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यूरोप की सबसे ऊंची चोटी एल्ब्रुस पर तिरंगा फहरा कर वापिस हिसार लौटे रोहतास

Today News | हिसार

यूरोप की सबसे ऊंची चोटी एलब्रुस को फतेह करके हिसार लौटे गांव मल्लापुर निवासी रोहतास खिलेरी ने एक पत्रकार वार्ता में चढ़ाई के दौरान अपने अनुभवों को सांझा किया। रोहतास खिलेरी ने बताया कि 16 मई 2018 को विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह किया, इसके बाद उन्होंने विश्व के सात महाद्वीपों की चोटियों को फतह करने के लिए अपने अभियान की शुरुआत की माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई के बाद साउथ अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो को 17 घंटे में वल्र्ड रिकॉर्ड के साथ फतेह किया। इसके बाद उनका अगला अभियान यूरोप महाद्वीप की ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस का था जिसमें उन्होंने अपनी बहन शिवांगी के साथ यह चढ़ाई शुरू की।

उन्होंने 30 अगस्त को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से यूरोप के लिए उड़ान भरी इस बार हमारा अभियान यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस जिसकी हाइट 5642 मीटर है उसकी चढ़ाई करके देश की आन बान शान तिरंगे झंडे को विदेश की चोटी पर लहराना था हमने 31 सितंबर को माउंट एलब्रुस की चढ़ाई शुरू की थी इस तरह हम सही सलामत बेस कैंप पहुंच गए थे 1 सितंबर को हम थोड़ा हाइकिंग पर गए और वापिस बेस कैंप पहुंचे 2 तारीख को हमारा पूरा दिन रेस्ट था और रात को 10 बजे फाइनल चढ़ाई के लिए जा ही रहे थे कि मौसम खराब हो गया और तेज हवा के साथ साथ स्नोफॉल होना भी शुरू हो गया था।

हमें तूफान के कारण रास्ते में ही वापस लौटना पड़ा, हमारे पास खाने के लिए वेज में कुछ भी नहीं था नॉनवेज हम खा नहीं सकते थे इसलिए हमें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा 3 तारीख को हम रात को इंडिया के टाइम 11 बजे फिर से माउंट एलब्रुस की चढ़ाई के लिए निकले और हम ने 4 सितंबर 2018 को सुबह 7:56 मिनट पर यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस के टॉप पर पहुंच गए और देश की आन बान शान तिरंगे झंडे को विदेश की धरती की चोटी के ऊपर लहराया इस अभियान में हमें बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

 

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