टुडे न्यूज़संपादकीय

आयुक्त अशोक गर्ग ने 2 पार्षदों के साथ अधिकारियो की भी लगाई क्लास

Hisar Today

हिसार टुडे ने हिसार नगरनिगम में आयुक्त अशोक गर्ग से कर्मचारियों और अधिकारियों के वर्क कल्चर पर क्या सवाल किया की मानो अशोक गर्ग ने अगले ही दिन से सख्ती और कर्मचारियों और अधिकारियों को शिक्षा का पाठ पढ़ाना शुरू कर दिया। दरहसल हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड, गुडग़ांव के जोनल प्रशासक और न्यायधीश एस.एन. ढींगरा (सेवानिवृत्त) जांच आयोग के सचिव अशोक कुमार गर्ग, एचसीएस व सरस्वती कमिशन में कार्यरत स्पेशल अफसर अशोक कीमार गर्ग को नगरनिगम हिसार के आयुक्त के तौर पर नियुक्त किया गया। मगर उनके आगमन के साथ निगम में काम करने वाले कुछ लोग अभी भी अपनी पुरानी कार्यशैली के तहत बड़े सुस्ती से काम करते आ रहे थे। निगम के अधिकारियों की इन कुछ दिनों से लगातार शिकायत आ रही थी की वो या तो समय पर अपनी सीट पर जनता के काम के लिए नजर नहीं आते और अगर आते भी है तो जनता के साथ ऐसा बर्ताव करते है मानो जनता उनकी नौकर है।
यही कारण है कि हिसार टुडे ने यही मसला जब आयुक्त अशोक गर्ग के समक्ष उठाय तो उन्होंने इस बात की कड़ी निंदा की और कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियो के वर्क कल्चर की तरफ ख़ासा ध्यान दिया जा रहा है. वह व्यक्तिगत हर अधिकारियो के विभाग का मॉनिटर कर रहे है। वैसे उनकी बातो से मुझे यह तो आशा थी की जो वो बोल रहे है , काश ऐसा ही हो। कम से कम निगम अधिकारियों और कर्मचारियों के मिलने के इंतज़ार में धक्के खाते लोगो को न्याय तो मिलेगा। मगर फिर भी अशोक गर्ग ने जिस प्रकार हमें भरोसा दिलाया उसका असर भी हुआ। हिसार टुडे को कमिशनर से बात करने के अगले ही दिन आयुक्त अशोक गर्ग ने स्वछता को लेकर गम्बिरता बरतते हुए सबसे पहले ड्यूटी ख़त्म होने के बाद शर के पार्को के हालत का खुद व्यक्तिगत जायजा लिया। उन्होंने न केवल बहुचर्चित मधुबन पार्क, छोटू राम पार्क और छाजू राम पार्क का जायजा लिया बल्कि खुद वह के शौचालय, पानी और बिजली व्यवस्था को भी व्यवक्तिगत जाकर पड़ताल की। ऐसा तो अधिकारियो ने भी नहीं सोचा होगा कि उनके कार्यो की कलई इतनी जल्दी खुल जायेगी। क्योंकि इन सभी जगह शौचालय, पिने के पानी का अभाव और पर्याप्त बिजली व्यवस्था का अभाव था। तेजतर्रार अशोक गर्ग ने आव देखा न ताव मांग की एसआई से सम्बंधित स्टाफ से एक दिन के भीतर शहर के सभी टॉयलेट की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। अशोक गर्ग की खासियत मुझे यह लगी कि वह शहर की स्वछता और हरियाली को लेकर ज्यादा गंभीर है। इतना ही नहीं वह इस कोशिशों में है कि सालो से चल रही निगम के अंदर अधिकारियो की धांधली को ख़त्म करना उनका सुस्त कार्यभार को दूर कर उन्हें अपने कार्यो और कर्तवो का बोध करवाना।
इतना ही नहीं उन्होंने हिसार शहर के पर्यावरण को लेकर भी अपनी गंभीरता दिखाई और कचरा जलाने वालो पर कड़क कदम उठाने के निर्देश दिए। अशोक गर्ग की एक बात शायद मीडिया या कुछ अखबारों ने नहीं दिखाई। मगर हकीकत तो यह है की अशोक गर्ग की कार्यशैली की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल में अपने बातो में कायम अशोक गर्ग ने कथनी और करनी पर अंतर रखने वाले 2 पार्षदों को भी बातों ही बातो में लताड़ लगायी थी। उन्होंने उन्हें साफ़ तौर पर कहा की आयुक्त से कैसे बातें करना है इसकी जानकारी नहीं है क्या? इतना ही नहीं आयुक्त के सामने कुछ और और मीडिया में कुछ और बोलने वाले पार्षदों को भी उन्होंने खरी खरी सुनाते हुए कहा था कि पार्षद कोई समस्या लेके मेरे पास आने की बजाय सीधे मीडिया के पास भागते है।
इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनका सख्त तेवर कैसा रहा, और उन्होंने पार्षदों को भी यह सन्देश दे दिया की अब तक जो पहले चलता था अब वैसा नहीं चलेगा। बता दे की हिसार नगरनिगम में अधिकारियों के वर्क कल्चर को सुधरने की बेहद जरुरत है। अब तक जो घिसा पिता काम होता था, इतने सालो से हाउस टॅक्स के मुद्दे पर सोते रहे अधिकारियों के कारण हिसार नगरनिगम के उत्त्पन्न में बहुत नुक्सान हुआ। इसलिए अब हिसार नगरनिगम को अपने पैरो में खड़ा करके उसे सही दिशा देने के लिए अब प्रयास करना होगा। आशा तो है कि 2 पार्षदों को लताड़ लगने के बाद उन्हें समझ तो आ गया होगा। और अब अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम लेके अब अधिकारी भी सतर्क हो गए होंगे। देखते है कि अशोक गर्ग के इस कदम से वर्क कल्चर कितना बदलता है।

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