राजनीतिहिसार

दोगली नीति अपनाकर सेक्टरवासियों को किया जा रहा परेशान : श्योराण

दावा खरीद-बेच के अलावा कोई काम न रोकने का, स्थिति विपरीत

टुडे न्यूज | हिसार

सेक्टर 16-17 एवं 13 पार्ट-2 रेजीडेंट वेल्फेयर एसोसिएशन के प्रधान जितेन्द्र श्योराण ने सरकार एवं विभाग के उच्चाधिकारियों पर दोगली नीति अपनाकर सेक्टर निवासियों को परेशान करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो खरीद-बेच के अलावा हर कार्य पहले की तरह होने का दावा विभाग कर रहा है वहीं जब सेक्टरवासी अपने किसी अन्य काम के लिए हुडा कार्यालय जाते हैं तो उन्हें इन्हासमेंट भरने को मजबूर किया जाता है।

जितेन्द्र श्योराण ने बताया कि सेक्टर 16-17 के प्लॉट नंबर 1571 के मालिक प्रवीण मेहता व मीना मेहता निर्माण कार्य से संबंधित किसी काम के लिए हुडा कार्यालय गए तो उन्हें संबंधित अधिकारियों ने यह कहकर काम से मना कर दिया कि पहले इन्हासमेंट के 1 लाख 64 हजार रुपये भरो। प्रवीण मेहता ने अधिकारियों को बताया कि सरकार ने कहा है कि प्लॉटों की खरीद-बेच के अलावा किसी काम पर पाबंदी नहीं है तो फिर उनका काम इन्हासमेंट की वजह से क्यों रोका जा रहा है जबकि उनका काम तो कुछ और है।

इसके बावजूद हुडा अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी और दोनों को वापिस भेज दिया। प्रवीण मेहता ने प्रधान जितेन्द्र श्योराण से संपर्क किया और आपबीती बताई तो वे भी बीएस कुंडू को साथ लेकर उनके साथ हुडा कार्यालय गए तो वही कहानी मिली। मौके पर हुडा प्रशासक या संपदा अधिकारी न होने के कारण उनसे मुलाकात नहीं हो सकी लेकिन संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों ने सरकार एवं मुख्यालय के आदेशों का हवाला देते हुए काम करने से मना कर दिया। प्रधान ने कहा कि दोगली बातें कहकर सरकार एवं विभाग के उच्चाधिकारी सेक्टरवासियों को गुमराह कर रहे हैं और परेशान भी कर रहे हैं। सरकार को चाहिए कि वह सेक्टरवासियों के धैर्य की परीक्षा न लें अन्यथा उन्हें फिर से आंदोलन को मजबूर होना पड़ेगा।

प्रधान जितेन्द्र श्योराण ने कहा कि सेक्टरवासियों को गुमराह करने वाले कुछ अन्य संगठन भी सरकार के सुर में सुर मिलाकर दावे करते रहे हैं, उन्हें अब सामने आकर स्पष्ट करना चाहिए कि सेक्टरवासियों के जरूरी कार्य क्यों रोके जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मौकापरस्त लोगों की वजह से सेक्टरवासियों के आंदोलन को काफी नुकसान पहुंचा है लेकिन सेक्टरवासी ऐसे लोगों की सच्चाई भली-भांति जान चुके हैं। उन्होंने सरकार एवं विभाग के उच्चाधिकारियों से अपील की कि जब तक इन्हासमेंट मसले का हल नहीं निकलता तब तक वे सेक्टरवासियों को खरीद-बेच के अलावा अन्य कार्यों में इन्हासमेंट से राहत दें अन्यथा उनके निर्माण व अन्य जरूरी कार्य रूक जाएंगे, जो न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार एवं विभाग के उच्चाधिकारियों ने यह शर्त नहीं हटाई तो सेक्टरवासी फिर से आंदोलन को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेवारी ऐसे अधिकारियों की होगी।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close