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आर्थिक मदद करनी चाहिए सरकार को : हरपाल

Today News | हिसार

कांग्रेसी नेता व टेक्स टिब्यूनल के पूर्व सदस्य हरपाल बूरा ने हांसी हलके गांव में पिछले चार पांच
दिन से लगातार भारी वर्षा की आफत फसलों के नुक्सान का निरीक्षण किया तथा ग्रामीणों ने जल से भरे खेतों को दिखाया कि कपास, जीरी, बाजरा की फसले तबाह हो गई है। फसलों में साढे तीन से लेकर साढे चार फुट तक पानी भर गया है जिसके कारण किसानों की फसले तबाह हो गई है इससे फसलों की गुणवत्ता पर असर पडेगा।

हम सरकार से मांग करते है प्रति एकड 25 हजार रुपये प्रति यूनिट दिया जाए व 50 हजार रुपये प्रति एकड के हिसाब से वर्षा का मुआवजा दिया जाना चाहिए। हाल ही में राजस्व विभाग ने सभी उपायुक्तों को पहले से चल रही गिरदावरी की प्रकिया में ही मौजूद नुक्सान का आकलन करने के निर्देश दिए है हम सरकार से मांग करते है गांव या ब्लाक को ईकाई न मान कर एकड ईकाई को माना जाए ताकि किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ मिल सके। गिदावरी की औपचारिकता कार्यालयों में बैठ कर पूरी ना हो पंचायत या गांव में जिम्मेदार लोगों की कमेटी को साथ लेकर नुक्सान की रिपोर्ट तैयार करें। हरपाल बूरा ने कहा कि किसान के कर्ज पर एक साल का ब्याज माफ करना चाहिए ताकि किसान अगली फसल को उगा सके।

इसके साथ-साथ हांसी शहर की बस्तियों में एक एक फीट पानी खडा है उसको जल्द से जल्द निकालने की व्यवस्था की जाए। बूरा ने कहा कि कुम्भा कुलाना, शेखपुरा, जमावडी, गंगन खेडी, भाटौल, जीतपुरा, खरकडा गावो में कई कई फुट पानी भर गया जिसके कारण उनका फसलों का नुक्सान हो गया है इसके अलावा ध्वस्त ठह गए मकानो का मुआवजा व उनके पुर्नवास की व्यवस्था की जानी चाहिए। हरपाल बूरा ने कहा कि कुम्भा में बरसात के कारण मकान ढहने से प्रेम की पोती गंभीर रुप से घायल हो गई थी उसे मुआवजा मिलना चहिए तथा कुलाना में कर्म चंद का मकान गिर गया था उसे भी मुआवजा मिलना चाहिए तथा प्रशासन को उनका पुर्नपवास की व्यवस्था करनी चाहिए। बूरा ने कहा कि प्रशासन अगर मौसम विभाग की चेतवानी से अगर सचेत होता है तो हांसी शहर के ये हालत नही होने थे प्रशासन बुरी तरह फेल हो चुका है। इस मौके पर कुम्भा के सरपंच दशरत, सुरेश संजय, सुखबीर, धारा सेवादार, सत्यवान, फूल कुमार, सतबीर मौजूद थे।

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