राष्ट्रीयहरियाणाहिसार

“हिसार टुडे की खबर का असर” सांसद ने कहा “दिशा बैठक” में उठाएंगे मुद्दा विधायक कमल गुप्ता ने कहा दर्ज हो केस

Hisar Today

6 सितंबर को प्रकाशित खबर में बताया था कि कड़े नियमों के बाद भी खुले में फेंका जा रहा था बायो मेडिकल वेस्ट

हिसार टुडे ने 6 सितंबर को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट के माध्यम से बताया था कि किस प्रकार से बायो मेडिकल वेस्ट को लेकर सरकार द्वारा बने कड़े नियम और कानूनों के बावजूद हिसार सिविल अस्पताल में बड़ी संख्या में बायो मेडिकल वेस्ट कचरो में फेंके जा रहे है।  इस बात का खुलासा करते हुए हिसार टुडे ने अपनी प्रदर्शित रिपोर्ट में बताया था कि सिविल अस्पताल के डॉक्टरों और मुख्य आरोग्य अधिकारी के नाक के नीचे बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण में यहां के कर्मचारियों की घोर लापरवाही का खुलासा हुआ था।  सिविल अस्पताल से बायो मेडिकल कचरा यहां के सफाईकर्मी पास पड़े खुले कचरा पेटियों में डालते पाए गए। इस कचरा पेटी के आस पास दवाइयों की शीशियां, दस्ताने, बैंडेज, खून की थैलिया, बोतलेंं और  सीरिंज पाए गए। हर रोज सिविल अस्पताल ने निकला बायो मेडिकल कूड़ा न केवल यहां फेंका जाता है बल्कि इस कुड़े अर्थात बायो मेडिकल वेस्ट को यहां जलाया भी जाता है।

इस खबर पर अपनी गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए सांसद दुष्यंत चौटाला ने स्वास्थ मंत्री अनिल विज को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सख्ती बरतना बेहद जरुरी है। जिम्मेदार अधिकारी पर दोष तय करके उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही करनी चाहिये। हालांकि विपक्ष के ट्विटर मंत्री के नाम से मशहूर अनिल विज इस मामले में बड़ी-बड़ी बातें तो जरूर करते हैं मगर जब एक्शन लेने की बारी आती है तो चुप हो जातें हैं। गौरतलब है कि इस मुद्दे को विधायक कमल गुप्ता ने बेहद गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही होनी चाहिए।

पकड़े जाने पर हो सकती है पांच साल की जेल और जुर्माना

नियमानुसार अगर कोई संस्था या व्यक्ति बायो मेडिकल कचरा फेंकते पकड़ा जाता है तो दोषी पाये जाने पर बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट और हैंडलिंग एक्ट 1998 संशोधित नियम 2016 के तहत उसे पांच साल तक की जेल और जुर्माने की सजा हो सकती है।

रोजाना हजारों की संख्या में मरीज अपना इलाज करवाने दूरदराज से हिसार सिविल अस्पताल आते है। इतना ही नहीं खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर ने एयरपोर्ट के शुभारम्भ के दौरान हिसार के सिविल हस्पताल का औचक निरिक्षण कर यहां का मुआयना भी किया था। बावजूद इसके सिविल अस्पताल के डॉक्टरों और मुख्य आरोग्य अधिकारी के नाक के नीचे से बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण में यहां के कर्मचारियों की घोर लापरवाही हिसार टुडे की टीम ने उजागर की है।

किसे मिला है ठेका 

सिनर्जी कंपनी को सिविल हस्पताल से बायो मेडिकल वेस्ट उठाने का ठेका दिया गया है। 2017 से 2019 तक यह ठेका उन्हें प्रदान किया गया है। सिविल अस्पताल में बायो मेडिकल वेस्ट उठाने के लिए सिनर्जी कंपनी को बाकायदा 70,600 रूपए हर महीने दिए जातें है।

दिशा बैठक में उठाएंगे मुद्दा

दुष्यंत चौटाला, सांसद, हिसार
दुष्यंत चौटाला, सांसद, हिसार

यह बेहद गंभीर मामला है। स्वास्थ विभाग की इस लापरवाही को अगले माह अक्टूबर में होने वाली “दिशा बैठक” में उठाया जाएगा। इतना ही नहीं लापरवाह अधिकारियों को सबक सिखाया जायेगा।

दर्ज हो एएफआईआर : कमल गुप्ता

विधायक कमल गुप्ता,हिसार
विधायक कमल गुप्ता,हिसार

बायो मेडिकल वेस्ट को डिस्पोज़ करने का सही तरीका है, सरकारी और निजी अस्पताल में यह कचरा उठाने का ठेका दिया गया है। फिर भी ऐसी हरकत पाई गई तो यह बेहद गंभीर विषय है।  हम तो मांग करेंगे कि इस मामले में दोषी अिधकारियों पर एफआईआर दर्ज हो।

पर्यावरण से किया जा रहा खिलवाड़ : तरुण

तरुण जैन, हलका अध्यक्ष, इनेलो हिसार
तरुण जैन, हलका अध्यक्ष, इनेलो हिसार

ये बेहद गंभीर मामला है, लोगों की जान और पर्यावरण के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।  ऐसे लोगो को लगाम लगानी चाहिए। पार्टी की तरफ से हम मांग करेंगे कि जिम्मेदार अधकारियों पर एफआईआर दर्ज हो।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close