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डॉक्टरों ने खारिज किया ममता से मिलने का ऑफर, कहा- खुद आकर सुनें समस्याएं

सरकार की ओर से हड़ताली डॉक्टरों से बातचीत का प्रयास किया गया था, लेकिन डॉक्टर अड़े रहे कि सीएम खुद आकर उनकी समस्याओं को सुनें एनआरएस मेडिकल कॉलेज में ही इलाज के दौरान एक 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर हमला कर दिया था इस घटना के विरोध में पश्चिम बंगाल में डॉक्टर कई दिनों से हड़ताल पर हैं और राज्य के बाहर भी उन्हें व्यापक समर्थन मिल रहा है

हिसार टुडे | कोलकाता/नई दिल्ली

दो जूनियर डॉक्टरों से मारपीट के खिलाफ बंगाल से लेकर दिल्ली तक पहुंची हड़ताल के बाद ममता बनर्जी सरकार कुछ सक्रिय नजर आ रही है। शुक्रवार रात को सरकार की ओर से हड़ताली डॉक्टरों से बातचीत का प्रयास किया गया था, लेकिन डॉक्टर इस बात पर अड़े रहे कि सीएम एनआरएस मेडिकल कॉलेज आकर उनकी समस्याओं को सुनें।

ऐसे में सवाल यह है कि अगर ममता बनर्जी डॉक्टरों से मिलने नहीं जाती हैं और डॉक्टर यूं ही अड़े रहते हैं तो इस संकट का समाधान कैसे निकलेगा? इस बीच राहत की बात यह है कि AIIMS के रेजिडेंट डॉक्टर शनिवार को काम पर लौट आए। हालांकि उनका सांकेतिक विरोध अब भी जारी है।

आपको बता दें कि एनआरएस मेडिकल कॉलेज में ही इलाज के दौरान एक 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर हमला कर दिया था। इस हमले में दो डॉक्टर घायल हो गए थे, जिनमें से एक की हालत गंभीर है। शुक्रवार रात को 11:45 बजे सूबे के तमाम शहरों के मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों की मीटिंग हुई। इसमें शामिल ज्यादातर डॉक्टरों ने सरकार से समझौते की बात से इनकार किया।

इस बीच पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने एक बार फिर से डॉक्टरों से वापस लौटने की अपील करते हुए कहा है कि वे जल्द से जल्द मरीजों को देखें।

सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को सरकार की ओर से एनआरएस मेडिकल कॉलेज के आंदोलनकारी डॉक्टरों को बातचीत का प्रस्ताव आया था। डॉक्टरों से कहा गया था कि वे राज्य सचिवालय में आकर सीएम से मुलाकात करें।

सोमवार को डॉक्टर करेंगे देशव्यापी हड़ताल

यह प्रस्ताव सरकार के भरोसेमंद कहे जाने वाले सूबे के 5 सीनियर डॉक्टरों के जरिए भेजा गया था। बातचीत के मध्यस्थों ने स्वीकार किया है कि वार्ता का प्रस्ताव खारिज हुआ है, लेकिन उन्होंने कहा कि यदि सरकार के शीर्ष स्तर पर और आंदोलनकारियों के बीच वार्ता होती है तो फिर बात आगे बढ़ सकती है।

डॉक्टरों के समर्थन में ममता के भतीजे

ममता बनर्जी सरकार ने केंद्र, हाई कोर्ट और राज्यपाल के दफ्तर की ओर से सूबे में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली के दबाव के बीच बातचीत की पहल की थी। उधर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने ममता बनर्जी को नसीहत देते हुए कहा है कि उन्हें इस मसले को प्रतिष्ठा का विषय नहीं बनाना चाहिए। आपको बता दें कि इंडियन मेडिकल असोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से हड़ताल को लेकर मुलाकात की है।

AIIMS के रेजिडेंट डॉक्टर काम पर लौटे

उधर, AIIMS के रेजिडेंट डॉक्टर्स असोसिएशन के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह ने शनिवार को बताया कि सभी रेजिडेंट डॉक्टर्स काम पर लौट आए हैं लेकिन काली पट्टी बांधकर और हेल्मेट पहनकर अपना सांकेतिक विरोध जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि अगर हालात और खराब होते हैं तो हम 17 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

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