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ड्रग-फ्री इंडिया कार्यक्रम में 25 हजार युवाओं को मिलेगी नशे से बचने की प्रेरणा

  • एडीजीपी ओपी सिंह ने 19 फरवरी को गुजवि में होने वाले कार्यक्रम के लिए अधिकारियों की बैठक ली

  • पांच जिलों से आने वाले युवाओं के बैठने के लिए लगाई जाएंगी कुर्सिया

गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में 19 फरवरी को आयोजित होने वाले ड्रग-फ्री इंडिया कार्यक्रम में हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, जींद व भिवानी से 25 हजार युवाओं की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम में शामिल होने वाले युवाओं के बैठने के लिए गुजवि स्टेडियम में कुर्सियां लगाई जाएंगी। 

यह बात एडीजीपी व मुख्यमंत्री कार्यालय के ओएसडी ओपी सिंह ने आज लघु सचिवालय स्थित जिला सभागार में आयोजित प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों की बैठक को संबोधित करते हुए कही। 

उन्होंने ड्रग-फ्री इंडिया कार्यक्रम में पांचों जिलों से युवाओं को लाने की जिम्मेदारियां पुलिस अधिकारियों व एसएचओ की जिम्मेदारियां निर्धारित की। बैठक में हिसार के पुलिस अधीक्षक शिवचरण, हांसी के पुलिस अधीक्षक विरेंद्र विज, फतेहाबाद के एसपी दीपक सहारण, भिवानी के एसपी गंगाराम पूनिया, अतिरिक्त उपायुक्त अमरजीत सिंह मान व सीएमजीजीए राधिका सिंघल भी मौजूद थे।

एडीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि भारत युवाओं का देश है। युवाओं को मैराथन व खेल गतिविधियों से जोडक़र नशे और अपराधों में संलिप्त होने से बचाया जा सकता है। जितना अधिक हम युवाओं को नशे की प्रवृति से बचाकर रखेंगे उतना ही समाज से अपराध और उनका पुलिस से टकराव कम होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस को युवाओं को संदिग्ध की बजाय मित्र की नजर से देखना चाहिए और उनके साथ बातचीत को बढ़ावा देना चाहिए। ऐसा करके हम संवाद गतिरोध की दीवार को तोडक़र बेहतर समाज का निर्माण कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि युवाओं से मैत्री संबंध बनाने, उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने तथा खेल गतिविधियों से जोडऩे के लिए ही 19 फरवरी को गुजवि में ड्रग-फ्री इंडिया अभियान का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में पांच जिलों से 25 हजार युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल व श्री श्री रविशंकर सहित अनेक बड़ी हस्तियां व गणमान्य व्यक्ति भी शिरकत करेंगे।

एडीजीपी ओपी सिंह ने पांचों जिलों से आए पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने  क्षेत्र के उन इलाकों के युवाओं को इस कार्यक्रम में भिजवाएं जहां नशे की प्रवृति ज्यादा हैं। वहां के युवा यहां से नशे से बचने की सीख लेकर जाएंगे तो वे दूसरे युवाओं को भी इसके लिए प्रेरित कर सकेंगे। उन्होंने बैठक में आए विभिन्न संगठनों, संस्थाओं व एनजीओ के प्रतिनिधियों से भी कार्यक्रम के संबंध में विचार-विमर्श किया और जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्यक्रम को बेहतर बनाने को कहा।

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