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संसद भवन में सांसद दुग्गल ने उठाया रेल का मुद्दा: नीरज बांसल

सात दशक से रेल समस्याओं से जुझ रहे सिरसा लोकसभा को शीघ्र ही रेल से संबंधित नई सौगात मिलने वाली है।

 हिसार टुडे | सिरसा 

सात दशक से रेल समस्याओं से जुझ रहे सिरसा लोकसभा को शीघ्र ही रेल से संबंधित नई सौगात मिलने वाली है। संसद भवन में सिरसा लोकसभा के लिए नवनिर्वाचित सांसद सुनीता दुग्गल ने आवाज उठाई है। भाजपा नगर अध्यक्ष नीरज बांसल ने इस सिलसिले में कहा कि सिरसा के अधिकतर लोगों का दिल्ली आना-जाना होता है।

70 सालों में सिरसा लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस व क्षेत्रीय दलों के सांसदों का शासनकाल रहा है लेकिन किसी ने भी इस तरफ ध्यान दिया। लोकसभा चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पहली बार कमल खिला है और सुनीता दुग्गल सांसद बनी है। संसद भवन में सुनीता दुग्गल ने सिरसा लोकसभा के लिए सिरसा से दिल्ली तक रेल सौगात की पैरवी की। दुग्गल ने संसद भवन में स्पीकर के सामने बात रखते हुए कहा कि भौगोलिक लिहाज से भी सिरसा लोकसभा पंजाब और राजस्थान के बॉर्डर पर है, यानि दिल्ली से बहुत दूर है।

ऐसे में सिरसा से दिल्ली आने-जाने के लिए लोगों को अपने निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। बड़े पैमाने पर टोल पर पैसे खर्च करने पड़ते हैं और पेट्रोल पर भी करने पड़ते हैं। वजह यह है कि सिरसा संसदीय क्षेत्र रेलवे के नक्शे से पूरी तरह जुड़ा हुआ नहीं है। सुबह 8 बजकर 20 मिनट पर बठिंडा से दिल्ली के लिए जाने वाली किसान एक्सप्रेस निकलती है , उसके बाद अगले 19 घंटों तक कोई भी दूसरी ट्रेन दिल्ली की तरफ जाने के लिए नहीं है। अगली ट्रेन हरियाणा एक्सप्रेस है जो सुबह 3 बजकर 30 बजे है , यानि 19 घंटे बाद।

दुग्गल ने संसद भवन में कहा कि गोरखधाम एक्सप्रेस जो हिसार से गोरखपुर के लिए चलती है , वह हर रोज सुबह 11 बजे आकर हिसार में खड़ी हो जाती है और शाम में 4 बजे के बाद वहां से चलती है, जबकि हिसार से सिरसा की दूरी महज 82 किलोमीटर है। ऐसी स्थिति में अगर गोरखधाम एक्सप्रेस का विस्तार सिरसा तक कर दिया जाए तो सिरसा के लोगों को इसका फायदा होगा। कालिंदी एक्सप्रेस भिवानी तक आती है, उसका भी अगर विस्तार सिरसा तक कर दिया जाए तो इस संसदीय क्षेत्र के 15 लाख लोगों को फायदा मिलेगा।

सिरसा के लिए ये बड़े गर्व की बात है कि यहां से चुनी गई एक पढ़ी-लिखी सांसद सुनीता दुग्गल ने अपने पहले ही भाषण में लोकसभा में जिस तरीके से सिरसा को रेलवे नेटवर्क से जोडऩे का मुद्दा उठाया है, उससे लगता है कि आने वाले समय में भी सिरसा जैसे पिछड़े क्षेत्र की लड़ाई वह लोकसभा में मजबूती से लड़ती रहेंगी।

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