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डॉ अजय चौटाला का फैसला तय करेगा दुष्यंत का भविष्य

>नोटिस आएगा जवाब मैं दूंगा, दोषी हूं तो मुझ पर कार्यवाई करो : दुष्यंत
>दुष्यंत के स्वागत में हिसार में उमड़ा समर्थकों का जनसैलाब
>ओमप्रकश चौटाला हमारे घर के मुखिया है और मुखिया के कंधो को झुकने न दे : दुष्यंत

अर्चना त्रिपाठी | Hisar News

गोहाना रैली में इनेलो कैडर का भारी समर्थन हासिल करने वाले सांसद दुष्यंत चौटाला,पार्टी निलंबन की चर्चाओं के बीच आज जब हिसार चौ. देवीलाल सदन में पहुंचे तो उनके स्वागत में जन समर्थकों का उमड़ा भारी जनसैलाब जोरदार नारों के साथ गूंज उठा। पार्टी प्रमुख ओम प्रकाश चौटाला द्वारा निलंबित किए जाने के बाद दुष्यंत चौटाला पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र में पहुंचे थे। गोहाना रैली की तरह हिसार में भी आज उनके समर्थकों ने “सीएम आया, सीएम आया” के गगनभेदी नारों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया।

13 तारीख को मिले दिल्ली में भारी समर्थन की तरह आज हिसार में भी जिस तरह इनेलो के हजारों वर्करों ने दुष्यंत चौटाला को अपना समर्थन देकर उनको पलकों पर बिठाया, उसनें यह बात साबित कर दी कि ओम प्रकाश चौटाला की कार्रवाई के बावजूद इनेलो कैडर हर हाल में दुष्यंत चौटाला का साथ निभाने को तैयार है। हालांकि कार्यकर्ताओं का यह जोश और नारेबाजी सुनने के बाद दुष्यंत ने अपने कार्यकर्ताओं से साफ तौर पर कहा कि आज भी चौधरी ओमप्रकाश चौटाला ही हमारे मुख्यमंत्री है। उनके खिलाफ कोई कुछ भी नहीं कहेगा। इतना ही नहीं दुष्यंत ने हिसार में आपने कार्यकर्ताओं को यह भी सन्देश देने की कोशिश की कि उनके भविष्य का फैसला उनके पिता डॉ अजय सिंह चौटाला और चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के हाथों में ऐसे में जैसा वरिष्ठ कहेंगे वैसा ही फैसला लिया जाएगा।

नोटिस आएगा जवाब मैं दूंगा, दोषी हूं तो मुझपर कार्यवाई करो : दुष्यंत
गोहाना रैली में दुष्यंत चौटाला के लिए समर्थकों द्वारा “भावी मुख्यमंत्री” का नारा लगाकर कार्यकर्ताओं ने तो यह स्पष्ट संकेत दे दिया था कि उनके लिए इनेलो का सीएम चेहरा सिर्फ और सिर्फ दुष्यंत चौटाला ही है। हालांकि सूत्रों के अनुसार गोहाना रैली में कार्यकर्ताओं की हूटिंग और उन्हें कंट्रोल करने में विफल बताते हुए इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने सांसद दुष्यंत चौटाला को नोटिस जारी कर दिया। बावजूद इसके दुष्यंत के चेहरे पर कोई क्रोध नहीं बल्कि उन्होंने हिसार में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सुनामी के लिए एक बूंद को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। अगर मुझे नोटिस आएगा तो जवाब मैं दूंगा, दोषी हूं तो मुझपर कार्यवाई करो। पार्टी कार्यकर्ता के सूत्रों के हवाले से इस बात का खुलासा हुआ कि दुष्यंत ने कहा कि अगर गोहाना रैली में कार्यकर्ताओं ने जो घोषणाबाजी कि वो कार्यकर्ताओं का अपना अधिकार है, इसमें मैं क्या कर सकता हूं।

ओमप्रकश चौटाला हमारे घर के मुखिया है और मुखिया के कंधो को झुकने न दें
दुष्यंत चौटाला की हिसार कार्यकर्ताओं से मुलाकात महज मुलाकात नहीं बल्कि एक प्रकार का शक्तिप्रदर्शन भी दिखाई दे रहा था। लगातार अलग-अलग जगहों में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठके और चर्चाओं का दौर जहां दुष्यंत की लोकप्रियता बखान कर रहा है, बल्कि पार्टी श्रेष्ट के निर्णयों पर भी सवाल खड़ा कर रहा है। हालांकि दुष्यंत ने कार्यकर्ताओं को साफ शब्दों में कहा कि इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ही हमारे घर के मुखिया है। और मुखिया का आदर सम्मान रखना सभी का फर्ज है। आप “अपने मुखिया के कंधो को झुकने न दे।” दुष्यंत ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वह चौधरी ओमप्रकाश चौटाला का सम्मान करें।

डॉ अजय का फैसला तय करेगा दुष्यंत का भविष्य
कार्यकर्ता जिस प्रकार से पारिवारिक कलह को देखते हुए न केवल दुष्यंत चौटाला को सीएम के तौर पर देखते है, बल्कि वे चाहते भी हैं कि दुष्यंत चौटाला जल्द कोई फैसला ले। दुष्यंत भी कार्यकर्ताओं के प्यार और उत्साह से भली भांति वाकिफ है। इसलिए उन्होंने इन दिनों हर कार्यकर्ताओं के सम्मलेन में इस बात का खास उल्लेख कर रहे है कि जल्द ही वह अपना निर्णय कार्यकर्ताओं को बताएंगे। आज हिसार की रैली में दुष्यंत ने साफ तौर पर कहा कि मैंने सभी फैसलें अपने पिता डॉ अजय चौटाला पर छोड़ दिए हैैं। जैसा वो आदेश देंगे वैसा मैं करूंगा और सभी को उनके फैंसलें का सम्मान करना होगा।

