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राष्ट्रीय पोषण अभियान को बनाएं जन आंदोलन : पीएम

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देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बच्चों व गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य एवं जन हित को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय पोषाहार सप्ताह का विस्तार करके इसे राष्ट्रिय पोषाहार माह के रुप में मनाने एवं चालू माह में इसे जन आंदोलन बनाने का आवाहन किया है। यह आवाहन  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर से आंगनवाड़ी वर्कर, आशा वर्कर एवं एएनएम से वीडियो कॉफ्रेंस के माध्यम से सीधा संवाद कार्यक्रम के दौरान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आंगनवाड़ी, आशा वर्कर व एएनएम गांव स्तर पर सीधे ग्रामीणों से जुड़ी हुई हैं और राष्ट्र के निर्माण में अग्रणी सिपाही के रुप में कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आपके बिना राष्ट्रीय पोषाहार माह अभियान की सफलता संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता एवं स्वास्थ्य का पोषण से सीधा संबंध है। इसलिए आंगनवाड़ी वर्कर, आशा वर्कर, एएनएम, गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को पोषाहार माह की सफलता के लिए जी जान से जुट जाएं और इसे जन आंदोलन का रुप देकर सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि यद्दपि यह बड़ी चुनौती है लेकिन इस चुनौती का सामना करते हुए हर घर पोषण  त्योहार के रुप में इसे मनाएं और लोगों को संतुलित आहार के बारे में जागरुक करें। उन्होंने कहा कि कम उम्र में शादी करने से बच्चों में भी शारीरिक, मानसिक एवं भौतिक कमजोरी आती है। कुपोषण से भी बच्चों में कमजोरी व खून की कमी हो जाती है। पोषण के महत्ता के बारे में उन्होंने कहा कि खाना खाने से पहले और खाना खाने के बाद हाथ धोएं। उन्होंने कहा कि पूरे देश में चल रहे इस राष्ट्रीय पोषाहार माह की सफलता के लिए लोगों के विचारों को बदलने की जरुरत है और इसमें आंगनवाड़ी वर्करों, एएनएम, आशा वर्करों का अग्रणी भूमिका के रुप में सहयोग व योगदान अति महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में इंद्रधनुष अभियान की शुरुआत की गई, इस योजना के तहत दूर दराज और पिछड़े इलाकों में नन्हें बच्चों व माताओं तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया जिसके तहत 3 करोड़ से अधिक बच्चों और 85 लाख माताओं के सुरक्षित स्वास्थ्य के लिए टीकाकरण किया गया। उन्होंने कहा कि सही पोषण व मां और बच्चे का निर्धारित समय पर टीकाकरण करना जरुरी है। उन्होंने कहा कि मां बनने की भी सही उम्र होनी चाहिए, कम उम्र में मां बनना स्वयं और संतान के लिए भी घातक होता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान झुंझनु जिले से राष्ट्रिय पोषण अभियान की शुरुआत की गई थी, यह अपने आप में एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन सभी के सहयोग से यह निरंतर सफल हो रहा है। उन्होंने कहा कि हर मां और बच्चे तक पहुंचने से लाखों माताओं से बच्चों का जीवन सुरक्षित बनेगा।

उन्होंने कहा कि बच्चों में कम वजन की समस्या भी नहीं आनी चाहिए। गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था में संतुलित आहार देने के प्रति उनको जागरुक करें ताकि पैदा होने वाले बच्चों का शारीरिक, मानसिक व बौद्घिक विकास संभव हो। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि झुग्गी, झोंपड़ियों में रहने वाले गरीब तबके के खिलाडिय़ों ने भी मैडेल ला कर अपने देश का नाम रोशन किया है। इसी प्रकार दूर दराज के इलाकों में भी इस अभियान को सफल बनाने के लिए आंगनवाड़ी वर्कर, आशा वर्कर, एएनएम आगे आएं। उन्होंने कहा कि अगर बचपन कमजोर होगा तो देश का विकास संभव नहीं, अगर आदमी स्वस्थ होगा तो देश का भविष्य उज्जवल है। उन्होंने प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जन धन योजना, पैंशन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, सौभाग्य, जन औषधी केंद्र, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, योग, स्वच्छ भारत मिशन तथा अन्य कार्यक्रमों की भी चर्चा करते हुए लोगों से इन योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।

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