सिरसा

सरकार पर रोषित हुए अध्यापकों ने काली पट्टी बांध स्कूलो में विद्यार्थियों को पढ़ा किया रोष प्रकट

Hisar Today

अध्यापकों व कर्मचारियों के साथ हो रही ज्यादती के विरोध में आज सभी अध्यापकों ने विरोध स्वरूप काली पट्टी बांध कर अध्यापन कार्य किया। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान सुनील यादव, सचिव बूटा सिंह व कोषाध्यक्ष बलबीर सिंह ने संयुक्त रूप से विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि बीते 10 सितंबर  को शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे हरियाणा के कोने-कोने से आए हुए हजारों की संख्या में कर्मचारियों पर प्रदेश की तानाशाही सरकार ने निर्ममता पूर्वक वाटर कैनन, आंसू गैस के गोले छोडे व लाठीचार्ज किया। यहां तक कि महिलाओं के साथ इतनी अभद्रता की गई कि उनको हम शब्दों में बयां नहीं कर सकते। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ सरकार की इस कायराना हरकत की कड़े शब्दों में निंदा करता है व मांग करता है कि इस प्रकार के आदेश देने वाले अधिकारी के खिलाफ स त से स त करवाई की जाए।

पूर्व सूचना और हाउसिंग बोर्ड चौक पर दो घंटे  इंतजार के बावजूद भी सरकार का कोई सरकार का प्रतिनिधि नही आया, तो कर्मचारी शांति पूर्वक प्रदर्शन करने लगे। ऐसा इसलिए हुआ कि सर्व कर्मचारी संघ  हरियाणा रोडवेज व स्वास्थ विभाग के हड़ताली कर्मचारियों पर लगाए गए एस्मा, बड़े पैमाने पर की जा रही गिर तारियां, सेवा निलंबन एवं बर्खास्तगी और हाईकोर्ट के निर्णय से प्रभावित कर्मचारियों की नौकरी बचाने और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करवाने के लिए विधानसभा में रेगुलेशन बिल पास न करने का जवाब चाहता था। उन्होंने बताया कि लाठीचार्ज से पहले पुलिस ने कर्मचारियों  पर वाटर कैनन का प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले छोड़े । कर्मचारियों पर लाठीचार्ज चंडीगढ़ व हरियाणा पुलिस ने मिलकर किया।  महिलाओं को भी पुलिस ने नहीं ब शा। लाठीचार्ज में तीन दर्जन से अधिक कर्मचारी घायल हो गए।

जिलाध्यक्ष सुनील यादव ने बताया कि इस बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज के खिलाफ  राज्य कार्यकारिणी के फैसले अनुसार 12  सितंबर को सभी जिला मु यालयों पर दमन विरोधी दिवस मनाने का निर्णय लिया है। जिसके तहत सभी जिलों में प्रदर्शन किए जाएंगे। आंदोलन की अगली कड़ी में 18 सितंबर को सभी जिलों में एस्मा के तहत रोड़वेज व स्वास्थ विभाग के हड़ताली कर्मचारियों की सभी प्रकार की उत्पीडऩ की कार्रवाईयों व हाईकोर्ट के निर्णय से प्रभावित कर्मचारियों की नौकरी बचाने और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग को लेकर जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर सुबह 9 से 5 बजे तक जिला स्तर पर सत्याग्रह किए जाएंगे।

आंदोलन की अगली कड़ी में 23 अक्तूबर को राज्य के 10 कैबिनेट मंत्रियों के आवास पर प्रदर्शन किया जाएगा। इससे पहले मंत्रियों के विधानसभा हल्को में जन सभाएं/सेमिनार आयोजित कर सरकार की नीतियों की पोल खोली जाएगी। विधानसभा कूच के निर्णय के तहत 15 नवंबर को प्रदेशव्यापी हड़ताल की जाएगी ।

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