देने को मिल रही है। वही गोरखपुर सीट यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए भी प्रतिष्ठा का विषय बना हुआ है। यहां से भोजपुरी स्टार रविकिशन शुक्ला भाजपा के प्रत्याशी हैं।
लोकसभा चुनाव के आखिरी राउंड में 8 राज्यों की 59 सीटों पर रविवार को मतदान होना है। इस चरण में उत्तर भारत के हिमाचल प्रदेश और पंजाब से लेकर पश्चिम बंगाल तक में मतदान होना है।
भले ही सीटों के लिहाज से यह राउंड बहुत अहम नहीं है, लेकिन इस चरण में कई हाईप्रोफाइल सीटों पर मुकाबला है। पूर्वी यूपी की वाराणासी, गोरखपुर और गाजीपुर जैसी हाई प्रोफाइल सीटों पर रोचक जंग देने को मिल रही है, दूसरी तरफ अलावा पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी का गढ़ कहे जाने वाले इलाके की 9 लोकसभा सीटों पर मतदान होना है। यही वजह है कि चुनाव के आखिरी दौर में पूर्वांचल, बिहार से लेकर बंगाल तक में सरगर्मी बढ़ी है।
आखिरी राउंड में उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से की जिन 13 सीटों पर मतदान होना है। उनमें से सभी सीटें 2014 के चुनाव में भाजपा के खाते में आई थीं। हालांकि गोरखपुर उपचुनाव में भाजपा के हाथ से फिसल गया था। ऐसे में इस राउंड में एसपी-बीएसपी महागठबंधन के सामने दोबारा अपनी पकड़ मजबूत करने की चुनौती है तो दूसरी तरफ भाजपा के लिए अपना वर्चस्व बरकरार रखना मुश्किल होगा। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भले ही कुछ शांति दिख रही है, लेकिन अंदरखाने की इस बात की चर्चाएं भी जोरों पर हैं कि महागठबंधन और कांग्रेस मिलीभगत से आगे बढ़ सकती हैं।
इसके अलावा गोरखपुर में मुकाबला खासा रोचक है। निषाद पार्टी को साथ लेने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने गोरखपुर के ही रहने वाले और भोजपुरी स्टार रविकिशन शुक्ला को मैदान उतारा है, जबकि महागठबंधन से रामभुआल निषाद मैदान में हैं। यह चुनाव बीजेपी के साथ ही यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए भी प्रतिष्ठा का चुनाव है। इन सीटों के अलावा इस राउंड में पूर्वी यूपी की महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव, घोसी, सलेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, मिर्जापुर, रॉबर्ट्सगंज में वोटिंग है।
पश्चिम बंगाल में आखिरी राउंड की वोटिंग में काफी उबाल देखने को मिला है। भाजपा प्रमुख अमित शाह की रैली के दौरान हिंसा के चलते आयोग ने चुनाव प्रचार को एक दिन पहले ही समाप्त कर दिया है। यहां जिन 9 सीटों पर चुनाव होना है, वे सीएम ममता बनर्जी का गढ़ मानी जाती हैं। यही वजह है कि अपने किले को बचाने के लिए वह खासी आक्रामक हैं और दूसरी तरफ भाजपा ने भी पूरा जोर लगा रखा है। 2014 में इन 9 सीटों में से 3 पर भाजपा दूसरे नंबर थी, इसलिए उसे इस बार जीत की किरण दिख रही है। लास्ट राउंड में दमदम, बारासात, बसीरहाट, जयनगर, मथुरापुर, डायमंड हार्बर, जाधवपुर, कोलकाता साउथ, कोलकाता नॉर्थ सीटों पर मतदान होगा।
आखिरी चरण में बिहार में पटना साहिब हॉट सीट है, जिस पर देश भर की नजरें हैं। यहां भाजपा से बगावत कर कांग्रेस में शामिल हुए शत्रुघ्न सिन्हा और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के बीच मुकाबला है। इस सीट पर अब तक सांसद रहे शत्रुघ्न सिन्हा की उम्मीदवारी से कांग्रेस के लिए दावा मजबूत हो गया है।
इसके अलावा पाटलिपुत्र सीट भी काफी अहम है, जहां से लालू यादव की पुत्री मीसा भारती के मुकाबले भाजपा के रामकृपाल यादव चुनावी समर में हैं। कभी लालू के करीबी रहे रामकृपाल ने 2014 में मीसा भारती को मात देकर लोकसभा का रास्ता तय किया था। इसके अलावा आरा सीट पर भी निगाहें हैं, जहां से केंद्रीय मंत्री आरके सिंह मैदान में हैं। इनके अलावा नालंदा, बक्सर, सासाराम, काराकाट, जहानाबाद सीटों पर भी वोटिंग होनी है।
