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अमृत योजना कर रही ‘जहर’ का काम (Video)

आरोप : सीवर पाइप लाइन के लिए दुरी मापी 378 और काम आवंटित हुआ 460 मीटर

हाल-ए-शहर हिसार टुडे सीरिज- 3

कृष्णा नगर क्षेत्र राजनीतिक तुष्टिकरण का शिकार 
करोड़ों की लागत से अमृत योजना के तहत चल रहे कार्य पर नागरिकों का रोष
ठेकदार की लापरवाही का पर्दाफाश
अर्चना त्रिपाठी | हिसार
हिसार शहर में इन दिनों अमृत योजना के तहत चल रहे कार्य ने शहरवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। ठेकदार द्वारा किये जा रहे अनियोजित कार्यों के कारण कहीं पानी, सीवर के कनेक्शन टूट रहे हैं, तो कहीं धीमी गति से चल रहे कार्य रहिवासियों का जीना मुहाल कर रहे हैं।
इतना ही नहीं नागरिकों का यहां तक आरोप है कि अमृत योजना के तहत किये जा रहे कार्य में काफी गड़बड़िया हैं जो किसी बड़े घोटाले की तरफ संकेत दे रहे हैं। कृष्ण नगर के सामाजिक कार्यकर्ता राकेश पंडित ने हिसार टुडे से खास मुलाकात में कहा कि वह इस कार्य का काफी समय से वर्कऑर्डर मांग रहे हैं मगर बावजूद इसके निगम के अधिकारी वर्क आर्डर देने को तैयार नहीं।
उन्होंने कहा कि हमें बताया कि उन्हें लोगों ने कहा कि टीचलेस पानी की पाइप लाइन डालने का काम चल रहा है। बावजूद इसके पाइप लाइन डालने के लिए पूरी सड़क की खुदाई की जा रही है। इतना ही नहीं काम कब शुरू होगा कब खत्म होगा, इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई।
इतना ही नहीं 30-35 साल पहले डाले गए 6 इंच की सीवर पाईपलाइन की जगह अब निगम अमृत योजना के तहत कहीं 10 तो कहीं 12 इंच की पाइप लाइन डालने के कार्यों को अंजाम दे रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता राकेश पंडित के अनुसार इस कार्य में उन्हें भ्रष्टाचार की बू आ रही है। हालांकि निगम अधिकारियों ने इस कार्य में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार की बात से साफ इंकार किया है।

378 मीटर दुरी माप के गए थे, काम 460 मीटर का भ्रष्टाचार का संकेत

राकेश पंडित ने आरोप लगाया कि यह कार्य किसी गुजरात की कंपनी को दिया गया है। मगर जब इस कार्य को करने के लिए क्षेत्र का सर्वेक्षण करने आज से साढ़े 3 साल पहले जब अधिकारी आये थे, तब पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट ने दूरी मापने का काम किया था, उस समय उन्होंने 378 मीटर दुरी दर्ज करवाई थी, यह रिलायंस मॉल से चूनाभट्टी शिव मंदिर तक का इलाका था।
मगर अब दुरी 460 मीटर बता रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि 82 मीटर का टोटल एरिया कहां से बढ़ा दिया? यह सवाल आज कहीं न कहीं इस बात को साबित कर रहा है कि इसमें कुछ ऐसा है जो अधिकारी छुपाने का प्रयास कर रहे हैं। इतना ही नहीं 250 मीटर तक 12 इंच सीवर पाइप लाइन और उसके बाद 10 इंच पाइप क्यों डाली जा रही है, इसका जवाब भी अधिकारी नहीं दे रहे।
उन्होंने कहा कि ठेकदार के कार्य में भी इतनी खामिया हैं कि हमेशा लोगों की सुरक्षा डर सताये रहता है। राकेश पंडित का कहना था कि उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों से वर्क आर्डर कई बार मांग चुके हैं मगर अधिकारी वर्क आर्डर देने को तैयार नहीं इससे ऐसा लगता है सरकार, प्रशासन, अधिकारी आपसी मिलीभगत कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं।

अमृत योजना के कार्य में ठेकदार की लापरवाही से जान-मॉल का डर

हिसार टुडे से खास बातचीत में नागरिकों ने अपना रोष व्यक्त करते हुए कहा कि ठेकेदार काम करते हैं और बीच में छोड़कर चले जाते है। आज सडकों की ऐसी खुदाई की गयी है कि यहां से चलना फिरना भी दुश्वार हो गया है। इतना ही नहीं इतने गहरे खड़्डेे खोदकर रखे गए हैं मगर सुरक्षा का कोई ख़ास ध्यान नहीं दिया गया, इसलिए बच्चो को लाने ले जाने में काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है।
रात में जान का डर और सताता है। यहां न सुरक्षा के लिए कोई बोर्ड, न कोई अन्य व्यवस्था। ऐसे में रात में गिरने का डर भी लगा रहता है। बच्चों को साथ लेकर चलना और मुश्किल हो जाता है। इतना ही नहीं यहां नागरिकों की जानकारी के लिए साइन बोर्ड भी नहीं लगाया गया है। जिससे उन्हें पता ही नहीं चल रहा है कि काम कब खत्म होगा, कौन सा ठेकेदार काम कर रहा है और कौन सा निगम अधिकारी इस कार्य को मॉनिटर कर रहा है।

