धर्मकर्म

सुबह उठकर करें पूजा, मन रहेगा शांत

रीलिजन डेस्क

भगवान की पूजा के लिए सुबह-सुबह का समय सर्वश्रेष्ठ माना गया है। वैसे तो दिन में कभी भी सच्चे मन से आराधना की जा सकती है, लेकिन ब्रह्म मुहूर्त में पूजा-आराधना करने का विशेष महत्व है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रदीप लाट्‌टा के अनुसार भक्ति के लिए सुबह का समय सबसे अच्छा होता है, क्योंकि इस समय हमारा मन शांत रहता है। नींद से जागने के बाद थकान नहीं रहती है और पूजा अच्छे से हो पाती है।दिन में अशांत मन और बुरे विचारों की वजह से ठीक से पूजा नहीं कर पाते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए ब्रह्म मुहूर्त को पूजादि कर्मों के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है।जब पूजा शांत मन से धैर्य के साथ की जाती है तो भगवान भक्त की सभी इच्छाएं पूरी करते हैं। सुबह-सुबह ध्यान करने से मानसिक तनाव दूर होता है, मंत्र जाप करने से बुद्धि तेज होती है।

सुबह पूजा करने के फायदे

सुबह जल्दी पूजा करने के लिए जल्दी जागना पड़ता है। सुबह-सुबह जल्दी उठने से हमारे स्वास्थ्य को कई लाभ मिलते हैं। दिनभर ताजगी बनी रहती है। ये समय ध्यान यानी मेडिटेशन के लिए बहुत अच्छा होता है। सुबह फालतू शोर भी नहीं होता है, वातावरण में शुद्धता रहती है। पूजा करते समय भगवान का ध्यान करना होता है, मंत्रों का जाप करना होता है, इन कामों के लिए सुबह का समय सबसे अच्छा होता है। सुबह हमारे दिमाग में इधर-उधर के व्यर्थ विचार नहीं होते। भगवान की भक्ति के लिए जरूरी है कि मन एकाग्र रहे, ताकि पूरा ध्यान पूजा में लगाया जा सके। सुबह के बाद दिन में किसी और समय में हम कई काम करते हैं, जिससे मन में बहुत सी बातें चलती रहती हैं। मन पूरी तरह एकाग्र नहीं हो पाता है।

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