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राम रहीम की ‘कृपा’ से हरियाणा में फिर बनेगी ‘भाजपा सरकार’!

2019 चुनाव में पहले गुरमीत राम रहीम की रिहाई को लेकर सभी पार्टियां बेताब!

Hisar Today News

अर्चना त्रिपाठी | हिसार
साध्वी यौन शोषण मामले में जेल की सजा काट रहे डेरा प्रमुख राम रहीम को पंचकूला की सीबीआई कोर्ट ने बड़ी राहत देकर डेरा समर्थकों को राहत दी है। सीबीआई कोर्ट ने आज सिरसा में 400 साधुओं को नपुंसक बनाए जाने के मामले में डेरा प्रमुख राम रहीम को जमानत दे दी। हालांकि इस जमानत का साध्वी यौन शोषण मामले में राम रहीम को कोई फायदा नहीं मिलेगा और उन्हें जेल से राहत नहीं मिलेगी।

> क्या कोर्ट के इस निर्णय के कोई राजनैतिक मायने हैं?
> क्या 2019 चुनाव के पूर्व राम रहीम को जमानत मिल सकती है?

यह सवाल इसलिए भी जरुरी है क्योंकि हरियाणा में पिछले कई लोकसभा और विधानसभा चुनाव में डेरा सच्चा सौदा गुरमीत राम रहीम का विशेष प्रभाव रहा है। ऐसे में जब देश में महंगाई, किसानों की नाराजगी और रफाल सौदा भाजपा को सुई की तरह चुभ रहा हो, राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के लिए चुनाव जीतना मुश्किल हो, हरियाणा में किसान और जाट आरक्षण आंदोलन के साथ दलित भी भाजपा विरोधी हो गए हों, कांग्रेस की गुटबाजी हरियाणा में कांग्रेस की राह मुश्किल करती हो, इनेलो के सामने अपने दम पर अकेले सरकार बनाना मुश्किल हो तो ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियों को डेरा सच्चा सौदा गुरमीत राम रहीम की याद आना स्वाभाविक है।

मगर फिर भी सभी राजनीतिक पार्टियों में खामोशी का दौर चल रहा है। किसी भी सियासी दल का कोई भी नेता डेरा मुखी के कृत्यों पर न तो उनके सजा के दौरान बोल पाया और न ही चुनाव नजदीक आते ही कुछ बोल पा रहा है। सभी राजनीतिक दल की चुप्पी यह दर्शाती है कि गुरमीत राम रहीम का नाम लेकर वो अपना वोट बैंक खिसकाना नहीं चाहते। इन दिनों केंद्र और प्रदेश में सत्ताधारी पार्टी भाजपा की हालत ज्यादा खराब है। जब राम रहीम को बलात्कार प्रकरण में सजा सुनाई गयी थी तब उस प्रकरण को लेकर जनता में स्पष्ट संदेश गया था कि डेरामुखी को भाजपा सरकार बचा रही है। उस समय अदालत के फैसलें के बाद जो हिंसा हुई उसके लिए भी लोग भाजपा सरकार को ही जिम्मेदार ठहरा रहे थे। ऐसे में 2019 चुनाव के पहले 400 साधुओं को नपुंसक बनाने के मामले में कोर्ट के फैसलें पर चर्चाओं के बाजार फिर गर्म होने लगे ह।

