धर्मकर्म

खालसा पंथ के सृजनहार गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज का प्रकाश गुरु पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया

श्री अखंड पाठ साहिब का हुआ विधिवत भोग

हिसार, 14 जनवरी 2019 : गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा एडहॉक कमेटी द्वारा दशम पिता एवं खालसा पंथ के सृजनहार गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज का प्रकाश गुरु पर्व स्थानीय नागोरी गेट स्थित गुरुद्वारा में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बड़ी श्रद्धा व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रात: दस बजे प्रकाश गुरु पर्व के उपलक्ष्य में रखे श्री अखंड पाठ साहिब का विधिवत रूप से गुरु घर से जुड़ी साध-संगतों के बीच भोग हुआ व गुरुद्वारा के हैड ग्रंथी इकबाल सिंह ने सरबल की भलाई के अरदास की। एडहॉक कमेटी के सदस्यों इन्द्रजीत सिंह, स्वर्ण सिंह, कुलवंत सिंह, अजयपाल सिंह, इकबाल सिंह ने उपस्थित संगतों व शहर वासियों को प्रकाश गुरु पर्व की लख-लख बधाई दी। इसके उपरांत स्त्री सत्संग की बीबीयों ने शब्द कीर्तन के माध्मय से साध संगत को मंत्र मुग्ध किया। स्थानीय रागी जत्था भाई कुलदीप सिंह ने भी सुंदर शब्दों से सभी साध संगतों को निहाल किया।

इसके उपरांत ढाडी जत्था बीबी गुरविंद्र सिंह खालसा (पंजाब) से श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के इतिहास को संगीत व शब्दों के माध्यम से अवगत करवाते हुए विस्तार से बताया कि मुगलों का क्रूर शासन था। आमजन दुखी था लोग अपने आपको असुरक्षित व असहाय समझते थे। अपनी रक्षा के लिए लोगों का प्रतिनिधिमंडल हिंद दी चादर गुरु पिता गुरु तेग बहादुर जी से मिला उस समय आप गुरु गोबिंद सिंह अल्पआयु में थे। पटना साहिब में आप का आगमन हुआ। नाशवान संसार में आपने बहुत कम समय व्यतीत किया। प्रारंभ से पिता जी से प्रेरणा लेते रहते थे। जुल्मों के खिलाफ लड़ते हुए पिता गुरु तेग बहादुर की शहादत के बाद धर्म की रक्षा के लिए आपको तैयार किया। जो एक ऊंची सोच का प्रतीक था। निर्बल व कमजोर हो चुके लोगों को तैयार किया गया ताकि वे अपने ऊपर होने वाले जुल्मों के खिलाफ लड़ सकें। श्री आनंदपुर साहिब की पावन धरा पर बैसाखी वाले दिन आप जी ने खालसा पंथ की सृजना की ताकि अपनी व धर्म की रक्षा कर सकें और इनका नेतृत्व आपजी ने संभाला और खालसा पंथ को मान-सम्मान दिया। आपके द्वारा बनाई सिंहों की सेना जो एक अल्प संख्या में थी। इसी सेना ने मुगलों की धज्जियां उड़ानी प्रारंभ कर दी, जिससे मुगली सेना में भगदड़ मच गई।

इसके अलावा आपजी ने जन साधारण को सच्चे मार्ग पर चलना सिखाया व जातीय भेदभाव समाप्त कर सबको समानता का दर्जा दिलाया और ऐसी महान शख्सियत को पूरा संसार नतमस्तक होता है। आज उनके प्रकाश गुरु पर्व पर हमें प्रेरणा लेते हुए सच्चे मार्ग पर चलने का प्रण लेना चाहिए। इस अवसर गुरुघर से जुड़े सेवादारों ने गुरुद्वारा साहिब के बाहर भी लंगर की व्यवस्था की। प्रबंधक कमेटी द्वारा आए रागियों को सिरोपा भेंट किया गया व साध संगतों के बीच गुरु का अटूट लंगर बरताया गया। इस मौके पर सुखविंद्र सिंह, जगजीत सिंह, भूपिन्द्र सिंह, हरजीत सिंह चावला, सोनू खुराना, गोल्डी सिंह, हरमिंद्र सिंह, बाबा सतनाम सिंह, अविनाश सिंह, दीपक, कंवलजीत सिंह, परमिंद्र सिंह, सोनू, गुरजीत सिंह, गुरमीत सिंह, महेंद्र सिंह, संजीव सिंह पिन्ना, बलबीर सिंह व जसपाल सिंह सहित काफी संख्या में साध-संगत मौजूद थी।

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