टुडे न्यूज़राजनीतिहरियाणा

अग्रोहा डवलपमेंट प्लान की अधिसूचना जारी

Today News

हिसार, 4 अक्तूबर।प्रदेश सरकार ने अग्रोहा डवलपमेंट प्लान 2031 की अधिसूचना जारी करते हुए इसकी सीमाओं का निर्धारण किया है। इसके तहत सन् 2031 के अंत तक अग्रोहा की जनसंख्या 52600 होने की संभावना है जिसके अनुसार यहां विकास की योजना बनाई गई है।उपायुक्त अशोक कुमार मीणा ने बताया कि हरियाणा सरकार गजट नोटिफिकेशन नं. सीसीपी (एनसीआर)/डीडीपी/अग्रोहा(हिसार)/20148/2651 दिनांक 17 सितंबर 2018 के माध्यम से अग्रोहा विकास प्लान 2031 का प्रारूप प्रकाशित किया गया है।

उन्होंने बताया कि शहर अग्रोहा एवं मीरपुर (जोकि नियंत्रित क्षेत्र का हिस्सा है) की संयुक्त जनसंख्या 1961 में 2602 व्यक्तियों से बढक़र 2011 में 9463 हो गई है। वर्ष 1971 से 1981 के दशक में जनसंख्या दर 19.71 प्रतिशत थी जोकि 1991-2001 के दशक के दौरान बढक़र 28.10 प्रतिशत तथा 2001-2011 के दशक में 26.49 प्रतिशत हो गई थी। अग्रोहा की क्षेत्रीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा महाविद्यालय तथा अग्रोहा विकास न्यास जैसी संस्थाओं की स्थापना, कृषि अर्थव्यवस्था, सहायक वाणिज्यिक गतिविधियों के अभ्यूदय और निकटवर्ती थर्मल पावर प्लांट के आगमन से सन् 2031 के अंत तक यहां की जनसंख्या 52600 होने की संभावना है।

सन् 2031 की जनसंख्या की जरूरतों के अनुसार अग्रोहा में विभिन्न गतिविधियों के लिए 392.80 हेक्टेयर भूमि के इस्तेमाल का प्रस्ताव है। इसके तहत रिहायशी उपयोग के लिए 145.98 हेक्टेयर (36.16 प्रतिशत), वाणिज्यिक कार्य के लिए 13.87 हेक्टेयर (3.54 प्रतिशत), औद्योगिक गतिविधियों के लिए 40.66 हेक्टेयर (10.34 प्रतिशत), परिवहन तथा संचार कार्यों के लिए 70.80 हेक्टेयर (18.02 प्रतिशत), सार्वजनिक उपयोग के लिए 27.27 हेक्टेयर (6.94 प्रतिशत), सार्वजनिक तथा अर्ध सार्वजनिक कार्यों हेतु 33.14 हेक्टेयर (8.44 प्रतिशत), खुले स्थल के लिए 61.08 हेक्टेयर (15.55 प्रतिशत) भूमि के उपयोग का प्रस्ताव है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में मौजूद शहर 196.75 हेक्टेयर भूमि पर बसा है। यदि कोई व्यक्ति इस प्रस्तावना बारे अपने आपत्तियां या सुझाव देना चाहे तो एक महीने की अवधि में जिला नगर योजनाकार कार्यालय, हिसार में संबंधित अधिकारी को दे सकता है। अग्रोहा में रिहायशी उद्देश्य से हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा सेक्टर 2 व सेक्टर 6 विकसित करने का प्रस्ताव है। हुडा द्वारा पहले ही सेक्टर 6 अधिग्रहीत किया गया है। अनुमानित जनसंख्या की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए आवासीय सेक्टरों में बुनियादी ढांचो के लिए क्षेत्र प्रदान किया जाएगा।

नोटिफिकेशन में वर्णन किया गया है कि अग्रोहा का उद्भव अग्रसेन से है, शहर का पुरातन नाम अग्रो-डाका था, ऐसा खुदाई के समय मिले सिक्कों से पता चलता है। इस स्थान के बारे में महाभारत के अष्टाध्याय में उल्लेख है तथा ऐसा विश्वास है कि यह स्थान अग्रोहा गणतंत्र की राजधानी था। मध्य युगीन काल में अग्रोहा का हिसार-ए-फिरोजा के एक महत्वपूर्ण मंडल एवं समृद्घ शहर के रूप में वर्णन है। मोहम्मद तुगलक के समय भयंकर अकाल के कारण इस क्षेत्र में भारी तबाही हुई और इसने एक निर्जर शहर का रूप ले लिया, ऐसा इबन्-ए-बतूता में ताया गया है। बाद में फिरोजशाह तुगलक द्वारा हिंदुओं के मंदिरों तथा भवनों को गिराए जाने और उनकी भवन सामग्री का हिसार-ए-फिरोजा के निर्माण हेतु प्रयोग में लाए जाने का वर्णन है।

टीले की खुदाई से पता चलता है कि यह एक सुनियोजित शहर था। पक्की ईंटों की दीवारें, सीमेंट के फर्श तथा अच्छी बनी सडक़ें शहर के सुनियोजित होने की कहानी कहते हैं। राख के टीले से पता चलता है कि यह शहर अग्रि से जल गया था। यहां से दो सिक्कों से भरे बर्तन प्राप्त हुए थे। एक बर्तन में पांच चांदी के सिक्के थे। इन सिक्कों पर सूर्य तथा वृक्ष की नक्काशी की हुई थी। दूसरे बर्तन में इक्यावन वर्गाकार सिक्के थे। दोनों प्रकार के सिक्कों के बारे में यह कथन है कि यह ईसा पूर्व की दूसरी सदी से संबंधित है।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close