लोग दुष्यंत को देखना पसंद करते है न कि पार्टी को
इस बात से सभी वखिफ है कि इनेलो पार्टी में किस नेता को कार्यकर्ता अपना नेता मानते है। हालांकि यह बात कुछ लोग पचा न पा रहे हो, मगर हकीकत तो यही है कि दुष्यंत चौटाला को इनेलो कार्यकर्ता अपना भावी मुख्यमंत्री मानते हैं। आज हकीकत में देखा जाए तो देश में युवा सांसद दुष्यंत चौटाला जैसे नेताओं की मांग है। क्योंकि दुष्यंत चौटाला ने अपनी साफ, ईमानदार छवि से न केवल सभी को प्रभावित किया है, बल्कि सदन में जरुरी सवाल उठाकर जिम्मेदार सांसद का परिचय दिया है। इसलिए सभी पार्टी के नेता और आम जनता दुष्यंत को पसंद करने लगी है। आज स्थिति ऐसी है कि लोग बतौर नेता दुष्यंत को देखना पसंद करते है न कि पार्टी को। अगर दुष्यंत चौटाला जननायक सेवा दल के बैनर तले खुद की पार्टी का गठन कर विस्तार करते है, तो हो सकता है कि उनके साथ भारी जनसमर्थन देखने को मिले। जो लोग आजतक इनेलो को वोट नहीं करते थे, हो सकता है वो लोग दुष्यंत को वोट करें। सबसे ज्यादा दुष्यंत के साथ शहरी वोटर्स का समर्थन होगा। क्योंकि जिस प्रकार दुष्यंत ने हिसार का सांसद होने के नाते ब्रिज से लेकर, रेलवे और अन्य मुद्दों को सुलझाया है, उससे शहरवासी बेहद प्रभावित है।

हो सकता है अगर दुष्यंत अलग पार्टी बनाते है तो उन्हें शहरवासियों का भरपूर वोट मिले। जिस प्रकार उत्तरप्रदेश में अखिलेश और मुलायम सिंह यादव के बीच कहासुनी हुई और विवाद के चलते पार्टी से वह अलग हुए तो सभी अखिलेश को ही कोसने लगे कि उन्होंने पिता के साथ सही नहीं किया। जबकि दुष्यंत के मामले में ऐसा नहीं। इतने विवादों के बाद भी दुष्यंत ने इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला, चाचा अभय चौटाला के खिलाफ बिल्कुल भी अपशब्द नहीं कहे। आज भी वह उनकी वही इज्जत करते हैं। जिसे देखकर आज बाहर चर्चा यही चल रही है कि दुष्यंत के साथ अन्याय होने के बावजूद भी वह चुप है, यह उसकी अच्छाई और अच्छे संस्कार है। दुष्यंत की लोकप्रियता से आज सभी पार्टियां भयभीत है। वह जानती है दुष्यंत की लोकप्रियता उनके जीत की राह में रोड़े डाल सकती है। ऐसे में दुष्यंत को अपने पार्टी में शामिल करने को लेकर सभी पार्टियां डोरे डाल रहीं हैं।

सांसद दुष्यंत करेंगे मायावती से मुलाकात
पारिवारिक रूप से बिखर चुकी इनेलो, अब राजनीतिक तौर पर भी बिखरी हुई दिखाई दे रही है। चौटाला परिवार में फूट तो पड़ चुकी है, अब इनेलो-बसपा का गठबंधन भी तकरीबन हाशिए पर पहुंच चुका है। आंतरिक कलह से जूझ रही इनेलो पार्टी के युवा नेता सांसद दुष्यंत चौटाला जल्द बसपा सुप्रीमो मायावती से मुलाकात करने वाले हैं। दिलचस्प बात तो ये है कि मायावती ने दुष्यंत को अगले हफ्ते मिलने का भी वक्त भी दे दिया है।

विवाद के हर पहलू पर होगा परिवार में मैराथन मंथन
चौटाला परिवार में पिछले कई दिनों से परिवारिक खटास बढ़ती जा रही है। अब चौटाला परिवार इस कलह से कोई बड़ा नुकसान नही करवाना चाहता। खैर जानकारी मिल रही है कि परिवार के विवाद को दूर करने के लिए परिवार में मैराथन मंथन होगा। इस मंथन में 3 फार्मूलों पर सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी। पहला पार्टी संगठन में परिवार के सभी सदस्यों को अलग-अलग ज़िम्मेदारी दी जाएगी। इतना ही नही काम और कार्यक्रम पहले से ही निर्धारित करने होंगे। दूसरा बिंदु ये रहेगा कि दोनों ही पक्षों की ओर से विवाद को बढ़ावा देने वाले कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की जाए। अभय और दुष्यंत दोनों के ही करीबियों पर गाज गिर सकती है। तीसरी बात जो अहम रहेगी वो है कि इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला के नाम पर ही चुनाव लड़ा जाएगा। बहुमत मिलने की सूरत में चुनाव के बाद ही तय किया जाएगा कि सीएम उम्मीदवार कौन होगा।

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