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इनेलो के 4 विधायक किसी पार्टी में नहीं शामिल तो कैसे लगेगा दलबदल कानून!

दौलतपुरिया के इस्तीफे के बाद उनकी शिकायत पर नहीं लिया जा सकता इनेलो के 4 विधायकों के खिलाफ संज्ञान , अभय चाैटाला ने भी लगायी याचिका, मगर फैसले में अब भी इंतजार

अर्चना त्रिपाठी | हिसार टुडे

औमप्रकाश चौटाला भले ही अपने लाड़लो को गद्दारो की संज्ञा देते हो, मगर उनके एक विधायक के कदम से इनेलो पार्टी जिस जननायक जनता पार्टी के नेता दुष्यंत चौटाला के माँ नैना चौटाला और दुष्यंत समर्थित विधायकों पर दलबदल का कानून के तहत कार्यवाई का सपना देख रही थी। शायद अब इनेलो को हाथ मलते रह जाना पड़े। क्योंकि माना जाता है कि इस खासमखास भगवान सिंह दौलतपुरिया के माध्यम से अभय चौटाला ने इनेलो के चार विधायकों के खिलाफ दलबदल के कानून के तहत कार्यवाई की शिकायत हरियाणा विधानसभा स्पीकर कंवरपाल को की थी। अब हालत ऐसे है कि यह शिकायत शायद रद्दी के पेटी में चले जाए।

हालाँकि अभय चौटाला इन चार विधायकों के दलबदल की शिकायत खुद भी कर चुके है ऐसे में हो सकता है कि दौलतपुरिया के याचिका पर गौर न कर अभय चौटाला की याचिका को स्पीकर संज्ञान में ले। हालाँकि दलबदल के तहत 4 विधायकों पर किसी भी प्रकार की गाज गिरना फिलहाल मुश्किल सा प्रतीत होता जा रहा है।

बता दें कि लोकसभा चुनाव के बाद इनेलो की दुर्गति होते देख अपना राजनितिक भविष्य महफूज रखने के लिए फतेहाबाद के विधायक बलवान दौलतपुरिया ने इनेलो पार्टी छोड़कर भाजपा में अपनी आस्था जताकर इनेलो पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। इसीलिए 6 जून को दिए इस्तीफे के बाद अब दौलतपुरिया द्वारा इनेलो के 4 विधायकों के ऊपर दलबदल की उनकी शिकायत का अब कोई अस्तित्व और मतलब नहीं रह गया है। क्योंकि कानून के तहत भगवान सिंह दौलतपुरिया के इस्तीफे के कारण उनके द्वारा किसी भी प्रकार की शिकायत पर गौर नहीं किया जा सकता, क्योंकि फतेहाबाद के विधायक बलवान दौलतपुरिया अब विधायक नहीं है।

हालाँकि अगर खुद हरियाणा विधानसभा स्पीकर कंवरपाल खुद स्वतः संज्ञान लेकर कार्यवाई करते है तो इनेलो के सभी 4 विधायक उच्चन्यायलय का दरवाजा खटखटा सकते है। बता दे कि जननायक जनता पार्टी के प्रवक्ता मनदीप बिश्नोई का यह मानना है कि जिन 4 विधायकों के बारे में जिसने भी दलबदल की शिकायत कि थी उस विधायक ने अपने पद से ही इस्तीफा दे दिया है।

इसलिए वह विधायक नहीं है और उसकी शिकायत पर विचार नहीं किया जा सकता। इतना ही नहीं जिस दलबदल कानून की बात करते हुए इनेलो के चार विधायकों पर आरोप लगाए जा रहे है वह भी पूरी तरह से बेबुनियाद है क्योंकि इन विधायकों ने न तो कोई आधिकारिक तौर पर कोई पार्टी में शामिल हुए है, न ही वह किसी पार्टी के पदाधिकारी है।

चार विधायकों के खिलाफ बलवान की याचिका सिर्फ रह जाएगी रद्दी

दरअसल, इनेलो विघटन के बाद इनेलो के सिंबल से लड़ने वाले चार विधायकों डबवाली से नैना चौटाला, उकलाना से अनूप धानक , दादरी से राजदीप फौगाट और नरवाना से पिरथी सिंह नंबरदार का झुकाव दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी (जजपा) की ओर हो गया था। बाद में इन चारों विधायकों ने जजपा का खुला समर्थन करते हुए इनेलो के खिलाफ बगावती सुर दिखाने शुरू कर दिए थे, चूंकि ये चारों विधायक अभी औपचारिक रूप से इनेलो सिंबल पर ही विधायक है और इसी हैसियत से उनकी हरियाणा विधानसभा में अभी सदस्यता भी बरकरार है।

इसलिए इनेलो के विधायक व पूर्व नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने पिछले दिनों स्पीकर को शिकायत पत्र भेजकर इन चारों विधायकों को बागी करार देते हुए चारों के खिलाफ दलबदल एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उनकी विधानसभा सदस्यता रद करने की मांग की थी। जबकि दूसरी ओर इनेलो के अन्य विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया ने भी इसी संदर्भ में उक्त एक्ट के तहत ही एक याचिका भी विधानसभा में दायर कर दी थी। हालाँकि अभय चौटाला की शिकायत बरकरार रहेगी।

