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मनोहर सरकार ने किया धोखा

इन्हांसमेंट पर जजों की रिपोर्ट में सरकार ने किया बदलाव और घोटाले को दिया अंजाम : यशवीर मलिक

Hisar Today 

अर्चना त्रिपाठी | हिसार टुडे
2018 को हुए मेयर चुनाव में जब इन्हांसमेंट का मुद्दा गूंजने लगा तब सेक्टरवासियों ने अपने घर के सामने लिखा कि “भाजपा वाले डोर बेल न बजाये” उसके बाद हिसार और प्रदेश भर में भाजपा के खिलाफ उठी हवा को ठंडा करने का काम मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने यहिक मेयर चुनाव से दो दिन पहले 14 दिसम्बर 2018 को रैली के दौरान घोषणा करते हुए तुरंत एक नोटिफिकेशन जारी करते हुए यह वादा किया था कि इन्हांसमेंट को लेकर सरकार ने निर्णय ले लिया है और तुरंत रात साढ़े 8 बजे सरकार ने नोटिफिकेशन सरकार के पोर्टल पर जारी कर दिया। इस फैसले के बाद भाजपा के प्रत्याशियों को राहत मिली और उन्होंने बड़े मार्जिन से पूरे प्रदेश में जीत दर्ज की। परन्तु अब दुबारा इन्हांसमेंट का मुद्दा गूंजने लगा है। हरियाणा स्टेट हुडा सेक्टर्स काॅनफीड्रेशन के संयोजक यशवीर मलिक ने आरोप लगाया कि सरकार ने मेयर चुनाव के दौरान जारी नोटिफिकेशन को ही बदल दिया है। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने उनसे 3 जजों की रिपोर्ट को छुपा कर रखा है, जो सरकार की नियत पर शक पैदा करता है। यशवीर मालिक का यहां तक आरोप है कि हैरत तो इस बात की है कि सरकार ने जिन 3 जजों की रिपोर्ट के आधार पर रीकैल्कुलेशन करवाने का वादा किया था, मगर ऐसा सरकार नहीं करवा रही, बल्कि अपनी मनमर्जी से हुडा अधिकारी इन्हांसमेंट का कैलकुलेशन कर रहे हैं। जो कहीं न कहीं बड़े घोटाले का पर्दाफाश कर रहा है। यशवीर मालिक ने आरोप लगाया कि यह इतने करोड़ का घोटाला है जिसमें सरकार और उनके कुछ खास लोगों के साथ डिपार्टमेंट के अधिकारी शामिल हैं। यशवीर मलिक का कहना था कि अगर हम मांग करेंगे की सरकार अंधेरे में रख कर हमें दुबारा धोखा न दे और जजों के रिपोर्ट के आधार पर रीकैल्कुलेशन करवाए।
यशवीर मलिक ने कहा कि अगर सरकार ने साफ नियत से कार्य नहीं किया तो हम इस बार चुनाव में भाजपा के खिलाफ उतरेंगे और भाजपा को छोड़कर अन्य दल के प्रत्याशी को वोट देकर भाजपा के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे। इन्हांसमेंट के पुरे मसले पर हरियाणा स्टेट हुडा सेक्टर्स काॅनफीड्रेशन के संयोजक यशवीर मलिक ने हिसार टुडे से खास चर्चा की।

क्या कहती है जजों की रिपोर्ट
यशवीर मलिक के अनुसार जजों की रिपोर्ट के अनुसार 44 जगह को इनहांसमेंट से बाहर किया गया है, जिसमें मुख्यतः शामिल है स्कूल, कॉलेज, पुलिस स्टेशन, हॉस्पिटल, क्लब, दूध डेरी, पेट्रोल पंम्प, टैक्सी स्टैंड, गैस गोडाउन, ओल्डऐज होम, ऑडिटोरियम, फायर स्टेशन आदि। वहीं रिपोर्ट में 12 जगहों पर इनहांसमेंट लगाने की बात कही है, जिसमें शामिल है पार्क, ग्रीन बेल्ट, रोड, ट्यूबवेल, खुला क्षेत्र, वाटर वर्क, सीवेरज ट्रीटमेंमत प्लांट, अंडरग्रॉउंड सीवेरज, स्ट्रोम वाटर ड्रेन, कचरा मैदान, बस शेल्टर और चिल्डरन पार्क, कम्युनिटी सेंटर व जलघर सहित 12 उन जगहों की इनहांमेंट लगाने की बात कही गयी है जो इनके मालिक हों। जजों की रिपोर्ट के अनुसार अलॉटी, अगर रेजिडेंशियल व नॉन रेजिडेंशियल, लेसी व ट्रांसफरी के बीच अनुपात के हिसाब से इनहांसमेंट लगाई जानी चाहिए यानि जिसकी जो रेशो है उसकी इनहांसमेंट उसी हिसाब से लगेगी। मगर बावजूद इसके उन्होंने इन 12 जगहों की सारी इनहांसमेंट अलॉटियों पर थोंपी है। जो की गैरकानूनी है।

