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दुष्यंत ने दी कार्यकर्ताओं को नसीहत

Hisar Today News

अर्चना त्रिपाठी | हिसार / नई दिलली
चौटाला परिवार और इनेलो में फूट के मामले में अभी कई मोड़ बाकी हैं। इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला द्वारा पार्टी से निलंबित किए जाने के बाद दुष्यंत चौटाला ने शनिवार को अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने इस बारे में सारी अटकलाें को खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा- चाहे राह में कांटे हों या पैर में पड़ें छालें, चलना है तो चलना है। उन्होंने कहा कि ओमप्रकाश चौटाला का जो भी फैसला होगा वह सबको मान्य होगा। अगर कोई नोटिस आएगा तो मुझे आएगा उसका जवाब मुझे देना है। दूसरी ओर, पूरे मामले में बसपा से इनेलो के गठबंधन पर भी सवाल उठ गए हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती ने गठबंधन को लेकर पार्टी की दिल्ली में बैठक बुलाई है। इसमें इनेलो से गठबंधन पर फैसला हो सकता है।

मायावती ने बुलाई आपात बैठक

दूसरी ओर, हरियाणा में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) आैर इनेलो के बीच गठबंधन पर सवाल उठ गया है। इस बाबत बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी की आपात बैठक बुलाई है। मायावती ने इनेलो में मचे घमासान के चलते उसके साथ गठबंधन के मसले पर दिल्ली में यह बैठक बुलाई है। सूत्राें का कहना है कि इस बैठक में बसपा और इनेलो गठबंधन के भविष्य पर फैसला हो सकता है।

भाजपा में शामिल होने की अटकलबाजी हो गई थी शुरू

दूसरी ओर, इनेलाे सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला द्वारा दुष्यंत चौटाला और उनके भाई दिग्विजय चौटाला को पार्टी से निलंबित किए जाने के बाद कयासबाजी का दौर शुरू हो गया था। चर्चाएं हो रही थी कि दुष्यंत इनेलो से अलग अपनी राजनीतिक राह भी चुन सकते हैं। उनकी भाजपा में जाने की अटकलें भी लगाई जा रही थी। दूसरी आेर, संकेत हैं कि वह जननायक सेवादल को सक्रिय कर इसके माध्यम से अपना राजनीतिक सफर आगे बढ़ाएंगे।

दोनों भाई जननायक सेवादल को सक्रिय करने में जुटे

पूरे मामले में आज दुष्यंत चाैटाला के नई दिल्‍ली में समर्थकों से चर्चा के बाद कुछ संकेत मिल सकते हैं। चौटाला परिवार को दो-फाड़ करते दिख रहे इस घटनाक्रम ने हरियाणा की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। पूरे मामले में दूसरे दलों के नेता भी खुलकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। पूरे मामले में निगाहें दुष्यंत और दिग्विजय के पिता डॉ. अजय चौटाला पर भी लग गई है। संभावना है कि डॉ. अजय चौटाला दिवाली के आसपास पेरोल पर जेल से बाहर आएंगे।

दुष्यंत के भाजपा में अाने की संभावना पर सीएम बोले, यह भविष्य के गर्भ में है

पूरे मामले को दुष्यंत चाैटाला के भाजपा में जाने की अटकलबाजी ने नया रुख दे दिया है। हालांकि राजनी‍तिक जानकार इस अटकलबाजी को महज शिगूफा करार दे रहे हैं। दूसरी ओर, गुरुग्राम में हरियाणा की भाजपा सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दुष्यंत चौटाला के भाजपा में अाने की संभावना के बारे में पत्रकारों द्वारा पूछे जाने के बारे में कहा कि यह भविष्य के गर्भ में है।

दूसरी ओर, हरियाणा के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि दुष्यंत अगर भाजपा में आना चाहते हैं तो स्वागत है, लेकिन उन्हें न्योता देने के लिए भाजपा नहीं जाएगी। शुक्रवार देर शाम यहां वर्ल्ड यूनियन ऑफ होल सेल मार्केट (व्योम) कांफ्रेंस के समापन समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री ने इनेलो में चल रहे पारिवारिक घमासान पर चुटकी ली। उन्होंने कहा, जो अपना घर नहीं संभाल सकते, वे जनता को क्या आश्वासन देंगे। राजनीतिक पार्टियों से लोकतंत्र में जनता को काफी आशाएं व अपेक्षाएं होती हैं। इनेलो मेें जो कुछ हो रहा है वह जनता के सामने है। अब फैसला जनता लेगी।

जननायक सेवादल को सक्रिय करेंगे दुष्यंत-दिग्विजय

चाचा अभय चौटाला और भतीजा दुष्‍यंत चौटाला के विवाद में झटका लगने के बाद इनेलो सांसद अब भाई दिग्विजय चौटाला के साथ मिलकर अब जननायक सेवादल को पुनर्जीवत और सक्रिय कर सकते हैं। बताया जाता है कि दुष्यंत चौटाला भाई के साथ जननायक सेवादल को अगले राजनीति सफर का माध्यम बना सकते है। शिक्षक भर्ती घोटाले में पिता अजय चौटाला के जेल जाने के बाद जिस तरह दोनों भाइयों ने इनेलो के युवा मोर्चा और छात्र इकाई में नई जान डाली, उससे पार्टी का युवा तबका ताऊ देवीलाल की इस चौथी पीढ़ी सदस्यों के साथ बताया जा रहा है।

हालांकि पार्टी सुप्रीमो ने युवा मोर्चा और इनसो की कार्यकारिणी को भंग कर दिया है, लेकिन इससे दुष्यंत और दिग्विजय समर्थकों ने नई लाइन पर सोचना शुरू कर दिया है। सांसद दुष्यंत चौटाला ने पिछले महीने ही अपने स्वर्गीय परदादा चौधरी देवीलाल के नाम से जन नायक सेवादल का पुनर्गठन कर बड़ा दांव खेल दिया था। भाजपा के मागदर्शक आरएसएस की तर्ज पर काम करने वाले सेवादल में दोनों भाइयों ने अपने पिता अजय सिंह चौटाला व दादा ओमप्रकाश चौटाला के उन कट्टर समर्थकों को शामिल किया जो उनके जेल जाने के बाद इनेलो की राजनीति में हाशिये पर चल रहे थे।

खास बात ये कि सेवा दल को वर्ष 2000 में तब अजय सिंह चौटाला ने ही खड़ा किया था। दुष्यंत ने न केवल 18 साल बाद इस संगठन को फिर से खड़ा कर दिया, बल्कि पदाधिकारी भी नियुक्त कर दिए। सियासी नजरिये से देखें तो पूर्व उपप्रधानमंत्री स्वर्गीय ताऊ देवीलाल का परिवार चार खेमों में बंटा दिखाई देता है। पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के बड़े भाई रणजीत सिंह चौटाला कांग्रेस में हैं तो भाई जगदीश चंद्र चौटाला के बेटे आदित्य देवीलाल भाजपा के साथ हैं। इनेलो की अंदरूनी सियासत में अभय चौटाला और दुष्यंत चौटाला में वर्चस्व की लड़ाई छिड़ी है।

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