चर्चाओं का बाजार गर्म है कि 2019 लोकसभा और विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हरियाणा में कुछ सियासी बदलाव होंगे और हो सकता है कि गुरमीत राम रहीम को बलात्कार के मामले में जमानत मिल जाए। वरिष्ठ अधिवक्ता मुल्ख राज मेहता के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के डिस्क्रिप्शन के आधार पर हत्या या संगीन मामलों में लिप्त आरोपी को 5 साल बाद जमानत देने का प्रावधान है, अगर कोर्ट चाहेगी तो वो उसपर निर्भर करता है कि वह आरोपी को जल्दी भी जमानत दे सकती है। गुरमीत राम रहीम मामले में भी अगर कोर्ट चाहेगी तो उसे जमानत मिल सकती है। ऐसा जरुरी नहीं कि उसको 20 साल तक जेल मे रहना पड़े। मुल्ख राज मेहता की यह बात कहीं न कहीं इशारा दे रही है कि 2019 चुनाव के पूर्व हरियाणा में कुछ न कुछ गतिविधियां तेजी से बदल सकती है और गुरमीत की रिहाई की संभावनाए तेज हो सकती हंै। चुनाव के समय हर राजनीतिक दल डेरा सच्चा सौदा के समर्थकों का वोट चाहता है। इसके लिए वह डेरा मुखी के सामने पहले कई बार नतमस्तक होता रहा है। ऐसी मान्यता है कि डेरा मुखी समर्थन रूपी आशीर्वाद जिस पार्टी को देता है तो उसके समर्थक संबन्धित दल को ही वोट देते हैं।

जाहिर है कि इसके बदले में संबन्धित राजनीतिक दल डेरा को लाभ पहुंचाता है। राम रहीम मामले में भी यही होता रहा है। भाजपा के केंद्रीय और प्रदेश के कई मंत्रियों ने डेरा को लाखों रुपये अनुदान भी दिया है। राजनितिक पंडितों का मनना है कि 2019 चुनावों को जितने के लिए भाजपा को डेरा सच्चा सौदे का समर्थन बेहद जरुरी होगा। क्योंकि 2017 में जिस प्रकार हरियाणा सरकार के राज में डेरा सच्चा सौदे का मामला बाहर निकला और उन्हें 20 साल की सजा हुई, पंचकूला में हिंसक घटना हुई उसके कारण डेरा समर्थकों ने एेलान कर दिया था कि वह भाजपा को किसी भी कीमत पर चुनाव में जीतने नहीं देंगे और तो और 2019 के चुनावों में उनके खिलाफ प्रचार करेंगे। ऐसे में भाजपा के लिए डेरा समर्थको का साथ इस बार पाना बेहद जरुरी इसलिए भी है क्योंकि केंद्र और हरियाणा में भाजपा विरोधी हवा चल रही है। इसलिए भाजपा पूरी कोशिश करेगी कि गुरमीत राम रहीम को वह अपने पाले मे ले।

राजनीतिक पंडितों का यहां तक मानना है कि चौधरी ओमप्रकाश चौटाला को भी 2019 चुनाव से पहले बाहर निकालने का मकसद भी यही है कि 2019 चुनावों में इनेलो पार्टी कांग्रेस के जाट वोट काटे और अगर सरकार बनाने की जरुरत हुई तो भाजपा-इनेलो से गठबंधन कर सत्ता में काबिज होकर कांग्रेस मुक्त हरियाणा के संकल्प को कायम रखे। गौरतलब है कि हरियाणा के सिरसा जिले में डेरा का आश्रम 65 सालों से चल रहा है। डेरा का साम्राज्य विदेशों तक फैला हुआ है। देश में डेरा के करीब 46 आश्रम हैं और उसकी शाखाएं अमेरिका, कनाडा और इंग्लैंड से लेकर ऑस्ट्रेलिया और यूएई तक फैली हुई हैं। दुनियाभर में इसके करीब पांच करोड़ अनुयायी हैं, जिनमें से 25 लाख अकेले हरियाणा में ही मौजूद हैं।

गुरमीत राम रहीम को मिल सकती है जमानत

एडवोकेट मुल्ख राज मेहता का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट में ऐसा डिस्क्रिप्शन है कि अगर हत्या या संगीन मामले में कोई आरोपी 5 साल से ज्यादा सजा काट चुका है तो उसके बर्ताव और अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर न्यायालय उसे जमानत दे सकता है। वहीं अगर बात हो बलात्कार प्रकरण की तो उस में जमानत आगे चलकर मिल सकती है। चाहे वो जमानत 5 साल बाद या पहले दे, यह निर्णय जज और न्यायालय पर निर्भर करता है। मगर राम रहीम को जमानत जरूर मिलेगी।

मुल्ख राज मेहता, एडवोकेट

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