टुडे न्यूज़हिसार

आरोपी बन बैठा ‘मुहाफिज’

अभियंता थोप रहे जिम्मेदारी ठेकेदार पर, जबकि काम के दौरान निरिक्षण की जिम्मेदारी अभियंता की

Hisar Today

अर्चना त्रिपाठी | हिसार

हिसार शहर की 2 दिन पहले जो दुर्दशा हुई थी उसके बाद शहर का क्या हाल हुआ था यह सभी ने देखा। सड़कें धंस गई थी, बसें- गाड़िया खड्डों में फंस गई। पाइप लाइन के कार्यों के कारण घरों में दरांरे पड़ गयी।

कहीं घरों के अंदर सीवर का पानी घुस आया था तो कहीं करोड़ों की लागत से बिछाये गए सीवर के काम में धांधली का आरोप लगा। यह नजारा हिसार के विकास की ही जीती जागती कहानी बयान करती है। हैरत तो यह है कि जब निगम प्रशासन फेल हुआ तो कुछ गैर सरकारी संस्थाए अपनी तरफ से आवाज उठा कर अपने इलाके में धंसी सडकों में अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत की कलई खोलते दिखाई दिए।

थोड़ी सी बरसात में हुई शहर की इस बद्द से बद्दतर हालत को देखकर मेयर गौतम सरदाना और भाजपा के विधायक डॉ कमल गुप्ता आज जनता के निशाने पर हैं।

कहीं न कहीं विकास की झूटी बातें और विकासशील परियोजनाओं में ठेकदार और अधिकारियों के सांठ-गाठ का खुलासा शहर के सडकों के धसने से उठ खड़ा हुआ। इस घटना के बाद जहां एक तरफ नाराज रहिवासी नगरनिगम को कोर्ट में घसीटने की बातें कर रहे थे, तो किसी ने कहा कि वह नगरनिगम का घेराव करेंगे। वहीं कुछ नागरिक तो निगम अधिकारियों के खिलाफ पुलिस थाने तक चले गए हैं।

मौके की नजाकत और शहर की इस दशा से गुस्साए मेयर गौतम सरदाना ने कठोर कदम उठाकर निगम के अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए एक पत्र अधीक्षक अभियंता रामजीलाल को जारी किया कि लापरवाह ठेकदार और अधिकारियों पर ठोस से ठोस कार्यवाई की जाए। जलभराव और सड़क धसने के लिए दोषी ठेकदार और सम्बंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 दिन के अंदर रिपोर्ट उन्हें सौपी जाए।

सवाल यह उठ खड़ा होता है कि मेयर गौतम सरदाना ने जिस अधीक्षक अभियंता रामजीलाल को कार्यवाई का आदेश जारी किया है, वही अधिकारी निगम में ऐसे प्रमुख पद पर है, जिसके अंतर्गत ही शहर के सारे विकासशील कार्य होकर गुजरते हैं।

यह रामजीलाल की जिम्मेदारी है कि वह इन कार्यों का बिल पास करने के पूर्व कार्यों की गुणवत्ता चेक करे। ऐसे में अगर शहर के विकासशील परियोजना अर्थात सड़क धंसने या पानी भरने की घटना सामने आती है तो इसके लिए कहीं न कहीं अधीक्षक अभियंता को जिम्मेदार माना जा सकता है।

अब सवाल यह उठ खड़ा होता है कि कारण बताओ नोटिस के लिए जितने जिम्मेदार निगम अधिकारी हैं उससे कई गुना ज्यादा जिम्मेदार उनके डिपार्टमेंट के प्रमुख अर्थात अधीक्षक अभियंता जिम्मेदार हैं। इसलिए जरुरी होता की मेयर गौतम सरदाना सीधे अधीक्षक अभियंता को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते न कि उन्हें कहते कि रिपोर्ट 3 दिन में दे।

“गन्दा है पर धंधा है यह” सिरिस में आज हम आपको डोगरान मोहल्ला के उस धरने की तस्वीर दिखाने जा रहे हैं, जिन्होंने सरकार की अमृत योजना के तहत चल रहे काम के दौरान मकान की नींव हिलने का विरोध करते हुए वहां के लोगों ने गुस्से से आगबबूला होकर धरने प्रदर्शन में बैठ गए।

अधिकारी हमें दें परमिशन, हम करवा लेंगे काम : निशांत मुटरेजा

इस अनियोजित कार्यों के भुक्तभोगी निशांत मुटरेजा ने 17 मई को हिसार नगर निगम के सहायक अभियंता प्रवीण कुमार वर्मा को लिखित में शिकायत भेजी कि ठेकेदार द्वारा 4 दिन से काम बंद पड़ा हुआ है, जिससे आम जनता परेशान है।

उन्होंने आरोप लगाया था कि अमृत योजना के तहत डाली जा रही पानी की पाइप लाइन की खुदाई करते हुए उनके इलाके की पुरानी सीवर लाइन टूट जाने से पानी लगातार लीक हो रहा है। जिसके चलते उनके मकान के सामने रास्ता धंसता जा रहा है।

