राजनीति

मुद्दों को छोड़ पोस्टर वॉर के जरिये जींद उपचुनाव जीतने की सियासत शर्मनाक

महेश मेहता | हिसार

जींद उपचुनाव को लेकर सियासी समर इतना गर्मा गया है कि आज सभी पार्टियां एक-दूसरे के प्रत्याशियों को नीचा दिखाने और उन्हें रेस से बाहर करने के लिए कोई को कसर नहीं छोड़ रही। अब तक चुनावों मे जुबानी जंग तो चला करती थी, मगर इस बार जींद के उपचुनाव मे सोशल मीडिया की जंग ने काफी रोचक बना दिया है। हम बात कर रहे हैं पोस्टर वॉर की और यह पोस्टवॉर और कहीं नहीं बल्कि सोशल मीडिया में सर चढ़कर बोल रहा है। एक तरफ जननायक जनता पार्टी मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के विकास की बात को धत्ता बताते हुए पोस्टर जारी कर शहर में फैले गंदगी और आवारा पशुओं का मुद्दा उठा रही है, तो दूसरी तरफ लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी बाहरी उम्मीदवार पर तंज कसते हुए जनता भारतीय जनता पार्टी पर वार कर रही है। इन सब पार्टियों के बीच भारतीय जनता पार्टी भी कोई कम नहीं है जब से रणदीप सिंह सुरजेवाला ने जींद उपचुनाव में बतौर कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर कदम रखा है उसके बाद से बीजेपी के मंत्रियों से लेकर संतरियों के पांव के नीचे से जमीन खिसक गयी है।

अब तक जो बीजेपी खुद के उम्मीदवार को पहले ही विजय घोषित कर रही थी, आज वह कांग्रेस के प्रत्याशी पर छींटाकशी करने पर भी बाज नहीं आ रही। कांग्रेस के भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार कृष्ण मिड्डा के फेसबुक अकाउंट में ऐसे कई पोस्ट हैं जो बीजेपी समर्थकों द्वारा डाले गए हैं जिसमें इस बात का उल्लेख किया गया है कि रणदीप सिंह सुरजेवाला पंजाब में बयान देते हैं कि पंजाब का पानी हरियाणा को नहीं देंगे आज वही सुरजेवाला उपचुनाव में अपना भाग्य आजमा रहे हैं। इस पर बीजेपी ने एक पोस्टर के जरिए उन पर ऐसी छीटाकशी की है जो अशोभनीय है। गौरतलब है कि हाल ही में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने सोशल मीडिया में मुख्यमंत्री के खिलाफ पोस्ट शेयर करने को लेकर अचानक रात को धरपकड़ की थी, क्या पुलिस विभाग के पास इतनी हिम्मत है कि वह भारतीय जनता पार्टी के ऐसे कार्यकर्ताओं, जननायक जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर सके।

बता दें कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा जारी किए गए पोस्टर में केवल और केवल रणदीप सिंह सुरजेवाला के छाए रहने से इस बात का संकेत दिखाई देता है कि भाजपा बुरी तरह से डर चुकी है। यही कारण है कि अब वह अन्य पार्टियों पर प्रतिक्रिया ना देते हुए सीधे कांग्रेसी उम्मीदवार पर ही प्रतिक्रिया देने लगती है सवाल खड़ा होता है कि सोशल मीडिया में जिस प्रकार से एक दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश की जा रही है उसका असर मतदाताओं पर कितना पड़ता है और क्या ऐसी रणनीति से इन पार्टियों को अपना हित साबित करने में आसानी मिलेगी यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

जिनका अस्तित्व नही वह जजपा पर साध रहे निशाना
अब बात करते हैं लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी की। एक तो पार्टी का कोई अस्तित्व नहीं, कोई खास पकड़ नहीं। मेयर चुनाव में उनके प्रत्याशी औंधे मुंह गिरे। जमानत जप्त हुई, बावजूद इसके जींद उपचुनाव में लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी ने स्थानीय नागरिक पंडित विनोद आश्री को चुनावी मैदान में उतारा है और यहां भी पोस्टर के जरिए लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी ने सीधे जजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने जननायक जनता पार्टी पर छींटाकशी करते हुए स्थानीय और बाहरी का मुद्दा उठाया है। उन्होंने इस पोस्टर के जरिए यह दिखाने की कोशिश की है कि जींद उपचुनाव में वहां की जनता स्थानीय उम्मीदवार को ही वोट दें और बाहरी उम्मीदवार को जींद से बाहर का रास्ता दिखाएं। हालांकि आश्री को कितना जानते है यह तो कहा नहीं जा सकता, मगर उनके बातों का क्या असर होगा इस पर भी सवालिया निशान लगा हुआ है।

