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युवराज सिंह ने इंटरनैशनल क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लिया

रिटायरमेंट के दौरान युवराज सिंह ने कहा, अब आगे बढ़ने का समय आ गया है.

नई दिल्ली : टीम इंडिया के दिग्गज खिलाड़ी युवराज सिंह ने इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी है. युवराज ने 19 साल के इंटरनेशनल करियर में कई ऐतिहासिक पारियां खेलीं और भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई. युवराज सिंह संन्यास की घोषणा करने के दौरान भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि यह उनके लिए रोलर कोस्टर राइड की तरह रहा. युवराज सिंह ने कहा कि 22 यार्ड्स में करीब 25 साल बिताने के बाद और इंटरनेशनल क्रिकेट में करीब 19 साल बिताने के बाद मैंने मूव ऑन करने का फैसला किया. युवी ने यह भी बताया कि उन्होंने संन्यास लेने के बारे में किससे राय ली.

युवराज ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ”22 यार्ड के इर्द-गिर्द 25 साल बाद और इंटरनेशनल क्रिकेट में करीब 17 साल बिताने के बाद मैंने संन्यास का फैसला लिया. इस खेल ने मुझे लड़ना, गिरना, फिर से उठना और आगे बढ़ना सिखाया.” युवराज संन्यास की घोषणा करते वक्त भावुक हो गए हैं. उन्होंने अपने करियर के कई दिलचस्प और भावुक पलों का जिक्र किया. युवी ने कैंसर का जिक्र करते हुए अपने डॉक्टर को शुक्रिया कहा

पिता योगराज से मिली राह

12 दिसंबर 1981 को चंडीगढ़ शहर में जन्‍मे युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह  भी भारतीय टीम के लिए खेल चुके हैं. योगराज ने तेज गेंदबाज की हैसियत से भारतीय टीम के लिए एक टेस्‍ट मैच खेला. वे भारत के लिए छह वनडे मैच भी खेले थे.

बचपन में रोलर स्केटिंग का था शौक

युवराज सिंह को बचपन में रोलर स्‍केटिंग का काफी शौक था. इस खेल में युवराज सिंह ने कई ट्रॉफियां भी जीतीं, लेकिन उनके पिता योगराज को युवराज को क्रिकेटर बनाने से कम कुछ भी मंजूर नहीं था. उन्‍होंने बेहद कड़ाई से युवराज को इस खेल में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया.

प्रैक्टिस के लिए घर में ही बनाई थी पिच

योगराज ने युवराज के बल्‍लेबाजी के अभ्‍यास के लिए घर में ही पिच बनाई थी, इस पर वे घंटों युवराज सिंह को बल्‍लेबाजी का अभ्‍यास कराते थे. युवराज की ट्रेनिंग को लेकर वे बेहद सख्‍त थे. बचपन में युवी को अपने पिता की यह सख्‍ती पसंद नहीं आती थी लेकिन आज युवराज मानते हैं कि पिता की सख्‍त ट्रेनिंग के कारण ही उन्‍हें क्रिकेट में ऊंचाई छूने में मदद मिली.

बचपन में कर चुके हैं पंजाबी फिल्म

युवराज ने बचपन में एक पंजाबी फिल्‍म में भी काम किया था. उन्‍होंने पंजाबी फिल्म ‘मेहंदी शगना दी’ में काम किया था. इस फिल्म में युवी के पिता और पूर्व क्रिकेटर योगराज सिंह भी थे. युवराज के पिता भी कई हिंदी और पंजाबी फिल्‍मों के काम कर चुके हैं. योगराज ने उड़न सिख मिल्‍खा सिंह के जीवन पर बनी हिंदी फिल्‍म ‘भाग मिल्‍खा भाग’ में भी प्रमुख भूमिका भी दिखे थे.

जूनियर वर्ल्डकप में भी थे शामिल

युवराज सिंह, जूनियर वर्ल्‍डकप में चैंपियन बनने वाली भारतीय टीम का हिस्‍सा भी रहे हैं. वर्ष 2000 में मोहम्‍मद कैफ की कप्‍तानी में भारतीय टीम ने अंडर 19 वर्ल्‍डकप जीता था, इस टीम में युवराज सिंह भी शामिल थे. यही नहीं, भारतीय टीम के अहम मैचों में उन्‍होंने कई जोरदार पारियां भी खेली थीं.

जिताया था 2011 वर्ल्ड कप

युवराज सिंह ने मुंबई में प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मैंने क्रिकेट से संन्यास का फैसला किया है। युवराज के लिए सबसे बड़ी चीज 2011 का वर्ल्ड कप था, जिसमें उन्होंने चार अर्धशतक और एक शतक लगाया था। इस दौरान उन्होंने 15 विकेट भी झटके थे। उनके इस प्रदर्शन की बदौलत वे मैन ऑफ द टूर्नामेंट बने थे।

 

कैंसर को भी दी थी मात

हालांकि युवराज सिंह को वर्ल्ड कप जीतने के बाद बुरी खबर मिली। उन्हें पता चला कि उनके दोनों दो फेफड़ों के बीच में ट्यूमर है। उसके बाद उन्होंने बहादुरी से इस बीमारी को हराया, जैसे कि उन्होंने विपक्षियों को हराया था। वे पूरी तरह से हेल्दी होकर एक बार फिर क्रिकेट के मैदान में उतरे। लेकिन वे पहले जैसी फार्म नहीं दिखा सके और उन्होंने अंततः क्रिकेट को अलविदा करने का फैसला लिया।

संन्यास पर सचिन से बात

रिटायर होने के बाद युवी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई सवालों के जवाब दिए। उन्होंने बताया कि आईपीएल के दौरान वह सचिन से रिटायरमेंट पर बात कर रहे थे। युवी बोले, ‘सचिन ने मुझसे कहा था कि तुम्हें तय करना है कि कब अपना करियर खत्म करना है, तुमसे बेहतर कोई भी यह फैसला नहीं ले सकता।’

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बता दें कि युवराज ने 304 इंटरनेशनल वनडे मैच खेले हैं.

इस दौरान उन्होंने 8701 रन बनाए. युवराज सिंह ने वनडे में 14 शतक और 52 अर्धशतक जड़े हैं. उनका सर्वश्रेष्ठ वनडे स्कोर 150 रन रहा है. युवराज सिंह ने ऑलराउंडर की भूमिका निभाते हुए अच्छी बॉलिंग भी की. उन्होंने 161 वनडे पारियों में 111 विकेट झटके. युवी ने वनडे में एक बार पांच विकेट लेने का कारनामा भी किया है. इसके अलावा वो 51 इंटरनेशनल टी-20 मैचों में 1177 रन बना चुके हैं. उन्होंने इस फॉर्मेट में 28 विकेट भी झटके हैं. युवी का टेस्ट मैचों में भी अच्छा प्रदर्शन रहा है.

जानकारी के मुताबिक युवराज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद आईसीसी से मान्यता प्राप्त विदेशी टी-20 लीग में खेलना चाहते हैं. युवी विदेशी टी-20 लीग में फ्रीलांस क्रिकेटर के तौर पर खेल सकते हैं।

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