रीकैल्कुलेशन अब तक का सबसे बड़ा घोटाला, सीबीआई जांच हो
बता दें  कि यशवीर मलिक का आरोप है कि सरकार जानबूझ कर रीकैल्कुलेशन नहीं करवा रही, क्योंकि अगर वो करवाती है तो सरकार को खुद लोगों को पैसे वापस देने होंगे। साथ ही जिम्मेदारी फिक्स होगी और बड़ा घोटाला निकलकर सामने आएगा। जिसमें न केवल मुख्यमंत्री के लोग और अधिकारियों की भी इस घोटाले में मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि सीबीआई जांच हो, मगर मुख्यमंत्री उनकी मांगो को ही नजरअंदाज कर रहे हैं तो कैसे कह सकते हैं कि “मुख्यमंत्री ईमानदार हैं?”

3 जजों की रिपोर्ट को सरकार ने छुपाया, गलत मंशा उजागर
यशवीर मलिक ने कहा कि जब सरकार ने 3 जजों की नियुक्ति की, उनकी रिपोर्ट 1 महीने में आ जानी चाहिए थी, मगर 6 महीने बाद 3 जजों की रिपोर्ट आयी भी तो सरकार उसे 1 महीने तक छुपाती रही। उन्होंने न तो इसका जिक्र किया, न तो सरकारी वेबसाइट पब्लिक डोमेन में नहीं डाली गई। जब उन्होंने जजों से पता किया तब उन्हें पता चला कि रिपोर्ट तो सरकार के पास जा चुकी है। यशवीर मलिक का आरोप है कि अब तक सरकार ने उन्हें आधिकारिक रिपोर्ट सुपुर्द नहीं की। अब जब लोकसभा चुनाव आया तो दुबारा वही 2 लोगों से सेक्टर 3,4 और 5 का रीकैल्कुलेशन करवाना शुरू कर दिया। मगर जब उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि क्या उनके पास कोई नोटिफिकेशन आया तब अधिकारियों ने कहा नहीं। जिसका सीधा अर्थ है कि गैरकानून रूप से रीकैल्कुलेशन का काम अधिकारी कर रहे थे, जो सरकार की गलत मंशा पर सवाल उठाता है।

करोड़ों की इन्हांसमेंट थोपी जा रही
बता दंे कि 62 सेक्टर में 5270 करोड़, 105 सेक्टर को उन्होंने 12 और 13 हजार करोड़ का इन्हांसमेंट देना था, मगर आंदोलन को देखते हुए उन्होंने वो अभी तक भिजवाया नहीं। इस इन्हांसमेंट में कुल 1 लाख 20 हजार लोग प्रभावित हैं।

मुख्यमंत्री ने किया ‘झूठा वादा’ और मेयर चुनाव के बाद बदल दिया नोटिफिकेशन
हरियाणा स्टेट हुडा सेक्टर्स काॅनफीड्रेशन के संयोजक यशवीर मलिक ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर सरकार की वादा खिलाफी और जुमलेबाजी पर रोष जताते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वादा खिलाफी की हो। उन्होंने सेक्टरवासियों के साथ ऐसा 4 बार किया। जब मुख्यमंत्री को लगा कि सभी पांचों नगर निगम सीटों पर वह मेयर का चुनाव हारने जा रहे हैं तो उन्होंने 14 दिसम्बर को रातों-रात नोटिफिकेशन जारी किया, मगर जैसे ही चुनाव आये वह जीत गए तो उन्होंने 1 अप्रैल को पूरा का पूरा नोटिफिकेशन ही बदल कर रख दिया। उस समय मुख्यमंत्री ने हमें लॉलीपॉप दिया, रीकैल्कुलेशन शुरू करवा दी और चुनाव होते ही रीकैल्कुलेशन बंद करवा दी। भाजपा को हराने वाले प्रत्याशी को देंगे वोट यशवीर मलिक ने कहा कि सरकार की नियत साफ नहीं कि वो हमारी मांग माने। इसीलिए हमने यह फैसला लिया है कि हम पुरे जिले में सभा करके लोगो से अपील कर रहे हैं कि भाजपा को वोट न डालें, बल्कि उसे डालें जो भाजपा को हरा सके। इतना ही नहीं इसके लिए उन्होंने हर सेक्टर में काॅनफीड्रेशन के आदमी तैनात रहेंगे। हर एक बूथ पर 10 लोग तैनात रहेंगे और आखिरी दम तक भाजपा को हराने में लगे रहेंगे।

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