मध्य प्रदेश की बात करें तो यहां देवास, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, धार, इंदौर, खरगौन और खंडवा सीटों पर मतदान है। इनमें सबसे चर्चित इंदौर की सीट है, जो लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन का गढ़ रहा है। यहां से भारतीय जनता पार्टी ने इस बार उनकी जगह शंकर ललवानी को उतारा है। ऐसे में यह देखने वाली बात होगी कि ‘ताई’ के नाम से लोकप्रिय सुमित्रा की गैरमौजूदगी में इंदौर में किसकी नैया पार लगती है।
भाजपा शासित इस राज्य में दुमका, गोड्डा और राजमहल सीटों पर आखिरी राउंड में वोटिंग है। दुमका को झारखंड की राजनीति के गुरुजी कहे जाने वाले शिबू सोरेने का गढ़ माना जाता है। मैदान में उनके सामने एक बार फिर पुराने शिष्य सुनील सोरेन हैं, जिन्हें दो चुनावों में हार के बावजूद पार्टी ने मैदान में उतारा है।
सुनील गुरुजी को कड़ी टक्कर दे सकते हैं। इसके अलावा गोड्डा सीट से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे एक बार फिर से मैदान में हैं। आखिरी राउंड में पंजाब की सभी 13 सीटों पर वोटिंग होनी है। इनमें से गुरदासपुर सीट सबसे ज्यादा चर्चा में है, जहां से बीजेपी ने सिने स्टार सनी देओल को उतारा है।
विनोद खन्ना की सीट रही गुरदासपुर में बीजेपी को जीत की उम्मीद है। इसके अलावा संगरूर सीट भी चर्चा में है, जहां से ‘आप’ भगवंत मान को समर में उतारा है। कांग्रेस ने उनके खिलाफ केवल सिंह ढिल्लों और अकाली दल ने परमिंदर सिंह ढींढसा पर दांव लगाया है। आनंदपुर साहिब सीट भी इस बार खासा फोकस में है, यहां से कांग्रेस के सीनियर लीडर मनीष तिवारी चुनावी जंग में हैं।
पहाड़ी राज्य हिमाचल की 4 सीटों पर भी आखिरी राउंड में मतदान होने जा रहा है। 2014 में सूबे की सभी 4 सीटें भाजपा के खाते में गई थी। इस बार भाजपा के लिए अनुराग ठाकुर की सीट हमीरपुर में मुकाबला आसान दिख रहा है। मंडी सीट पर कांग्रेस ने बीजेपी के रामस्वरूप शर्मा के मुकाबले पंडित सुखराम के पोते आश्रय को उतारा है। हालांकि शर्मा के लिए यह मुकाबला आसान माना जा रहा है।
कांगड़ा एवं शिमला सीटों पर कांग्रेस की ओर से बीजेपी कड़ी टक्कर मिल सकती है। केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ की सीट पर भी मुकाबला हाई प्रोफाइल है। यहां मौजूदा भाजपा सांसद किरण खेर एक बार फिर से समर में हैं, जबकि कांग्रेस से पूर्व रेल मंत्री पवन कुमार बंसल उन्हें टक्कर दे रहे हैं।
वैसे बता दें कि पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने प्रचार करने पर रात के 10 बजे के बाद से रोक लगा दी है। यह चुनाव आयोग का एक ऐसा फैसला है जिसको लेकर बहस छिड़ गई है। कई लोग कह रहे हैं कि यदि चुनाव आयोग को प्रचार बंद ही करना था तो 15 तारीख के 10 बजे से ही बंद कर देना चाहिए था। उसे 34 घंटे क्यों बढ़ाया गया। क्या इसलिए कि बंगाल में प्रधानमंत्री को दो रैली होनी थीं। चुनाव आयोग अपने इस फैसले को लेकर विवाद के घेरे में आ गया है और उस पर पक्षपात करने का आरोप लग रहा है।
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और प्रधानमंत्री के बीच रिश्ता तनाव से भरा रहा है। सन 2014 में ममता ने मोदी जी को दंगा बाबू कहा था। इस बार प्रधानमंत्री ने बंगाल को ट्रिपल टी का नाम दिया यानि तृणमूल, टोलाबाजी, टैक्स। इस पर जाहिर है ममता बनर्जी आग बबूला होना लाजमी है।
ममता ने भी इस बार कोई कसर नहीं छोड़ी। उसने योगी,स्मृति ईरानी और अमित शाह की सभाओं और रोड शो पर रोक लगाई और हेलिकॉप्टर न उतरने देने का आदेश दिया। जिससे यह तकरार बढ़ती ही गई। 2014 में उत्तर कोलकाता और दक्षिण कोलकाता में बीजेपी दूसरे नंबर पर थी और इस बार बाकी सात सीटों पर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला है।
यही वजह है कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि इस बार की सरकार पश्चिम बंगाल से बनेगी। बीजेपी को लगता है कि उत्तर प्रदेश,राजस्थान,गुजरात,मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीटों की भरपाई पश्चिम बंगाल और ओडिशा से ही होने वाली हैै।
Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close