जननायक जनता पार्टी उल्टा चोर कोतवाल को डांटे
जननायक जनता पार्टी के बारे में अगर कुछ भी कहा जाए तो एक कहावत उन पर बहुत ही सूट बैठती है वह है “उल्टा चोर कोतवाल को डांटे।” यह कहना इसीलिए पड़ रहा है, क्योंकि जींद की सीट पहले इनेलो के नेता स्वर्गीय हरिचंद मिड्ढा के पास थी, मगर उनके देहांत के बाद इस सीट पर दोबारा चुनाव करवाए जा रहे हैं। गौरतलब बात है कि स्वर्गीय हरिचंद मिड्ढा इनेलो पार्टी से ताल्लुक रखते थे। जब वह इनेलो पार्टी में थे उस समय जननायक जनता पार्टी के अभी के उम्मीदवार दिग्विजय चौटाला और उनके भाई दुष्यंत चौटाला भी उसी पार्टी में थे। हाल ही में उन्होंने अपनी नई पार्टी बनाई हैे। अगर उन्हें जींद की इतनी फिक्र होती तो शायद इस शहर के विकास की दिशा में दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला ने अपने तत्कालीन पार्टी में रहते हुए कोई ना कोई भूमिका जरूर अख्तियार करते, मगर उन्होंने उस समय तो ऐसा कुछ ना कहा और ना किया मगर आज जब उन्होंने अपनी नई पार्टी बना ली अब उन्हें इनेलो के कार्यों में कमियां नहीं दिखी थी, मगर अब जब उन्होंने नई पार्टी का गठन किया और इस नई पार्टी जननायक जनता पार्टी के माध्यम से जींद उपचुनाव में बतौर प्रत्याशी के तौर पर दिग्विजय चौटाला को उतारा तब जाकर उन्हें याद आई कि जींद में तो विकास हुआ ही नहीं।

आज जननायक जनता पार्टी के समर्थकों द्वारा बनाए गए फेसबुक पेज में ऐसे काफी सारे पोस्टर्स लगाए गए हैं। जिसमें मनोहर लाल खट्टर को गाड़ी के अंदर दिखाते हुए यह लिखा गया है कि किस प्रकार जींद में सड़कों पर पड़े बड़े-बड़े गड्ढे और कचरे के बीच से मुख्यमंत्री अपनी गाड़ी बचा कर जाते नजर आ रहे हैं। इसके माध्यम से उन्होंने यह बताने की कोशिश की है कि मुख्यमंत्री के राज्य में विकास हुआ ही नहीं है। जबकि उन्हें इसके लिए इनेलो पार्टी के विधायक को जिम्मेदार ठहराना चाहिए था। जिनकी यह जिम्मेदारी थी कि वह अपने हलके का विकास करे। मगर जननायक जनता पार्टी के समर्थकों को ऐसा पता है कि अगर दिवंगत हरिचंद मिड्ढा का नाम लिया तो उनके बचे कुचे वोट कट जाएंगे। इसीलिए बेहतरी इसी में है की प्रदेश की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर ही निशाना साधा जाए और अपने नंबर बना लिए जाएं। जिसे देख कर कोई भी यह जरूर कहेगा कि भैया यह तो यही बात हो गई की उल्टा चोर कोतवाल को डांटे।

भाजपा के पास विकास की बात नही, मगर डर है “सुरजेवाला”
जब भारतीय जनता पार्टी की बात करें तो मुख्यमंत्री जींद उपचुनाव में विकास कम और कांग्रेस पर छींटाकशी का खेल ज्यादा दिखाई दे रहा है। भाजपा के सभी मंत्री इन दिनों कांग्रेस के जींद उपचुनाव के प्रत्याशी रणदीप सुरजेवाला पर शाब्दिक प्रहार करते हुए ज्यादा दिखाई देते हैं। उनके लिए जहां पहले केवल जनक जनता पार्टी प्रतिस्पर्धा के दौर में अव्वल थी। आज उनकी सीधी टक्कर उन्हें कांग्रेस की उम्मीदवार सुरजेवाला से मिल रही है। इसका अर्थ जानबूझकर भारतीय जनता पार्टी के ऐसे काफी समर्थक हैं जो इस प्रकार का प्रचार फैला रहे हैं कि रणदीप सिंह सुरजेवाला को उम्मीदवार के तौर पर खड़ा करके कांग्रेस के कुछ नेताओं ने अपना कांटा निकाल लिया है। इस बात का साफ-साफ उल्लेख खुद भारतीय जनता पार्टी के जींद उपचुनाव के प्रत्याशी कृष्ण मिड्डा के फेसबुक पेज में भी साफ दिखाई देता है।

