राजनीति

नई सोच के साथ गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत : बीरेंद्र

  • केंद्रीय इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह ने गुराना की आर्याव्रत गौ संस्थान को दिए 21 लाख रुपये।

टुडे न्यूज | नारनौंद

केंद्रीय इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि गाय की सेवा के लिए गौशालाओं को नई सोच के साथ विकसित करने की जरूरत है ताकि ये आत्मनिर्भर हों और इनके सुचारू संचालन के लिए किसी का मुंह न ताकना पड़े। केंद्रीय इस्पात मंत्री सोमवार देर सायं गांव गुराना की आर्याव्रत गौ संस्थान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने गौशाला को 21 लाख रुपये देने की घोषणा की।

केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि दुनिया में केवल भारत में ऐसी संस्कृति और सभ्यता है जहां गऊओं को देवताओं व भगवान के रूप में श्रेष्ठï प्राणी माना जाता है। हिंदुस्तान में हर व्यक्ति के मन में गऊओं की सेवा करने की जन्मजात भावना होती है। यह हमारे संस्कार ही हैं जिनके कारण हम सदियों से गौसेवा कर अपना जीवन धन्य करते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 50-60 साल में आर्थिक विषमता के चलते हमारे सामाजिक सरोकार बिगड़े हैं। इसी का प्रभाव है कि समाज में गऊओं का महत्व भी कम हुआ है। पहले खेती करने के लिए बैलों की जरूरत होती थी जो गऊमाता से ही पैदा हो सकते हैं लेकिन ट्रैक्टर आने के बाद लोगों ने गऊओं की कद्र कम कर दी है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक बार हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में पशु वैज्ञानिकों ने मुझे 3 गाय दिखाई जो 23 से 30 किलो तक दूध देती थीं। मैंने वैज्ञानिकों से कहा कि यदि आप अपने अनुसंधान से इनकी संख्या को 3 से तीस हजार कर सको तो भारत दुनिया में सबसे अधिक दुग्ध उत्पादन करने वाला देश बन सकता है। इसके साथ ही समाज में गाय की कद्र भी अपने आप बढ़ जाएगी। दरअसल, गऊ हमारी ऐसी सामाजिक संपदा है जो आर्थिक रूप से भी हमारे लिए लाभप्रद साबित हो सकती है।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close