स्पीकर जानबूझकर कर रहे देरी: अभय सिंह चौटाला

4 विधायकों के दलबदल कानून के तहत कार्यवाई की मांग पर जानबूझकर फैसला लेने में विधानसभा स्पीकर देरी बरत रहे है। स्पीकर की देरी इस बात की तरफ इशारा कर रही है की चारो भाजपा में जाएंगे।

अगर हरियाणा विधानसभा स्पीकर कंवरपाल ने 4 विधायकों पर की कार्यवाई तो फैसले के खिलाफ कोर्ट के दरवाजे खुले

अधिवक्ता मनदीप बिश्नोई का मानना कि विधानसभा स्पीकर के पास सिर्फ मौजूदा विधायक ही याचिका आगे बढ़ा सकता है। मगर दौलतपुर तो इस्तीफा दे चुके है, वो विधायक नहीं। दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात है कि जब तक कोई विधायक अधिकृत रूप से पार्टी में शामिल नहीं होता तब तक उसपर दलबदल कानून लागु नहीं हो सकता। जब इनेलो के जिन 4 विधायकों ने न तो दूसरी पार्टी ज्वाइन की है। न तो वह किसी पार्टी के पदाधिकारी है।

इसलिए कानून के तहत उनपर कार्यवाई हो ही नहीं सकती। अगर बावजूद इसके स्पीकर स्वतः संज्ञान लेकर कार्यवाई करते है, तो उनके इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायलय में उनके खिलाफ दरवाजा खटखटाएंगे। मनदीप ने कहा कि अगर स्पीकर खुद संज्ञान लेते है तो उन्हें पहले NIT फरीदाबाद के विधायक नरेंद्र भड़ाना के खिलाफ कार्यवाई करनी चाहिए थी जिन्होंने तो इनेलो में रहने के बावजूद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की सभा आयोजित की थी। ऐसे ेमन अगर वह दूसरी पार्टी की सभा में आ -जा सकते है तो यह बात इन 4 विधायकों पर भी लागू होती है। इतना ही नहीं इनेलो के बलवान दौलतपरिया , रणबीर गंगवा,केहर सिंह रावत , नसीम अहमद , वो दूसरी पार्टी में शामिल हो गए उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अगर यह इनेलो के 4 विधायाक किसी पार्टी में शामिल होते तो इस्तीफा दे देते मगर वो शामिल नहीं हुए है।

चारों विधायकों का नहले पर दहला : मांगी विधानसभा में पार्टी वाइज विधायकों की सूचना
इनेलो के 4 विधायकों पर पार्टी के खिलाफ गतिविधि करने के लगे आरोपों का जवाब देने के लिए उन्हें अब तीसरी बार स्पीकर की ओर से वक्त दिया गया है। अब इन विधायकों को 15 दिन का वक्त मिला है। इन विधायकों की ओर से विधानासभा स्पीकर कंवर पाल गुर्जर की ओर से नोटिस दिए जाने के बाद पहले एक महीने का वक्त मांगा था। एक महीना पूरा होने से पहले विधानसभा से विधायकों की पार्टी वाइज समेत कुछ अन्य जानकारी मांगते हुए यह मिलने के बाद जवाब देने के लिए एक महीने का और वक्त मांगा था, लेकिन अब स्पीकर ने आदेश जारी कर दिए हैं कि इन विधायकों को जल्द ही जो जानकारी मांगी है, वह दी जाए। साथ ही उन्हें 15 दिन में जवाब देना होगा। हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र 27 अगस्त से पहले हर हाल में होना है। संभावना है कि इन चार विधायक नैना चौटाला, राजदीप फौगाट, अनूप धानक और पिरथी नंबरदार से इससे पहले जवाब जरूर ले लिया जाएगा।

इनेलो निराश और हताश :मनदीप बिश्नोई

जननायक जनता पार्टी के प्रवक्ता मनदीप बिश्नोई का कहना था कि आज इनेलो लोकसभा चुनाव में अपनी हार से पूरी तरह निराश हो चुकी है। 2014 में जहां उनका वोटिंग पर्सन्टेज 24% था जो इस चुआव में मात्र 1. 89 % वोट तक ही सिमित रह गया। सिर्फ सिरसा और कुरुक्षेत्र को छोड़ दे तो बाकी 8 जगहों पर वह 10 हज़ार का अकड़ा तक नहीं छू पायी है। हकीकत यह है कि सब के दिल में दुष्यंत का राज है , लोगो के दिलो में दुष्यंत चौटाला की मुख्यमंत्री पद को लेकर स्वीकरीयता है। दुष्यंत के प्रदर्शन के कारण आज हरियाणा में मुख्यमंत्री खट्टर का कोई विकल्प है तो वो दुष्यंत है।

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