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जज्बे को सलाम : मौत को चमका दे मनीषा पायल ने माउंट एवरेस्ट पर फहराया तिरंगा

Hisar Today

  •  लुकला एयरपोर्ट बेस कैंप से एवरेस्ट तक की चढ़ाई में लगे 37 दिन

  • दो बार बर्फीले तूफान ने रोका रास्ता, हार नहीं मानी, आखिरकार पहली बार में ही पूरा किया मिशन एवरेस्ट

    पर्वतारोही मनीषा पायल ने दो बार मौत को चमका दे आखिरकार माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा लहरा ही दिया। मनीषा ने बुधवार अल सुबह तीन बजे तिरंगे के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो व बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नारे के साथ ध्वज को फहरा कर हम सब का मान बढ़ाया है। मनीषा ने 14 अप्रैल से लुकला एयरपोर्ट के पास स्थित बेस से अपनी टीम के साथ चढ़ाई आरंभ की थी। उसके बाद 7 मई को वह बर्फीले से तूफान घिर गई थी और उसकी जान पर बन आई थी। जिस कारण उसे दोबारा से वापस बेस कैंप लौटना पड़ा। इसी प्रकार दूसरी बार वह अपने छह साथियों के साथ लापता हो गई थी, जिनमें से तीन आज भी लापता हैं, और दो पर्वतारोहियों की मौत की पुष्टि भी हो चुकी है।

    मगर मनीषा के जज्बे के आगे उसकी मौत हार गई। मनीषा भी अपने साथियों के साथ लापता हो गई थी, और उसका लगभग सारा शरीर बर्फ में जमीदोज हो गया था, मगर ऐन वक्त पर साथियों के सहयोग से वह बच गई। हालांकि बर्फानी तुफान की दो बार चपेट में आने के कारण वह कई दिनों तक बीमार रही, मगर उसने हिम्मत नहीं हारी। निमोनिया होने के बावजूद भी मनीषा ने कभी हार नहीं मानी। मुलरुप से फतेहाबाद जिले के बनावाली गांव की मनीषा पायल के पिता महेन्द्र पायल वर्तमान में हरियाणा पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं और वे लंबे समय से हिसार पुलिस लाईन में ही रह रहें हैं।

    26 जनवरी को किली मंजारो की थी फतेह

    पर्वतारोही मनीषा जीजेयू विश्वविद्यालय की बीटेक बायोमेडिकल की पूर्व छात्रा है और वर्तमान में विश्वविद्यालय के दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय से एमबीए कर रही हैं। मनीषा ने 26 जनवरी 2019 को दक्षिणी अफ्रीका की 19430 फुट ऊंची चोटी किली मंजारो फतह की थी। उस समय वहां पर माईनस 70 डिग्री से भी कम तापमान रहता है। यह ऐसा समय होता है जब बहुत पर्वतारोही इस विपरित मौसम में इस चोटी की तरफ जाने की भी सोचते।

    सेवन समिट पर तिरंगा लहराने का इरादा

    दक्षिणी अफ्रीका की किली मंजारो व माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा लहराने वाली मनीषा सेवन समिट यानी सातों महाद्वीपों की 7 ऊंची चोटियों में शेष बची पांच चोटियों को फतेह करने का इरादा रखती है। जिनमें से इंडोनेशिया की कारस्टेन्स पिरामिड शिखर, यूरोप की एलबुर्स, अमेरिका की माउंट देनाली, अंटार्कटिका की विन्सन की चढ़ाई करना उसका अगला लक्ष्य है।

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