जहां उनके समर्थकों ने खुले तौर पर रणदीप सिंह सुरजेवाला के पोस्टर जारी करते हुए उन्हें यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं की जो कांग्रेस का नेता हरियाणा में सीएम पद का दावेदार था, आज उसे कुछ लोगों ने उपचुनाव में खड़ा करके बलि का बकरा बना दिया है। भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों ने एक पोस्टर जारी करके एक खूनी पंजा दिखाया है जिसमें खून के निशान पंजे और रणदीप सिंह सुरजेवाला के चेहरे पर भी दिखाया गया है। इसमें लिखा गया है कि मारा गया साजिश में बेचारा। इस पोस्टर ने इस बात का संकेत दे दिया है कि अब भारतीय जनता पार्टी के लिए सुरजेवाला को नीचा दिखाना ज्यादा जरूरी हो गया है। इन पोस्टर्स के जरिए एक बात साफ है कि भारतीय जनता पार्टी के सामने जींद में विकास को लेकर तो कोई बात नहीं, मगर हां सुरजेवाला के ऊपर टीका करने में जरूर मुद्दे ही मुद्दे हैं।

◆सुरजेवाला ने केंद्र सरकार के गलत नीतियों को मुद्दा बनाकर चुनाव में दिखाई कांग्रेस की पकड़

इन सब पार्टियों के बीच अगर कांग्रेस का जिक्र करें तो रणदीप सिंह सुरजेवाला ने अपनी फेसबुक के जरिए केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार की गलत नीतियों को जरूर उजागर किया है और उन्होंने यह मुद्दा बनाया है कि किस प्रकार से सरकार की गलत नीतियों के कारण छोटे बड़े उद्योग नष्ट हुए हैं। नोट बंदी का इन उद्योगों पर बहुत बुरा असर पड़ा है। साथ ही फसल बीमा योजना की बात करें तो हरियाणा में किसान इस फसल बीमा योजना से काफी हताहत और पीड़ित हुए हैं। उन्होंने फसल बीमा योजना के नाम पर चल रही घपलेबाज और घोटालों का पर्दाफाश किया है। इन किसानों ने यह भी बताया कि फसल बीमा योजना के नाम पर निजी कंपनियां और बैंक आपसी मिलीभगत करके गलत फसलों का बीमा निकालते हैं और जब फसल खराब हो जाती है तो उसकी भरपाई भी नहीं की जाती। जिसकी वजह से आज हरियाणा का किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो गया है। फसल बीमा योजना के नाम पर जब काफी समय से बीमा कंपनियों द्वारा बीमा की राशि नहीं मिल रही थी।

तब सिरसा के किसानों ने मिलकर सरकार के खिलाफ जोरदार आंदोलन छेड़ते हुए पानी के टंकी पर चढ़ते हुए कई दिनों तक आंदोलन किया था और इस आंदोलन की गूंज हरियाणा के हर गांव से लेकर देश भर में फैली थी। इसीलिए रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी अपने फेसबुक पेज पर फसल बीमा योजना का हवाला देते हुए यह जाहिर करने की कोशिश की है, कि इन दिनों फसल बीमा योजना से हताहत किसान अब इस योजना को छोड़ रहे हैं। यानी कि इन सभी पार्टियों की तुलना की जाए तो कांग्रेस फिलहाल मुद्दों पर जींद उप चुनाव लड़ रही है। जबकि अन्य पार्टी समेत भारतीय जनता पार्टी भी पोस्टर के जरिए एक-दूसरे पर छींटाकशी करने पर बाज नहीं आ रही। यह दिखाता है कि आज हमारी राजनीतिक और सियासत कितने बुरे दौर चल रही है जहां पार्टी के पास मुद्दे नहीं बस बोलने के लिए कड़वे शब्द है।

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