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अंतर्राष्ट्रीय नैश डे पर अस्पताल में हुई गोष्ठी

अंतर्राष्ट्रीय नैश डे के उपलक्ष्य में डॉ. भंवर पेट, आंत व लीवर का अस्पताल में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया

हिसार टुडे  सिरसा। अंतर्राष्ट्रीय नैश डे के उपलक्ष्य में डॉ. भंवर पेट, आंत व लीवर का अस्पताल में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें डॉ. भंवर सिंह ने अस्पताल में लोगों को नैश डे के महत्त्व से अवगत करवाया गया।

इस अवसर पर मरीजों को संबोधित करते हुए डॉ. भंवर सिंह ने कहा कि लिवर हमारे शरीर का महत्त्वपूर्ण एवं जटिल अंग है। यह हमारी पाचन तंत्र को नियंत्रित करता है और इसी के जरिए हम खाते या पीते हैं। डॉ. भंवर सिंह ने कहा कि यह संक्रमण और बीमारियों से लड़ता है, हमारे रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है।

इसलिए हमें इसका ध्यान रखना चाहिए और समय-समय पर इसकी जांच करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि फैटी लिवर दो तरह का होता है। एल्कोहलिक फैटी लिवर और नॉन एल्कोहलिक लिवर। एल्कोहलिक फैटी लिवर में एल्कोहल के अधिक सेवन के कारण लिवर में सूजन आ जाती है।

इससे लिवर में फैट जमने लगता है। नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर में अन्य कारणों से लिवर के आस-पास फैट जमा होने लगता है। ये दोनों ही समस्याएं खतरनाक हो सकती हैं।

डॉ. भंवर सिंह ने कहा कि बदलते समय के दौर में आज हमारा लाइफ स्टाइल बदल रहा है और लोग ओवरवेट, मोटापा और डायबिटीज जैसी समस्या के शिकार हो रहे हैं। ये तीनों कारक फैटी लिवर के होने के लिए जिम्मेदार हैं। बेशक, आप अल्कोहल का सेवन नहीं करते हों, फिर भी मोटापा, डायबिटीज और बेतरतीब जीवनशैली नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर के कारण बन सकते हैं।

अल्कोहल नहीं लेने के बावजूद भी यदि आपको इन तीनों में से कोई भी समस्या है तो आपको फैटी लिवर होने की पूरी संभावना है। इलाज करवाने में देर हुई तो ये सिरोसिस लिवर में बदल सकता है। इसमें लिवर क्षतिग्रस्त हो जाती है। इसलिए हमें अपने खान-पान की तरफ विशेष ध्यान देना होगा।

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