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गुजरात में रेप की घटना के बाद उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों पर हमला

Today News | अहमदाबाद

गुजरात के हिम्मतनगर में पिछले हफ्ते 14 महीने की एक बच्ची से बलात्कार के मामले में बिहार के एक शख़्स की गिरफ़्तारी के बाद मामला काफी गरमा गया है। इस वाकये के बाद गुजरात के कई इलाकों में रहने वाले यूपी और बिहार के प्रवासियों को निशाना बनाया जा रहा है। उन पर हमले किए जा रहे हैं। गांधीनगर, अहमदाबाद, पाटन, साबरकांठा और मेहसाणा इलाके से सैकड़ों प्रवासी अपना कामकाज छोड़कर गुजरात से वापस अपने घरों की ओर जा रहे हैं. उत्तर भारतीयों पर हमले के मामले में अब तक 342 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है इसके बावजूद प्रवासियों में डर का माहौल है।

जानिए पूरा मामला क्या है

इस घटना के बाद राज्य के कई हिस्सों में गैर- गुजरातियों, खासतौर पर उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। 28 सितम्बर को एक बच्ची के साथ कथित रूप से बलात्कार करने के लिए बिहार के एक निवासी को गिरफ्तार किये जाने के बाद गैर-गुजरातियों को निशाना बनाया गया और सोशल मीडिया पर घृणा संदेश फैलाये गये।पुलिस महानिदेशक शिवानंद झा ने पत्रकारों को बताया,‘‘मुख्य रूप से छह जिले (हिंसा से) प्रभावित हुए हैं। मेहसाणा और साबरकांठा सबसे अधिक प्रभावित हुए है।

इन जिलों में, 42 मामलें दर्ज किये गये है और अब तक 342 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान आरोपियों के नाम सामने आने के बाद और लोगों को गिरफ्तार किया जायेगा।’’ डीजीपी ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में राज्य रिजर्व पुलिस (सीआरपी) की 17 कंपनियों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा,‘‘गैर-गुजराती के निवास क्षेत्रों और उन कारखानों में जहां वे काम करते हैं, वहां सुरक्षा बढ़ा दी गई है।पुलिस ने इन इलाकों में गश्त भी बढ़ा दी है.’’डीजीपी ने बताया कि सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने के लिए दो मामले दर्ज किये गये हैं।

हमलों के बाद गैर-गुजरातियों के पलायन के बारे में पूछे गये एक सवाल के जवाब में झा ने कहा कि आने वाले त्योहारों के मद्देनजर वे अपने मूल राज्यों के लिए रवाना हो सकते है।उन्होंने कहा कि सबसे अधिक प्रभावित जिले गांधीनगर में पुलिस अधिकारियों को शिविरों का आयोजन करने और स्थानीय नेताओं के साथ संवाद करने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा बल और वाहन उपलब्ध कराये गये है। इस बीच कांग्रेस विधायक अल्पेश ठाकोर ने घोषणा की कि इन हमलों के मद्देनजर उनके समर्थकों के खिलाफ दर्ज किये गये ‘‘झूठे मामलों’’ को यदि सरकार ने वापस नहीं लिया तो वह 11 अक्टूबर से ‘सद्भावना’ उपवास करेंगे।

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