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ईवीएम वाहनों को आग लगाने का अशोक तंवर का बयान निंदनीय : सुनीता दुग्गल

 Hisar Today

सिरसा
भारतीय जनता पार्टी की नेत्री एवम सिरसा लोकसभा क्षेत्र से पार्टी उम्मीदवार श्रीमती सुनीता दुग्गल ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर के ईवीएम के वाहनों को आग लगाने के बयान की तीखे शब्दों में निंदा की है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से तंवर के इस बयान पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
सिरसा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुनीता दुग्गल ने कहा कि अशोक तंवर संभावित हार से मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। इसी मानसिक असंतुलन और बौखलाहट में ही तंवर आग लगाने व अशांति फैलाने जैसे बयान दे रहे हैं। कांग्रेसियों की प्रवृति है कि पहले वे दंगा भड़काते हैं, आग लगवाते हैं और बाद में कांग्रेस के ही नेता ‘हुआ जो हुआ’ कह कर पल्ला झाड़ने की कोशिश करते हैं। राहुल गांधी फिर माफी मांग लेते हैं। सुनीता दुग्गल ने मंगाला सरपंच मामले में कहा कि किसी भाजपा कार्यकर्ता को नाजायज परेशान करने और धमकाने की कोशिश की गई तो वे चुप नहीं बैठेंगी। सरपंच ने कुछ गलत किया है तो उसकी चुनाव आयोग के नियमों अनुसार दायरे में रह कर जांच होनी चाहिए। किसी कार्यकर्ता को धमकाया जाना बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों पर सवाल उठाया कि अशोक तंवर की शिकायत के बाद अधिकारियों ने मंगाला में पार्टी कार्यकर्ता राजकुमार को धमकाया जोकि निन्दनीय है। मतदान को लेकर सभी अपना संभावित गुणा भाग लगाते हैं। तंवर भी प्रदेश की दस सीटों पर जीत का दावा करते हैं। तो क्या उनके खिलाफ भी करवाई होनी चाहिए? मंगाला सरपंच राजकुमार ने भी अपना अनुमान रखा है। भाजपा कार्यकर्ता अपनी पार्टी के पक्ष में ही अपनी भावना रखता है। कांग्रेसी अपने पक्ष में अपने अनुमान रखते हैं। भाजपा नेत्री दुग्गल ने कहा कि वे पंजाब में चुनाव प्रचार कर रही थीं लेकिन आज कार्यकर्ता की बात आई और अशोक तंवर के भड़काऊ बयान आये तब उन्हें प्रचार बीच में छोड़ कर श्री प्रकाश सिंह बादल जी से माफी मांग कर आना पड़ा। सुनीता दुग्गल ने कहा कि उनकी संस्कृति और संस्कारों में कार्यकर्ता को कोहनी या धक्के मारना नहीं बल्कि कार्यकर्ताओं के साथ कंधे से कंधा मिला कर संघर्ष करना है।
उन्होंने कहा कि लगातार बोखलाए हुए कांग्रेस नेता उनके पति, भाई और परिवार के सदस्यों के खिलाफ अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। चुनाव के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप लगाए। शराब बांटने के आरोप लगाए। श्रीमती दुग्गल ने कहा कि मैं नशामुक्त सिरसा बनाने के लिए यहां आई हूं। सिरसा के जागरूक मतदाताओं ने अपना फैसला दे दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अशोक तंवर जैसे लोग ईवीएम में कैद जनभावनाओं को आग लगाने जैसे ओछे व भड़काऊ बयान देते हैं। अशोक तंवर पहले ये बताएं कि उन्होंने अपने आपराधिक मामलों की जानकारी जनता को क्यों नहीं दी। चुनाव आयोग की हिदायत है कि उम्मीदवार को अपना आपराधिक रिकॉर्ड जनता के समक्ष प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से तीन बार रखना होता है। मैं चुनाव आयोग से मांग करती हूं कि अपना आपराधिक रिकॉर्ड छुपाने की कोशिश करने वाले कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ भी संज्ञान लेकर कार्रवाई करे। उन्होंने सिरसा के मतदाताओं को सर्वाधिक मतदान के लिए धन्यवाद किया।

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