निशांत ने अपने पत्र में यह भी कहा कि अगर अधिकारियों से काम नहीं हो सकता तो बता दे और लिखित में उन्हें परमिशन दे दे। जिसके चलते वह खुद काम करवाकर उसका बिल निगम को भेज देंगे। अन्यथा अगर इस कार्य को करने में हुयी देरी से जो भी नुक्सान हुआ तो सहायक अभियंता प्रवीण इसके जिम्मेदार खुद होंगे और उन्हें अपने निजी खर्चे से सारे नुक्सान की भरपाई करनी होगी।

सड़क धसने से बिजली का पोल भी धंसा

हालात आज इतने बद्द से बद्दतर हो गए हैं कि अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही और मिलीभगत से आज सड़कें जगह-जगह धंस रही हैं। इस इलाके में एक बिजली का पोल भी सड़क धसने से अंदर तक धंस गया।

सहायक अभियंता ने माना ठेकेदार से काम के दौरान हुई गलती

यह आधिकारिक तौर पर स्पष्ट हो चुका है कि हिसार नगर निगम के सहायक अभियंता प्रवीन कुमार वर्मा ने गुजरात के ठेकेदार L/C Tecnocraft JV के साइट अफसर को तत्काल पत्र लिखकर यह स्पष्ट तौर पर माना है कि ठेकेदार द्वारा गलत ढंग से किये कार्यों के कारण आज डोगरान मोहल्ला की दुर्दशा हुयी है।

अधिकारी ने 17 मई को भेजे इस पत्र में यह भी साफ-साफ कहा कि उनके गैरकार्यभार से सड़क और रैम्प में दरारे आने लगी हैं। पानी की पाइप लाइन और सीवर लीक हो चुके हैं। इसलिए अगर उनके कार्य के कारण कुछ भी अनहोनी घटना घटना या बिलिंग गिरती है तो उसके लिए ठेकेदार जिम्मेदार होगा। सहायक अभियंता ने ठेकेदार को आदेश देते हुए स्पष्ट कहा कि तुंरत कार्यवाई कर पानी सप्लाई और सीवर सप्लाई को दुरुस्त करे और सड़क को ठीक से ठीक करें ताकि वाहन आ जा सकें। वरना आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी।

कनिष्ट अभियंता के खिलाफ पुलिस में दी शिकायत

डोगरान मोहल्ले में निगम अधिकारियों की लापरवाही के कारण नरकीय यातना झेल रहे नागरिकों ने नगर निगम के सहायक अभियंता प्रवीण वर्मा और कनिष्ट अभियंता गंगाधर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है। आरटीआई कार्यकर्ता तिलक राज ने हिसार टुडे को दिए बयान में कहा कि उन्होंने 4 दिन पहले मिल गेट पुलिस स्टेशन में एसएचओ को शिकायत दी है कि उनके घरों और दुकानों की दीवार में दरारे एवं जो भी नुक्सान हुआ उसके लिए वह नगर निगम के इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करे। मगर पुलिस भी बस हाथ पर हाथ धरे बैठी है और इन अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रही है, जो बेहद निंदनीय है।

मामला गंभीर, आमजन परेशान, बिजली-पानी के काटे कनेक्शन

बता दें कि डोगरान मोहल्ला में अमृत योजना के तहत लाखों रूपए की लागत से अंडरग्राउंड सीवेरज डालने का कार्य आइस फैक्ट्री से मोहन स्वीट्स तक अंडरग्रॉउंड पाइप लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। मगर जब पाइप लाइन डालने के लिए 500-600 फुट खुदाई के कार्यों को अंजाम दिया जा रहा था। आरटीआई एक्टिविस्ट तिलक राज के अनुसार जब यह यह कार्य चल रहा था अचानक पाइप बेंड हो गयी, बाद में उस पाइप को निकालने में तकरीबन 72 फुट की पाइप टूट कर अंदर अटक गयी।

जिससे इतना नुकसान हुआ कि न केवल पानी और सीवर का हाल बल्कि इस कार्य के दौरान मकान की नींव में भी दरारें आ गई। जिसका विरोध करते हुए रहिवासी निशांत मुटरेजा ने सहायक अभियंता प्रवीण कुमार वर्मा और कनिष्ट अभियंता गंगाधर के खिलाफ कई बार निगम में शिकायतें दी। मगर जब भी कोई कार्यवाई नहीं हुयी तो इसी का विरोध करते हुए वहां के लोगों ने गुस्से से आगबबूला होकर धरने प्रदर्शन पर बैठ गए।

एक तरफ तो इनके कार्य के कारण सड़क धसने शुरू हो गयी तो दूसरी तरफ लोगों के घरों से बिजली और पानी का कनेक्शन भी काट दिया गया। जिससे आगबबूला होते हुए लोग विरोध स्वरुप मार्किट बंद कर रोड़ पर दरी बिछा कर बैठ गए। तिलक राज के अनुसार निगम के अधिकारी सुबह साढ़े 11 बजे से शाम साढ़े 6 बजे तक कार्य करवाने का काम करते रहे जबकि ठेकेदार महाशय को यहां आने तक की फुरसत नहीं।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close