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सभी 17 विधायकों को फिर से चुनावी रण में उतारेगी कांग्रेस

हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस में हलचल तेज हो गई है। टिकट के लिए दिग्‍गज नेता सूची को अंतिम रूप में देने में जुटे हैं। पार्टी मौजूदा सभी 17 विधायकों को दोबारा टिकट देगी |

हिसार टुडे ।नई दिल्‍ली

हरियाणा के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अपने मौजूदा सभी विधायकों को रण में उतारेगी। नई दिल्ली स्थित पंजाब भवन में चुनाव समिति की संयोजक कुमारी सैलजा की अध्यक्षता में हुई बैठक में विधायकों को चुनाव मैदान में उतारने पर एक राय बनी। बैठक में साफ कर दिया गया कि राज्य स्तर पर टिकट बंटवारे की संस्तुति में किसी व्यक्ति विशेष की बजाए समिति के निर्णय को अंतिम माना जाएगा तथा समाज के सभी वर्गो को टिकट बंटवारे में समायोजित किया जाएगा।

चुनाव समिति ने लोकसभा लड़े नेताओं से मांगे पसंद के दावेदारों के नाम

बैठक में बकायदा कहा गया कि 90 विधानसभा क्षेत्रों में कोई ऐसा क्षेत्र न हो, जिसमें सभी जाति, वर्ग और क्षेत्र को किसी न किसी रूप में प्रतिनिधित्व न मिले। कांग्रेस भी भाजपा की तरह लोकसभा क्षेत्र में रहे कांग्रेस उम्मीदवारों से सील बंद लिफाफे में टिकट के लिए संस्तुतियां लेगी। पार्टी ने इसके लिए अंतिम तारीख भी 26 सितंबर ही रखी। अब तक पार्टी के पास 1100 से अधिक टिकट के आवेदन आए हैं। 28 और 29  सितंबर को दिल्ली में स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक होगी। इसके बाद सोनिया गांधी के नेतृत्व में होने वाली केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी जाएगी।

अशोक तंवर ने चुनाव समिति से बनाए रखी दूरी, सैलजा नाराज

पिछले पांच साल तक गुटबाजी का शिकार रही कांग्रेस की नई टीम के साथ भी कम चुनौतियां नहीं हैं। पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ.अशोक तंवर ने पार्टी की चुनाव प्रचार अभियान कमेटी की बैठक में हिस्सा नहीं लिया और वह चुनाव समिति की बैठक में भी नहीं आए। तंवर ने मीडिया से मुखातिब होकर कहा कि वह नई टीम की किसी बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे। पार्टी में रहकर वह अपने स्तर पर काम करेंगे। आने वाले कुछ दिनों में वह पूरी वस्तुस्थिति पार्टी हाईकमान के समक्ष रखेंगे।इससे पहले तंवर यह भी कह चुके हैं कि नई टीम को वह उतना ही सहयोग करेंगे जितना उन्होंने उनके कार्यकाल में किया था। तंवर के चुनाव समिति की बैठक में नहीं आने पर प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने भी संज्ञान लिया है। सैलजा अब तंवर की परवाह किए बिना ही पार्टी कार्यक्रमों को आगे बढ़ाती जाएंगी।

कांग्रेस दिग्गजों के परिवार को सिर्फ एक सीट, खुद लड़ें या परिवार को लड़ाएं

सत्तारूढ़ दल भाजपा के सामने चुनाव मैदान में कांग्रेस की रणनीति भी तैयार हो गई है। कांग्रेस सत्तारूढ़ दल को वंशवाद के मुद्दे पर असहज नहीं होगी। चुनाव समिति की बैठक में यह भी चर्चा हुई कि पार्टी नेताओं के परिवार से एक ही सीट पर चुनाव लड़ाया जाए। जिताऊ के साथ युवा, महिला और अनुभवी उम्मीदवारों को वरीयता भी कांग्रेस देगी। कांग्रेस चुनाव प्रचार अभियान कमेटी के चेयरमैन कैप्टन अजय यादव और चुनाव घोषणा पत्र कमेटी की चेयरपर्सन किरण चौधरी ने कहा कि कांग्रेस भी वंशवाद को बढ़ावा नहीं देगी।

कुलदीप बिश्नोई जैसे कुछ दिग्गज नेताओं को हो सकती है परेशानी

एक ही परिवार से एक ही प्रत्याशी लड़ाए जाने से कई नेताओं को दिक्कत आ सकती है। पिछले चुनाव में कुलदीप बिश्नोई और उनकी पत्नी रेणुका बिश्नोई दोनों चुनाव लड़े थे और जीते थे। कुलदीप आदमपुर से और रेणुका हांसी से। उनके बड़े भाई चंद्रमोहन नलवा से लड़े थे। हालांकि तब उनकी अपनी पार्टी हरियाणा जनहित कांग्रेस थी। उसका वह कांग्रेस में विलय कर चुके हैं। इस बार वह पत्नी के साथ ही बेटे के लिए भी टिकट चाहते हैं। जाहिर है कि इससे पेंच फंसेगा।

आज फिर होगी चुनाव घोषणा पत्र समिति की बैठक

 

कांग्रेस चुनाव घोषणा पत्र समिति की बैठक आज दिल्ली में 15 गुरुद्वारा रकाबगंज रोड स्थित पार्टी कार्यालय में सायं तीन बजे होगी। समिति की चेयरपर्सन किरण चौधरी ने चुनाव समिति की बैठक के बाद बताया कि पार्टी प्रत्याशी घोषित होने के तुरंत बाद वह पार्टी का चुनावी घोषणा पत्र जारी करना चाहती हैं। उन्होंने दोहराया कि घोषणा पत्र में आम जनता से जुड़े मुद्दों को अहमियत दी जाएगी इसलिए इसका नाम जनघोषणा पत्र रखा गया है।

 

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