“जिसकी खाये बाजरी उसकी बजाये हाजरी”

कृष्णा नगर के रहियवासियों का आरोप था कि इस परिसर में कुछ पॉइंट ऐसे हैं जहां जलभराव की समस्या थोड़ी सी बरसात में व्यापक रूप अख्तियार कर लेती है। मगर आज तक उस समस्या को हटाने में यहां के स्थानीय पार्षद पूरी तरह नाकामयाब साबित हुए हैं। इतना ही नहीं खुद सामाजिक कार्यकर्ता राकेश शर्मा ने आरोप लगाया कि यह क्षेत्र राजनीतिक तुष्टिकरण का शिकार हुआ है।
पार्षद को यह क्षेत्र शत्रु जैसा दिखाई देता है क्योंकि उनको वोट इस इलाके से नहीं गया। इसलिए वह यहां के विकास को नजरअंदाज कर रहे हंै जो यह साबित करता है कि वह मानसिक असंतुलन का वह शिकार है। इतना ही नहीं उन्होंने हिसार के विधायक डॉ कमल गुप्ता को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विधायक ने कहा था कि चुनाव जीता तो हर वार्ड में जाकर जनता की समस्या को निपटाऊंगा, मगर अबतक उनके दर्शन नसीब नहीं हुए।
आज परिसर में जलभराव के कारण बीमारियों पनप रही है, मगर फिर भी निगम अधिकारी, मेयर गौतम सरदाना और विधायक आँख बंद करके बैठे हैं, उन्हें जनता की कोई सुध नहीं है। इतना ही नहीं जब से गौतम सरदाना मेयर बने है उन्होंने भी जनसमस्या सुलझाने का काम नहीं किया जिसको देखकर लगता है यह तो वही बात हो गयी “जिसकी खाये बाजरी उसकी बजाये हाजरी” भाजपा के थैले के अलावा गौतम सरदाना को कुछ नहीं दिख रहा है।

डेडलाइन 2020 : अधिकारियों ने कहा टींचलेस नहीं काम, माना पाईप लाइन का काम 460 मीटर

जैसा कि सामाजिक कार्यकर्ता राकेश पंडित की यह दलील थी कि साढ़े 3 साल पहले एरिया का माप 378 मीटर था, मगर बाद में 460 मीटर एरिया में काम दिखाया गया, जो भ्रस्टाचार की तरफ इशारा करता है। मगर निगम अभियंता अशोक कुमार ने माना कि काम 460 मीटर का है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जहां जितने फ्लो की जरुरत है उसे देखकर सीवर पाइपलाइन 10 या 12 इंच का डाला जारहा है। उन्होंने बताया कि मई 2020 की डेडलाइन दी गई है शहर में इस पुरे विकासशील परियोजनाओं के कार्यों को पूरा करने की।

मामला : ठेकेदार व नगर निगम कर्मचारियों की लापरवाही

अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) योजना के तहत शहर की 16 काॅलोनियों में सीवरेज लाइन डालने का कार्य बड़े जोरशोर से चल रहा है। कुल 75 करोड़ लागत से हिसार शहर में हो रहे कार्यों के कारण आज जनता के आँखों से आंसू आ गए हैं।
कृष्ण नगर में इसी अमृत योजना के तहत चल रहे कार्य से न केवल लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि सुरक्षा के व्यापक इंतजाम न होने के कारण जनता भी परेशान है। हालांकि यहां के स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता राकेश पंडित ने अमृत योजना के तहत चल रहे कार्यों पर अपना रोष जताया है। उन्होंने सीधे सीधे आरोप लगाया कि जब साढ़े 3 साल पहले 378 मेटर दुरी मापी गयी थी तो ऐसे में अधिकारी 460 मीटर का काम कैसे कर रहे है।
इतना ही नहीं उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारी उन्हें मुँहजुबानी कहते है कि टींचलेस सीवर लाइन डालने का काम चल रहा है, मगर हकीकत में यह सीवर की लाइन डालने के लिए खुदाई करके काम किया जा रहा है। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कहीं पर 10 इंच तो कही पर 12 इंच की सीवर लाइन डाली जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्य का कई बार वर्कऑर्डर मांगने के बाद भी नहीं दिया जा रहा है। जिससे उन्हें ऐसा लग रहा है कि निगम के अधिकारी कुछ छुपाने का कार्य कर रहे हैं। इतना ही नहीं इस क्षेत्र में कुछ दिनों पूर्व हुयी बरसात के बाद जो जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुयी थी। आजतक इस इलाके में वही जलभराव की स्थिती बनी हुई है मगर पार्षद को कोई सुध नहीं।

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