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लगातार मिल रही धमकियां, कुछ भी होने पर प्रशासन होगा जिम्मेवार : विनोद कुमार

Today News | हिसार

आर्य नगर निवासी विनोद कुमार ने सीएम विंडो में एक शिकायत देकर उन्हें बलात्कार के मामले में झूठा फंसाने व रिश्वत लेने वाली एएसआई से उनके द्वारा ली गई रिश्वत की रिकवरी करवाने की मांग की है। विनोद ने इस मामले की जांच भी विजिलेंस से करवाने तथा मुकदमे के आईओ एएसपी
राजेश व तत्कालीन एसपी मनीषा चौधरी द्वारा आरोपी को लाभ पहुंचाने की नीयत से मुकदमा में कार्यवाही ना करने के तहत सख्त कानूनी कार्यवाही करने व संतोष एएसआई द्वारा रिश्वत के तौर पर ली गई 5200 रुपये की राशि बरामद करने की मांग की है।

विनोद कुमार ने बताया कि उन्हें फरवरी 2018 में बलात्कार के एक झूठे मुकदमे में फंसाने की बात कहकर एएसआई संतोष ने 20 हजार की रिश्वत की मांग की लेकिन उनके पैसे नहीं होने की बात कहने पर उन्होंने 7 हजार रुपये देने की बात कही जिस पर उन्होंने उनके पास 4 हजार रुपये होने की बात कही तो उन्होंने उनसे 4 हजार रुपये ले लिए इसके बाद 21 मई 2018 को फिर से उन्होंने फोन कर थाने बुलाया जिस पर उन्होंने 1200 रुपये देते हुए कहा कि उनके पास यही है और उन्होंने रिश्वत देते हुए इस घटना को अपने फोन पर रिकॉर्ड कर लिया जिसे उन्होंने सबूत के तौर पर पेश करते हुए शिकायत की जिसके चलते एएसआई संतोष को निलंबित किया गया। इसी संबंध में कार्यवाही न करने व संतोष ए.एस.आई द्वारा रिश्वत के तौर पर लिए 5200 रुपये बरामद करवाने संबंधी एक शिकायत उन्होंने 07 अगस्त 2018 को एस.पी. हिसार को दी थी लेकिन उस दरखास्त पर पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की और न ही रुपये बरामद करवाए।

विनोद कुमार ने सीएम विंडो में शिकायत देकर मांग की कि वे एएसआई के खिलाफ दर्ज मुकदमे की जांच विजिलेंस से करवाएं व उपरोक्त मुकदमे के आईओ एएसपी राजेश व तत्कालीन एसपी मनीषा चौधरी द्वारा आरोपी को लाभ पहुंचाने के लिए मुकदमे में कार्यवाही ना करने के तहत उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की मांग की है। वहीं उन्होंने संतोष एएसआई द्वारा रिश्वत के तौर पर लिए उनके 5200 रुपये बरामद कर उन्हें दिलवाने की मांग की है। वहीं विनोद कुमार ने कहा कि बयान लेते समय भी पुलिस पूरा दिन बैठाकर परेशान करती है व दुव्र्यवहार करती है वहीं उन पर इस केस में समझौते व केस वापिस लेने के लिए दबाव बनाए जा रहे हैं व धमकियां मिल रही हैं। इसके चलते उनके खिलाफ कोई झूठा मुकदमा भी दर्ज करवाया जा सकता है। यदि उन पर कोई झूठा मुकदमा दर्ज होता है या उनके साथ कोई अप्रिय घटना घटती है तो उसके लिए पूरी तरह से सरकार व प्रशासन जिम्मेवार होगा।

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