टुडे न्यूज़राष्ट्रीय

पीरियड्स नहीं बल्कि ये थी सबरीमाला मंदिर में महिलाओं पर रोक की वजह

Today News | नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद बुधवार से केरल के बहुचर्चित सबरीमाला मंदिर के द्वार सभी उम्र की महिलाओं के लिए खुलने जा रहे हैं। इस फैसले को लेकर केरल में सियासी घमासान मचा हुआ है। कई संगठन और राजनीतिक दल मंदिर में महिलाओं की एंट्री के विरोध में हैं। बीजेपी ने मार्च निकालकर केरल सरकार का विरोध भी किया है। ऐसे में राज्य में तनाव का माहौल है। हालांकि, पुलिस-प्रशासन ने महिलाओं को सुरक्षा का भरोसा दिया है। तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस विभाग ने सरकार से अतिरिक्त फोर्स की मांग भी की है।दरअसल, बुधवार को 5 दिन की मासिक पूजा के लिए सबरीमाला मंदिर के कपाट खुल रहे हैं। इसके लिए महिलाओं ने भी पूरी तैयारी शुरू कर दी है। खास बात यह है कि महिलाएं पहली बार इस मंदिर में प्रवेश करेंगी।

विरोध को देखते हुए त्राणवकोर देवसोम बोर्ड ने तांत्री (प्रमुख पुरोहित) परिवार, पंडलाम राजपरिवार और अयप्पा सेवा संघम समेत अलग-अलग संगठनों के साथ मंगलवार को बैठक भी की, लेकिन फिलहाल इस बैठक का कोई नतीजा नहीं निकला।इस बीच भगवान अयप्पा की सैकड़ों महिला श्रद्धालुओं ने मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर उन महिलाओं को मंदिर से करीब 20 किलोमीटर पहले रोकने की कोशिश की, जिनकी उम्र 10 से 50 साल के बीच है। ‘स्वामीया शरणम् अयप्पा’ के नारों के साथ भगवान अयप्पा भक्तों ने इस उम्र की लड़कियों और महिलाओं की बसें और निजी वाहन रोक दिए। उन्हें यात्रा नहीं करने के लिए मजबूर किया। पुलिस ने बाधा ड़ालने वालों पर कार्रवाई करते हुए अभी तक कुल 16 लोगों को गिरफ्तार किया है।

वैसे सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले 10 से 50 साल तक की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश पर रोक थी। परंपरा अनुसार लोग इसका कारण महिलाओं के पीरियड्स यानि मासिक धर्म को बताते हैं क्योंकि मंदिर में प्रवेश से 40 दिन पहले हर व्यक्ति को तमाम तरह से खुद को पवित्र रखना होता है और मंदिर बोर्ड के अनुसार पीरियड्स महिलाओं को अपवित्र कर देते हैं। ऐसे में लगातार 40 दिन खुद को पवित्र रखना संभव नहीं है। लेकिन महिलाओं के मंदिर प्रवेश पर रोक की शुरुआत जब हुई तो उसका कारण यह नहीं था।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close