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PNB Scam: भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी लंदन में हुआ गिरफ्तार, कोर्ट में किया जाएगा पेश

Hisar Today  

  •  बैंकों का 13 हजार करोड़ रुपये लेकर फरार होने का आरोप

  • लंदन की सड़क पर दिखा था घूमता, खोल लिया था हीरा का शोरुम

  • ईडी, सीबीआई ने प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटिश सरकार से किया अनुरोध

  • वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने जारी किया था गिरफ्तारी वारंट

 लंदन में बेखौफ घूम रहा भगोड़ा नीरव मोदी शिकंजे में आ गया है. स्‍थानीय समयानुसार मंगलवार को ब्रिटेन की पुलिस ने नीरव मोदी को गिरफ्तार किया. ब्रिटेन स्थित स्कॉटलैंड पुलिस द्वारा जारी बयान के मुताबिक भारतीय एजेंसियों की शिकायत के आधार पर 48 साल के नीरव मोदी को स्‍थानीय समयानुसार मंगलवार (19 मार्च) को गिरफ्तार किया गया. नीरव मोदी की बुधवार को ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में पेशी होने वाली है. अब नीरव मोदी मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च को होगी. इस दौरान भी नीरव मोदी को कोर्टरूम में मौजूद रहना होगा. इससे पहले सोमवार को ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने नीरव मोदी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया था.

बता दें कि करीब 13 महीने पहले 13 हजार करोड़ के पीएनबी स्‍कैम में भारतीय जांच एजेंसियों को नीरव मोदी की तलाश थी. वह पिछले दिनों लंदन की सड़कों पर अपना लुक बदलकर बेखौफ घूमता दिखा था. जबकि उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो चुका था. इसके बाद ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया. हालांकि गिरफ्तारी के बाद नीरव मोदी के पास जमानत के लिए कोर्ट जाने का विकल्प है. कोर्ट से नीरव को सशर्त जमानत मिल सकती है.

मिल सकती है जमानत

कानून के जानकारों के मुताबिक, नीरव को लंदन कोर्ट से आज ही जमानत भी मिल सकती है। इसके बाद आगे मामले को विजय माल्य के केस की तरह चलाया जाएगा। बता दें कि भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को भी लंदन में साल 2017 में गिरफ्तार किया गया था। हालाकिं कुछ ही देर में उन्हें जमानत भी मिल गई थी। इससे पहले उसी साल अप्रैल में भी माल्या की लंदन में गिरफ्तारी हुई थी और उस बार भी कुछ घंटों में उन्हें जमानत मिल गई थी।

वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने जारी किया था अरेस्ट वॉरंट

वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने भारत के प्रवर्तन निदेशालय की ओर से प्रत्यर्पण की अर्जी दाखिल करने के जवाब में यह अरेस्ट वॉरंट जारी किया था। इसके बाद से ही कहा जा रहा था कि नीरव मोदी को कभी भी अरेस्ट किया जा सकता है। अधिकारियों ने बताया कि जांच एजेंसी को हाल में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा वारंट जारी करने के बारे में सूचित किया गया था और नीरव मोदी को जल्द ही स्थानीय पुलिस (लंदन मेट्रोपॉलिटन पुलिस) द्वारा गिरफ्तार करने की बात कही गई थी।

 अब प्रत्यर्पण का होगा प्रयास

नीरव मोदी की गिरफ्तारी के बाद भारत सरकार ब्रिटेन से प्रत्यर्पण का प्रयास करेगी. सूत्रों के मुताबिक अब भारत से सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की एक टीम लंदन के लिए रवाना होगी. इस बीच नीरव मोदी मामले को लेकर CBI और ED की टीम लगातार UK अथॉरिटी और लंदन में मौजूद भारतीय हाई कमीशन के संपर्क में है.

प्रत्यर्पण को लेकर बीते दिनों विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा था कि हम इस मामले में कार्यवाही कर रहे हैं. लंदन में वह दिख गया, इसका यह मतलब नहीं है कि हम उसको तुरंत भारत ले आएंगे. इसके लिए एक प्रक्रिया होती है, जो हम कर रहे हैं. विदेश मंत्रालय ने कहा था कि हमने पिछले साल अगस्त में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण का अनुरोध किया था. हम अच्छी तरह से जानते हैं कि वह ब्रिटेन में है, अन्यथा हम यह अनुरोध नहीं करते. हमने ED और CBI से मिली जानकारी के आधार पर प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध किया है, अभी ब्रिटेन की ओर से जवाब आना बाकी है.

नीरव मोदी को लेकर विपक्ष के निशाने पर है सरकार

लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान नीरव मोदी को लेकर विपक्षी पार्टियां लगातार मोदी सरकार को घेर रही हैं. विपक्ष का आरोप है कि सरकार की नाकामी की वजह से नीरव मोदी लंदन भागने में सफल रहा. दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार कह चुके हैं जो भी लोग भारत के पैसे लेकर भाग गए हैं, उन्हें सरकार भारत लाएगी. इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.

क्या है पीएनबी घोटाला 

11,400 हजार करोड़ का पीएनबी घोटाला देश का सबसे बड़ा बैंकिंग घोटाला है। नीरव मोदी इसका मुख्य आरोपी है। इसमें नीरव के मामा मेहुल चौकसी भी शामिल हैं। 7 साल तक पीएनबी घोटाला चलता रहा, लेकिन आरबीआई और वित्त मंत्रालय को इसकी भनक तक नहीं लगी। इस घोटाले में बैंक के कई कर्मचारी भी शामिल थे जिनपर कार्रवाई की जा रही है।इस पूरे मामले में लेटर ऑफ अंडरटेकिंग यानी एलओयू शामिल है। यह एक तरह की गारंटी होती है, जिसके आधार पर दूसरे बैंक खातेदार को पैसा मुहैया करा देते हैं। अब यदि खातेदार डिफॉल्ट कर जाता है तो एलओयू मुहैया कराने वाले बैंक की यह जिम्मेदारी होती है कि वह संबंधित बैंक को बकाए का भुगतान करे। नीरव के खिलाफ दर्ज चार्जशीट के मुताबिक, पीएनबी से फर्जी एलओयू के माध्यम से दुबई और हॉन्ग कॉन्ग स्थित शेल कंपनियों के अकाउंट में नीरव मोदी को पैसा मिला।

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